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पिछला परिवर्तन-Sunday, 18 Jun 2017 04:36:28 AM

म्यूचुअल फंड खुदरा निवेशकों पर लाभांश कर से पड़ेगा 740 करोड़ रुपए का बोझ

मुंबई। सरकार की अगले वित्त वर्ष से लाभांश पर 10 प्रतिशत कर लगाने की योजना है और अगर इसे अमल में लाया जाता है तो म्यूचुअल फंड में के जरिए इक्विटी में निवेश करने वाले 4.6 करोड़ से अधिक निवेशकों को झटका लग सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार इस कदम से इन निवेशकों पर करीब 740 करोड़ रुपए का बोझ पड़ सकता है। हालांकि उद्योग संगठन एसोसिएशन आफ म्यूचुअल फंड इन इंडिया (एएमएफआई) इस मामले को पहले ही वित्त मंत्रालय के समक्ष रख चुका है। उसे उम्मीद है कि सरकार उसकी मांग पर ध्यान देगी और योजना को ठंडे बस्ते में डाल देगी।
कर विभाग द्वारा हाल ही में आयकर कानून 2017 की धारा 115बीबीडीए में संशोधन को अधिसूचित किए जाने के बाद यह आशंका सामने आई है। इस संशोधन के अनुसार अगर करदाता की आय 10 लाख रुपए से अधिक है तो शेयर में म्यूचुअल फंड के जरिए निवेश पर प्राप्त लाभांश के उपर 10 प्रतिशत की दर से कर लगाया जाएगा। इक्विटी लिंक्ड म्यूचुअल फंड उद्योग करीब 7,000 अरब रुपए है और कंपनियां औसतन 1.4 प्रतिशत लाभांश भुगतान करती हैं जो 7,400 करोड़ रुपए बनता है। इस पर 10 प्रतिशत की दर से कर लगेगा।
उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार अगर योजना लागू होती है तो अगले साल अप्रैल से करीब 740 करोड़ रुपए का अतिरिक्त कर बोझ पड़ेगा। फिलहाल म्यूचुअल फंड को आयकर कानून की धारा 1203डी के तहत म्यूचुअल फंड में निवेश पर कर से छूट है। इस बारे में पूछे जाने पर एएएमएफआई के एक अधिकारी ने कहा कि उन्होंने इस बारे में वित्त मंत्रालय के समक्ष अपनी बातें रखी है। हमने खुदरा निवेशकों पर कर नहीं लगाने का अनुरोध किया है क्योंकि यह बाजार धारणा को प्रभावित करेगा। उसने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि लाभांश पर कर लगाने का प्रस्ताव अमल में नहीं आएगा।

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