Haryana ACB Action: झज्जर में भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार, आपराधिक केस से नाम हटाने के बदले ₹1.50 लाख की रिश्वत लेते एएसआई रंगे हाथ गिरफ्तार
झज्जर/बहादुरगढ़: हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी) ने एक और बड़ी और सर्जिकल स्ट्राइक की है। ब्यूरो की झज्जर यूनिट ने बहादुरी और सटीक रणनीति का परिचय देते हुए झज्जर जिले के थाना सिटी बहादुरगढ़ में तैनात एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) नवीन को डेढ़ लाख रुपये की मोटी रिश्वत रकम लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। खाकी को दागदार करने वाले इस अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
क्रिमिनल केस से नाम हटाने की एवज में डील
इस पूरे खेल की कहानी साल 2024 के एक पुराने धोखाधड़ी के मामले से जुड़ी है। दरअसल, बहादुरगढ़ सिटी थाने में 7 दिसंबर 2024 को शिकायतकर्ता की सास सुनीता चहल के खिलाफ धारा 406 और 420 (अमानत में खयानत और धोखाधड़ी) के तहत एफआईआर नंबर 502 दर्ज की गई थी। इस मामले की जांच कर रहे एएसआई नवीन (नंबर 688/झज्जर) ने केस का खौफ दिखाकर शिकायतकर्ता को डराना शुरू कर दिया। आरोपी एएसआई ने धमकी दी कि वह इस केस में शिकायतकर्ता की पत्नी अनु चहल, साली जन्नत और ससुर धर्मेंद्र का नाम भी घसीट देगा। इन तीनों के नाम केस से दूर रखने और उन्हें क्लीन चिट देने के बदले जांच अधिकारी ने ₹3 लाख की अवैध घूस मांगी।
₹3 लाख की डिमांड और ₹1.50 लाख पर रजामंदी
शिकायतकर्ता रसूखदार पुलिसकर्मी के आगे लाचार था, लेकिन वह भ्रष्टाचार के आगे झुकना नहीं चाहता था। मोल-तोल के बाद आरोपी एएसआई ₹1.50 लाख (डेढ़ लाख रुपये) तुरंत नकद लेने पर राजी हो गया। इसी बीच शिकायतकर्ता ने चुपके से इस पूरी डिमांड की जानकारी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को दे दी। शिकायत मिलते ही एसीबी की टीम तुरंत एक्शन मोड में आ गई और कानून के दायरे में रहकर आरोपी को दबोचने के लिए एक अचूक जाल (Trap) तैयार किया गया।
केमिकल लगे नोटों के जाल में फंसा एएसआई
एसीबी की टीम ने पाउडर लगे नोटों की गड्डी तैयार कर शिकायतकर्ता को सौंपी। जैसे ही शिकायतकर्ता ने बहादुरगढ़ में तय ठिकाने पर एएसआई नवीन को ₹1,50,000 की रिश्वत राशि सौंपी और आरोपी ने उसे अपने पास रखा, वैसे ही सादे कपड़ों में मुस्तैद एसीबी की विजिलेंस टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। आरोपी के हाथ धुलवाए गए तो वे गुलाबी हो गए जिससे उसकी संलिप्तता मौके पर ही वैज्ञानिक रूप से साबित हो गई। एसीबी रोहतक थाने में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की धारा 7 के तहत एफआईआर नंबर 30 दर्ज की गई है। पुलिस विभाग का कहना है कि सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत ऐसे भ्रष्ट कर्मियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
