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Gurugram EWS Plot Scam: गुरुग्राम में गरीबों के प्लॉट पर बना दीं 7 मंजिला इमारतें, 43% संपत्तियां अवैध, सुप्रीम कोर्ट पहुंची रिपोर्ट

गुरुग्राम की 5 डीएलएफ कॉलोनियों में गरीबों (EWS) के लिए आरक्षित प्लॉटों पर अवैध रूप से 7 मंजिला इमारतें और दुकानें बनाने का बड़ा खुलासा हुआ है। टीसीपी की सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, 43% संपत्तियों में उल्लंघन मिला है, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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Gurugram EWS Plot Scam: गुरुग्राम में गरीबों के प्लॉट पर बना दीं 7 मंजिला इमारतें, 43% संपत्तियां अवैध, सुप्रीम कोर्ट पहुंची रिपोर्ट

गुरुग्राम: साइबर सिटी गुरुग्राम के वीआईपी इलाकों में गरीबों के आशियाने के लिए आरक्षित जमीनों पर रसूखदारों के गजब खेल का एक सनसनीखेज भंडाफोड़ हुआ है। डीएलएफ (DLF) की पांच प्राइम कॉलोनियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए आवंटित प्लॉटों पर नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए सात-सात मंजिला इमारतें और आलीशान व्यावसायिक परिसर खड़े कर दिए गए हैं। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग (TCP) की ओर से किए गए एक विस्तृत सर्वे के बाद यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है जिसकी अंतिम स्टेटस रिपोर्ट अब देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) में दाखिल कर दी गई है।

5 हजार से ज्यादा संपत्तियों का सर्वे, यू-ब्लॉक में सबसे ज्यादा धांधली

टीसिपी (TCP) विभाग द्वारा पेश किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इन पांचों डीएलएफ कॉलोनियों की कुल 5,099 संपत्तियों की सघन जांच की गई। इनमें से करीब 43 प्रतिशत संपत्तियां सीधे तौर पर अनधिकृत निर्माण या अवैध व्यावसायिक इस्तेमाल की दोषी पाई गई हैं। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि इन कॉलोनियों के यू ब्लॉक (U-Block) में सबसे गंभीर उल्लंघन देखने को मिला है। यहाँ नियमों को ताक पर रखकर आवासीय प्लॉटों में बड़े-बड़े कमर्शियल जिम, डायग्नोस्टिक क्लीनिक और धड़ल्ले से दुकानें चलाई जा रही हैं। विशेष रूप से डीएलएफ फेज-3 (DLF Phase-3) में अवैध निर्माण की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई है।

गरीबों के प्लॉटों पर रसूखदारों का कब्जा: आंकड़ों का गणित

इस पूरे खेल की क्रोनोलॉजी को देखें तो डीएलएफ फेज-5 (DLF Phase-V) में चिन्हित 204 अवैध संपत्तियों में से 128 (यानी करीब 62.75%) प्लॉट मूल रूप से गरीबों के लिए आवंटित थे जिन पर अवैध निर्माण कर लिया गया। इसी तरह फेज-4 (DLF Phase-IV) में पकड़े गए 356 उल्लंघनों में से 158 (44.38%) प्लॉट ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के थे। वहीं फेज-1 (DLF Phase-I) में 464 चिन्हित संपत्तियों के बीच 19 बड़े उल्लंघन के मामले सामने आए हैं। इस चौंकाने वाली रिपोर्ट को 10 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया था जिसे बाद में 7 सितंबर 2026 तक की ताजा कार्रवाई के साथ अपडेट किया गया।

35 लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में हड़कंप, सीलिंग की कार्रवाई शुरू

खेल सिर्फ इन 5 कॉलोनियों तक सीमित नहीं है। टीसीपी के हलफनामे के मुताबिक अगस्त-सितंबर 2026 के दौरान गुरुग्राम की कुल 35 लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों का विस्तृत सर्वे किया गया था। इसमें 8,309.8 एकड़ में फैली इन कॉलोनियों के 65,127 स्वीकृत प्लॉटों में से करीब 8,248 संपत्तियों में प्रथम दृष्टया गंभीर अवैध निर्माण या बिल्डिंग प्लान का उल्लंघन पाया गया है।

विभाग अब इस पर बड़ा हंटर चलाने की तैयारी में है। अब तक 6,465 संपत्तियों को कारण बताओ नोटिस और 4,810 को मूल स्थिति में लौटने (बहाली) के सख्त आदेश जारी किए जा चुके हैं। हालांकि धरातल पर अभी तक केवल 128 संपत्तियों पर ही सीलिंग या तोड़फोड़ (बुलडोजर) की बड़ी कार्रवाई हो सकी है। विभाग का स्पष्ट कहना है कि संपत्ति मालिकों के जवाब और अंतिम सुनवाई के बाद नियमों के तहत बाकी अवैध ढांचों को भी चरणबद्ध तरीके से जमींदोज या सील किया जाएगा।

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