Viratbharat_Logo

हरियाणा कृषि योजना: सीएम सैनी ने पेश किया स्मार्ट फार्मिंग रोडमैप, जानें पूरी डिटेल

हरियाणा में सीएम नायब सैनी ने स्मार्ट फार्मिंग का नया प्लान पेश किया। दक्षिण हरियाणा समेत पूरे राज्य में आधुनिक तकनीक, सूक्ष्म सिंचाई और ड्रिप सिस्टम से किसानों की लागत घटेगी। पढ़िए क्या है पूरा अपडेट - 
 | 
हरियाणा कृषि योजना: सीएम सैनी ने पेश किया स्मार्ट फार्मिंग रोडमैप, जानें पूरी डिटेल

चंडीगढ़, 24 सितंबर। हरियाणा सरकार ने प्रदेश की खेती को आधुनिक और तकनीक से जोड़ने के लिए स्मार्ट फार्मिंग का नया खाका तैयार किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कृषि और संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठक कर किसानों की लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

सीएम सैनी ने साफ किया कि आधुनिक तकनीक, ड्रोन तकनीक और सूक्ष्म सिंचाई के बिना खेती को टिकाऊ नहीं बनाया जा सकता। सरकार का मुख्य ध्यान विशेष रूप से पानी की कमी से जूझ रहे इलाकों में किसानों को कम खर्च में ज्यादा मुनाफा दिलाने पर रहेगा।

स्मार्ट फार्मिंग प्लान क्या है

सरकार की इस नई पहल के तहत प्रदेश में पारंपरिक खेती के साथ-साथ डिजिटल तकनीक को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जाएगा। योजना में मिट्टी की जांच से लेकर डिजिटल फसल सर्वेक्षण, सैटेलाइट आधारित निगरानी और कीटनाशक छिड़काव के लिए ड्रोन के उपयोग को विस्तार देने की तैयारी है।

कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, किसानों को अब केवल उपज बेचने तक सीमित नहीं रखा जाएगा बल्कि पैदावार की ग्रेडिंग, पैकेजिंग और सीधे बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को सीधे तकनीक से जोड़ा जाएगा।

दक्षिण हरियाणा के जिलों को क्या मिलेगा फायदा

रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, नारनौल और भिवानी जैसे दक्षिण हरियाणा के जिलों में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है। इस नए प्लान में इन जिलों के लिए ड्रिप इरिगेशन (टपक सिंचाई) और स्प्रिंकलर सिस्टम पर सब्सिडी और तकनीकी सहायता बढ़ाने पर फोकस रखा गया है।

कम पानी में तैयार होने वाली फसलों जैसे सरसों, बाजरा और दालों की वैज्ञानिक खेती को प्राथमिकता दी जाएगी। नारनौल और महेंद्रगढ़ के किसानों को सौर ऊर्जा आधारित पंपिंग सेट और स्मार्ट सेंसर से सिंचाई करने के लिए विशेष क्लस्टर में शामिल करने की योजना बनाई जा रही है।

पहले से चल रही योजनाओं से कैसे जुड़ेगा रोडमैप

हरियाणा में पहले से मेरा पानी-मेरी विरासत, भावंतर भरपाई योजना और मेरी फसल-मेरा ब्योरा जैसी व्यवस्थाएं काम कर रही हैं। नई नीति इन सभी योजनाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इंटीग्रेट करने की दिशा में कदम है।

अधिकारियों का कहना है कि अब किसान को मौसम का सटीक पूर्वानुमान, कीट प्रबंधन और सरकारी योजनाओं की जानकारी मोबाइल ऐप के जरिए रियल-टाइम में दी जाएगी। इससे बिचौलियों पर निर्भरता खत्म होगी और खाद-बीज की उपलब्धता पारदर्शी रहेगी।

कृषि विभाग को दिए निर्देश 

कृषि विभाग को अगले दो हफ्तों में जिला स्तर पर कार्ययोजना बनाने और पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। पहले चरण में चयनित गांवों में किसानों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण शिविर लगाए जाएंगे, जिसके बाद ग्राम पंचायत स्तर पर ड्रोन और स्मार्ट कृषि उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी।

Around the web