चंडीगढ़, 29 मार्च 2025: हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन सिरसा जिले के रानिया से इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के विधायक अर्जुन चौटाला ने राज्य में कैंसर रोगियों की लगातार बढ़ती संख्या पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने सरकार से कैंसर के प्रसार को रोकने की योजनाओं, अस्पतालों में उपलब्ध उपचार सुविधाओं और इस बीमारी के बढ़ते मामलों के कारणों के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी।
अर्जुन चौटाला ने अपने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में कैंसर जांच अभियानों और इन पर होने वाले सरकारी खर्च का ब्योरा मांगा। उन्होंने उन जिलों की सूची भी मांगी, जहां कैंसर जांच की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके साथ ही, उन्होंने कैंसर की दवा “बेवाकिजुमैब” की ऊंची कीमत पर प्रकाश डाला, जिसकी लागत करीब 1.5 लाख रुपये प्रति इंजेक्शन है। उन्होंने बताया कि मरीजों को हर 15 से 20 दिन में यह इंजेक्शन लेना पड़ता है, लेकिन ज्यादातर लोग इसे वहन करने में असमर्थ हैं। चौटाला ने तुलना करते हुए कहा कि चंडीगढ़ के पीजीआई में यह इंजेक्शन 15,000 रुपये में उपलब्ध है, वहीं पंजाब के मुल्लांपुर कैंसर अस्पताल में इसकी कीमत 30,000 रुपये है।
उन्होंने हरियाणा सरकार की वित्तीय सहायता नीति की आलोचना की, जहां कैंसर के तीसरे और चौथे चरण में मरीजों को केवल 3,000 रुपये की मदद दी जाती है। इसके विपरीत, पंजाब सरकार 1.5 लाख रुपये की सहायता प्रदान करती है, जिससे मरीज पीजीआई में 10 बार उपचार करा सकते हैं। चौटाला ने कहा, “कैंसर न सिर्फ मरीज को प्रभावित करता है, बल्कि पूरे परिवार को बर्बाद कर देता है। सरकार को मरीजों के लिए वित्तीय सहायता बढ़ानी चाहिए।”
चौटाला ने सरकार से जिला अस्पतालों को नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) के दिशानिर्देशों के अनुसार अपग्रेड करने की मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, लैप्रोस्कोपी, इम्यूनोथेरेपी, हार्मोन थेरेपी, लक्षित थेरेपी और स्टेम सेल प्रत्यारोपण जैसे सभी सात प्रकार के कैंसर उपचार उपलब्ध कराने चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन सुविधाओं की उपलब्धता कैंसर की रोकथाम और मरीजों की देखभाल की गुणवत्ता में बड़ा बदलाव ला सकती है।
विधायक ने सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने का आग्रह किया ताकि हरियाणा के कैंसर रोगियों को बेहतर इलाज और आर्थिक सहायता मिल सके। इस प्रस्ताव पर सदन में चर्चा के बाद सरकार से जवाब की प्रतीक्षा की जा रही है।
(संवाददाता)