हरियाणा में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: IAS मुकुल कुमार और अजय कुमार समेत कई अधिकारियों के तबादले
चंडीगढ़, 26 सितंबर। हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से देर रात एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। शासन की ओर से जारी आदेशों के तहत वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों, जिनमें मुकुल कुमार, अजय कुमार और निखिल गजराज शामिल हैं, के विभागों में फेरबदल करते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। माना जा रहा है कि यह कदम विभिन्न विभागों के कामकाज में तेजी लाने और जिला स्तर पर प्रशासनिक नियंत्रण को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार स्थानांतरित अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से अपना नया पदभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। इस फेरबदल के तहत नागरिक उड्डयन, शहरी स्थानीय निकाय, खाद्य एवं आपूर्ति तथा जिला स्तर के प्रशासनिक पदों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं।
जारी आदेशों के मुताबिक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मुकुल कुमार और अजय कुमार को नई प्रशासनिक भूमिकाओं में तैनात किया गया है। वहीं निखिल गजराज के पास मौजूद जिम्मेदारियों में पुनर्गठन करते हुए उन्हें महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं। सरकार की मंशा है कि अनुभवी अधिकारियों के माध्यम से लंबित परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जाए।
प्रशासनिक स्तर पर हुए इस फेरबदल का सीधा असर आम जनता से जुड़ी नागरिक सेवाओं पर पड़ेगा। नई तैनाती के बाद जिलों और विभागों में अटके पड़े विकास कार्यों, जैसे पेयजल आपूर्ति, सड़क निर्माण और स्थानीय निकायों की फाइलों की मंजूरी में तेजी आने की उम्मीद है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि नए अधिकारियों की प्राथमिकता सीधे जनता से जुड़ी शिकायतों का जल्द से जल्द निवारण करना होगी।
गौरतलब है कि हरियाणा सरकार समय-समय पर विभागों के प्रदर्शन और जमीनी स्तर पर योजनाओं की समीक्षा के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव करती रही है। इससे पहले भी सुशासन और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तर पर बड़े स्तर पर तबादले किए जा चुके हैं। हालिया तबादले उसी नियमित प्रक्रिया और प्रशासनिक जरूरत का हिस्सा माने जा रहे हैं।
आदेश जारी होने के साथ ही संबंधित अधिकारियों द्वारा अगले 24 से 48 घंटों में अपने नए विभागों का प्रभार ग्रहण करने की संभावना है। पदभार संभालते ही नए अफसर अपने-अपने विभागों के प्राथमिक मुद्दों की समीक्षा करेंगे जिसके बाद जिलों में विकास योजनाओं को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
