हरियाणा में जेबीटी शिक्षकों की बल्ले-बल्ले! टीजीटी प्रमोशन की आखिरी तारीख तय, DEEO पर होगी सख्त कार्रवाई
चंडीगढ़: हरियाणा के हजारों जेबीटी और सीएंडवी शिक्षकों के लिए इंतजार की घड़ियां अब खत्म होने वाली हैं। प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने साफ कर दिया है कि टीजीटी पद पर पदोन्नति के लिए पात्र शिक्षकों के केस अब और लटकाए नहीं जाएंगे। निदेशालय ने सभी जिलों के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO) को 30 सितंबर 2026 तक हर हाल में पात्र शिक्षकों के प्रमोशन केस मुख्यालय भेजने के निर्देश जारी किए हैं और इस बार चेतावनी साफ शब्दों में है की देरी हुई तो जिम्मेदारी अधिकारी की होगी।
बरसों से पदोन्नति की राह देख रहे शिक्षकों के लिए यह खबर उम्मीद की किरण जैसी है लेकिन साथ ही यह उन अधिकारियों के लिए भी संकेत है जो फाइलों को दबाकर बैठे रहते हैं। निदेशालय ने इसे अंतिम अवसर करार दिया है यानी अब कोई बहाना नहीं चलेगा।
किसे मिलेगा फायदा
यह पदोन्नति जेबीटी और सीएंडवी कैडर के उन शिक्षकों को मिलेगी जो टीजीटी के मैथ्स, इंग्लिश, हिंदी, पंजाबी, साइंस, होम साइंस, संस्कृत और उर्दू विषयों के लिए पात्र हैं। लेकिन इसके लिए दो शर्तें अनिवार्य हैं जिसमे शिक्षक की शैक्षणिक योग्यता 31 मार्च 2026 तक पूरी होनी चाहिए और उसका HTET पास होना जरूरी है। जिन शिक्षकों ने अभी तक HTET क्वालिफाई नहीं किया उनके केस आगे नहीं बढ़ेंगे।
दोहरी प्रक्रिया, दोहरी जिम्मेदारी
निदेशालय ने DEEO को निर्देश दिया है कि हर केस की हार्ड कॉपी हाथों-हाथ भेजने के साथ-साथ तय ईमेल आईडी पर सॉफ्ट कॉपी भी भेजी जाए, ताकि कोई भी फाइल बीच में अटकी न रह जाए। जिन शिक्षकों के केस 2025-26 में पहले ही भेजे जा चुके हैं, उन्हें दोबारा भेजने की जरूरत नहीं। लेकिन जिनके केस 2025 से पहले भेजे गए थे उन्हें अपडेटेड ACR समरी शीट और नए NOC के साथ फिर से भेजना होगा क्योंकि अब पुराना रिकॉर्ड अब नहीं चलेगा।
40,773 शिक्षकों की सूची पहले ही जारी
इस पूरी कवायद की बुनियाद वह राज्यस्तरीय वरिष्ठता सूची है जिसमें क्रमांक 1 से 40,773 तक शिक्षकों के नाम विभाग की वेबसाइट पर पहले ही डाले जा चुके हैं। इसी सूची के आधार पर हर केस की जांच होगी और पदोन्नति हरियाणा सर्विस रूल्स 2021/2023 के प्रावधानों के मुताबिक तय होगी।
शिक्षा विभाग का इशारा साफ है की इस बार लापरवाही की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी। जिन शिक्षकों को लगता है कि उनका केस अभी तक जिला कार्यालय से आगे नहीं बढ़ा, उन्हें अपनी वरिष्ठता, योग्यता और HTET स्थिति खुद जांचकर संबंधित DEEO कार्यालय से संपर्क करना चाहिए, ताकि 30 सितंबर की डेडलाइन से पहले उनका केस मुख्यालय तक पहुंच सके।
