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फास्ट फूड में हो सकती है फास्ट कमाई

फास्ट फूड में बनाएं करियर
नूडल्स आजकल घर-घर का फूड आइटम बन चुके हैं। खास तौर से बच्चों और युवाओं में यह जबर्दस्त लोकप्रिय है। इन दिनों ये बाजार में दो किस्मों में उपलब्ध हैं-रेडी-टू-ईट और प्लेन नूडल्स। इनके बढ़ते बाजार को देखते हुए कई बड़ी कंपनियां इनके निर्माण के कारोबार में आ गई हैं। इसके बावजूद, लोकल मार्केट में नूडल्स निर्माण के क्षेत्र में आम लोगों के लिए भी काफी स्कोप है। बढ़ती मांग, बढ़ती संभावनाएं इस काम में मेहनत तो है लेकिन रिटर्न भी अच्छा मिलता है। इस कारोबार में आपको इतना कुछ मिल सकता है, जो आपने सोचा भी नहीं होगा। इसमें फ्यूचर भी है क्योंकि यह फूड से जुड़ा कारोबार है। देश में खाने-पीने के शौकीन लोग बहुत हैं।
खासकर युवा तो नूडल्स के दीवाने हैं। इस आइटम को लोग इसलिए भी अधिक पसंद कर रहे हैं क्योंकि यह इंस्टेंट फूड है। इसे तुरंत बनाकर खा सकते हैं। टीवी और अखबारों में जब से इसके विज्ञापन आने लगे हैं, तब से यह बिजनेस और बढ़ा है। यदि आप कोई ऐसा काम करना चाहते हैं, जिसमें रोज कैश हाथ आए, तो नूडल्स मैन्युफैक्चरिंग ऐसा ही काम है। रोज नूडल्स बनाओ, बेचो और रोज कैश लो। इस प्रोडक्ट को बेचना भी ज्यादा कठिन नहीं है। जितने भी खाने-पीने के मार्केट हैं, मॉल, रेस्तरां, स्कूल-कॉलेज हैं, उन सब जगहों पर आप इसे बेच सकते हैं। आजकल तो नूडल्स और चाउमिन गली-गली में बिक रहे हैं। हालांकि अब गांव-कस्बों में भी यह आइटम खूब पसंद किया जा रहा है लेकिन यह कारोबार शहरी इलाके में करना बेहतर रहेगा।
कितनी पूंजी चाहिए नूडल्स मैन्युफैक्चरिंग के काम में दो से ढाई लाख रुपए चाहिए क्योंकि इस काम में मशीनरी की भी जरूरत होगी, जैसे स्टीमर मशीन, रोलर मशीन और मिक्सर मशीन। इन मशीनों को खरीदने में लगभग इतना खर्च आ जाएगा। अगर आपको अधिक प्रोडक्शन करना है, तो इन मशीनों से 12 से 14 घंटे काम ले सकते हैं। मैन्युफैक्चरिंग के इस काम के लिए कम से कम 4 लोग भी चाहिए। इनमें 2 मशीन ऑपरेट करने के लिए और 2 लेबर होंगे। इस काम के लिए जगह भी कम से कम 100 गज होनी चाहिए क्योंकि मैन्युफैक्चरिंग के अलावा माल को स्टोर करने के लिए भी जगह की जरूरत होगी। ट्रेनिंग की जरूरत नूडल्स का कारोबार करने के लिए किसी खास ट्रेनिंग की जरूरत नहीं होती। थोड़ा पढ़ा-लिखा कोई भी व्यक्ति इस काम को कर सकता है। मगर जो लोग पहले कहीं मार्केटिंग या सेल्स में काम कर चुके हैं, उनके लिए यह प्लस पॉइंट होगा क्योंकि उन्हें पहले से पता रहेगा कि माल को कैसे बेचना है।
फिर भी, यह जरूरी है कि आप थोड़ी-बहुत बेसिक चीजें सीखकर इस फील्ड में आएं। मार्केट में ऐसे कई मैन्युफैक्चरर्स हैं, जो नए लोगों को इंटर्नशिप भी देते हैं। इस काम में मशीन चलाने के लिए भी दो प्रशिक्षित लोग चाहिए। वैसे तो जब आप यह काम शुरू करेंगे, तो कारीगर खुद ही आपसे संपर्क करेंगे। इसके अलावा, जहां से आप मशीनरी खरीदते हैं, वे लोग भी कारीगर उपलब्ध करा देते हैं। प्रोडक्ट की मार्केटिंग मैन्युफैक्चरिंग और मार्केटिंग दो अलग-अलग काम हैं। इसलिए आपको कुछ ऐसे प्रशिक्षित लोग रखने होंगे, जो तैयार माल को मार्केट में ले जाकर बेचें, लोगों को आपका प्रोडक्ट दिखाएं। मार्केटिंग टीम रखने से एक फायदा यह भी है कि जब वे फील्ड में रहेंगे, तो मार्केट की जरूरत भी पता लगती रहेगी कि कितना माल बनाना है। ध्यान रहे, नूडल्स पूरी तरह ड्राई नहीं होते। यह थोड़ा स्टीम्ड आइटम है। अगर इसे 24 घंटे रखेंगे, तो फ्रीजर की जरूरत होगी वरना फंगस लग सकता है। ऐसे में जब बाजार में खपत पता रहेगी, तो उसी हिसाब से प्रोडक्शन घटा-बढ़ाकर आप मैन्युफैक्चरिंग करेंगे और रोज माल सप्लाई होता रहेगा। ऐसे में फ्रीजर की आवश्यकता नहीं होगी।

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