Haryana News: मिलावटखोरों की अब खैर नहीं, मात्र ₹20 में 10 मिनट में पता चलेगी दूध और मसालों की शुद्धता, हरियाणा सरकार का बड़ा कदम
Haryana News: त्योहारों का सीजन शुरू होने से ठीक पहले हरियाणा सरकार ने मिलावटखोरों पर नकेल कसने और आम जनता को शुद्ध खाद्य पदार्थ मुहैया कराने के लिए एक बेहद अनोखी और राहत भरी योजना की शुरुआत की है। अब प्रदेश का कोई भी नागरिक मात्र 20 रुपये की मामूली फीस देकर अपने घर में इस्तेमाल होने वाले दूध, घी, मसालों, दालों और खाने के तेल की शुद्धता की जांच मौके पर ही करवा सकता है। इस जांच की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके परिणाम के लिए लोगों को हफ्तों इंतजार नहीं करना पड़ेगा बल्कि महज 10 से 12 मिनट में शुरुआती रिपोर्ट सामने आ जाएगी।
FSSAI की 5 हाईटेक मोबाइल वैन संभालेंगी कमान
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने इस महत्वकांक्षी योजना की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की ओर से राज्य को पांच विशेष मोबाइल फूड सेफ्टी वैन (Mobile Food Safety Vans) दी गई हैं जिन्हें फील्ड में तैनात कर दिया गया है।
ये चलती-फिरती अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं (Mobile Labs) शहर के मुख्य बाजारों, व्यस्त बस स्टैंडों, स्कूल-कॉलेजों और भीड़भाड़ वाले आवासीय इलाकों में नियमित रूप से काउबॉय करेंगी जहां कोई भी आम नागरिक अपने घरेलू खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए सौंप सकेगा।
मेलों और त्योहारों के सीजन में ऑन-द-स्पॉट एक्शन
अधिकारियों के मुताबिक, आगामी त्योहारी सीजन और बड़े सार्वजनिक मेलों/आयोजनों में इन मोबाइल वैन की भूमिका बेहद अहम होने वाली है। ऐसे मौकों पर अस्थायी रूप से लगने वाले चाट-पकौड़े के स्टालों, मिठाइयों की दुकानों और अन्य खाद्य काउंटरों पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी (Food Safety Officers) अचानक पहुंचकर संदिग्ध वस्तुओं के सैंपल लेंगे और मौके पर ही 10 मिनट में दूध या मावे की शुद्धता भांप लेंगे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह एक त्वरित और शुरुआती जांच (Preliminary Test) होगी। यदि इस ऑन-द-स्पॉट टेस्ट में किसी भी खाद्य सामग्री में घातक केमिकल, डिटर्जेंट या स्टार्च जैसी मिलावट की पुष्टि या गंभीर आशंका पाई जाती है तो स्वास्थ्य विभाग नियमानुसार उस दुकान या ब्रांड के खिलाफ केस दर्ज कर सैंपल को मुख्य रेफरल लैब में विस्तृत कानूनी जांच के लिए भेजेगा जिसके आधार पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जांच के साथ मिलेगी 'स्मार्ट ईटिंग' की ट्रेनिंग
यह मोबाइल लैब सिर्फ जांच का जरिया नहीं, बल्कि जागरूकता का एक बड़ा रथ भी साबित होगी। वैन के साथ चलने वाले फूड सेफ्टी एक्सपर्ट्स और तकनीकी कर्मचारी मौके पर मौजूद उपभोक्ताओं को यह भी सिखाएंगे कि बाजार से सामान खरीदते समय पैकेट पर छपे न्यूट्रिशन लेबल को कैसे पढ़ा जाता है, फोर्टिफाइड फूड (पोषक तत्वों से भरपूर भोजन) की सही पहचान क्या है और रसोई में खाने-पीने की चीजों को लंबे समय तक बैक्टीरिया-मुक्त और साफ-सुथरे तरीके से कैसे स्टोर किया जा सकता है।
