Tech News: AI की दुनिया में महाक्रांति, ओपनएआई ने लॉन्च किया GPT-6 Astra, कंपनी के प्रेसिडेंट बोले- AGI युग में आपका स्वागत है
ओपनएआई (OpenAI) ने अपना सबसे शक्तिशाली एआई मॉडल GPT-6 Astra लॉन्च कर दिया है जिसे एजीआई (AGI) युग की शुरुआत माना जा रहा है। टेक्सस के स्टार्गेट साइट पर 1 लाख से अधिक जीपीयू की मदद से तैयार यह मॉडल इंसानों की तरह कंप्यूटर चला सकता है कोडिंग कर सकता है और इसने गणित के 80 साल पुराने रिकॉर्ड भी तोड़े हैं। हालांकि इसके क्रिटिकल हैकिंग खतरों को लेकर साइबर सुरक्षा की चेतावनी भी जारी की गई है।
Tech News: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में शुक्रवार को एक ऐतिहासिक मोड़ आया है। सैम ऑल्टमैन की अगुवाई वाली कंपनी ओपनएआई (OpenAI) ने अपना नया और अब तक का सबसे शक्तिशाली फ्लैगशिप एआई मॉडल ‘GPT-6 Astra’ आधिकारिक तौर पर रोलआउट करना शुरू कर दिया है।
तकनीकी गलियारों में इस लॉन्चिंग को मानव इतिहास के एक नए युग यानी AGI (Artificial General Intelligence) की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। कंपनी के प्रेसिडेंट ग्रेग ब्रॉकमैन ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान बेहद आत्मविश्वास के साथ कहा कि भविष्य में इस तारीख को उस बिंदु के रूप में याद किया जाएगा जहां से एजीआई युग का उदय हुआ था। उन्होंने अपनी बात को खत्म करते हुए कहा की एजीआई युग में आपका स्वागत है।
ओपनएआई का चार्टर एजीआई को एक ऐसी प्रणाली के रूप में परिभाषित करता है जो अधिकांश आर्थिक रूप से मूल्यवान कार्यों में इंसानों को भी पीछे छोड़ देती है। कंपनी के अनुसार, ‘GPT-6 Astra’ को उसके पिछले मॉडल GPT-5.6 Sol की जगह लाया गया है। यह नया मॉडल कंप्यूटर का स्वतंत्र रूप से उपयोग करने, वेब ब्राउजिंग, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, साइबर सुरक्षा, वैज्ञानिक शोध और जटिल प्रोफेशनल काम करने में पूरी तरह सक्षम है।
इसे इस तरह से प्रशिक्षित (Train) किया गया है कि यह किसी इंसान की तरह स्क्रीन पर सॉफ्टवेयर ऑपरेट कर सकता है—जैसे ऑनलाइन फॉर्म भरना, ग्राहकों के रिकॉर्ड अपडेट करना, कैलेंडर व्यवस्थित करना, वित्तीय मॉडलिंग करना, टैक्स की तैयारी और गेम डेवलपमेंट जैसे मुश्किल काम यह पलक झपकते ही कर सकता है।
1 लाख से ज्यादा जीपीयू पर हुआ तैयार, तोड़े गणित के 80 साल पुराने रिकॉर्ड
सीईओ सैम ऑल्टमैन ने इस ऐतिहासिक लॉन्च पर खुशी जाहिर करते हुए बताया कि इस मॉडल ने काम करने के उनके खुद के तरीके (Workflow) को पूरी तरह बदल दिया है। Astra को टेक्सस में स्थित कंपनी के सबसे बड़े ‘स्टार्गेट’ (Stargate) साइट पर 1,00,000 से अधिक जीपीयू (GPUs) का उपयोग करके तैयार किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी ने इस मॉडल की ट्रेनिंग की निगरानी के लिए पहली बार अन्य एआई मॉडल्स का सहारा लिया है।
ओपनएआई के दावों के अनुसार, एस्ट्रा ने अभाज्य संख्याओं (Prime Numbers) के बीच के अंतर से जुड़े दो जटिल गणितीय परिणामों को सुलझाने में मदद की है, जिसमें एक ऐसा रिकॉर्ड (Bound) भी शामिल है जो पिछले 80 से अधिक वर्षों से अटूट था। हालांकि, स्वतंत्र बेंचमार्क फर्म ‘आर्टिफिशियल एनालिसिस’ की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ इंडेक्स पर एस्ट्रा अपने प्रतिद्वंद्वी ‘एंथ्रोपिक’ (Anthropic) के मॉडल्स से थोड़ा पीछे भी नजर आया है।
साइबर सुरक्षा के लिए बड़ी चेतावनी: ‘क्रिटिकल’ थ्रेशोल्ड पर पहुंचा मॉडल
इस मॉडल की बेतहाशा ताकत ने सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। ओपनएआई ने खुद स्वीकार किया है कि Astra उनके ‘प्रिपेयर्डनेस फ्रेमवर्क’ के तहत क्रिटिकल (Critical) खतरे के स्तर पर पहुंचने वाला पहला मॉडल है। इसका मतलब यह है कि यह मॉडल बिना किसी मानवीय निर्देश के, सुरक्षित सिस्टम के खिलाफ खुद-ब-खुद काम करने वाले जीरो-डे (Zero-day) वायरस या हैकिंग टूल्स ढूंढ सकता है और उनका इस्तेमाल कर सकता है।
इंटरनल टेस्टिंग के दौरान इसने दो अज्ञात कमियों (Vulnerabilities) को ढूंढ निकाला था, जिसे अब ठीक किया जा रहा है। सुरक्षा को देखते हुए एस्ट्रा फिलहाल हैकिंग कोड लिखने जैसे कामों को सीधे तौर पर मना कर देता है। ऑल्टमैन ने यह भी खुलासा किया कि इस मॉडल को आम जनता के लिए जारी करने से पहले डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन (Trump Administration) की समीक्षा और कड़ी सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ा है।
किसे और कैसे मिलेगा एक्सेस?
ओपनएआई के डेब्रेक प्रोग्राम से जुड़े कॉरपोरेट क्लाइंट्स को इसका एक्सेस सबसे पहले दिया जा रहा है। इसके बाद आने वाले दिनों में ChatGPT Plus, Pro, Business और Enterprise टियर के यूज़र्स को इसका अपडेट मिल जाएगा। एपीआई (API) यूज़र्स के लिए इसकी कीमत $10 प्रति मिलियन इनपुट टोकन और $50 प्रति मिलियन आउटपुट टोकन तय की गई है।
लगभग 852 अरब डॉलर की वैल्यूएशन वाली ओपनएआई का यह नया दांव एआई मार्केट में गूगल के जेमिनी (Gemini 3.8 Flash) और मेटा के म्यूज स्पार्क (Muse Spark 1.3) के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती साबित होने वाला है।
