Haryana Teacher Promotion: हरियाणा में JBT शिक्षकों के प्रमोशन पर सख्त आदेश, लापरवाही पर नपेंगे अधिकारी
चंडीगढ़ / पंचकूला, 25 सितंबर। हरियाणा में वर्षों से पदोन्नति की राह देख रहे जेबीटी (JBT) और सीएंडवी (C&V) शिक्षकों के लिए मौलिक शिक्षा निदेशालय ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने राज्य के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO) को स्पष्ट निर्देश जारी कर 30 सितंबर तक हर हाल में पात्र शिक्षकों का पूरा रिकॉर्ड मुख्यालय भेजने को कहा है। साफ चेतावनी दी गई है कि यदि किसी भी जिले से एक भी पात्र शिक्षक का नाम छूटा, तो संबंधित DEEO के खिलाफ सीधी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
निदेशालय के मुताबिक जिलों की लेटलतीफी के चलते शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया अटकी हुई थी। इसे लेकर मुख्यालय ने अब इसे 'मोस्ट अर्जेंट' श्रेणी में डालते हुए अंतिम अवसर दिया है।
पूरा मामला क्या है
हरियाणा के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत जेबीटी और सीएंडवी शिक्षक लंबे समय से प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) पद पर पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं। विभाग ने इसके लिए 40,773 तक के शिक्षकों की राज्यस्तरीय वरिष्ठता सूची भी जारी कर दी है।
नियमों के तहत 31 मार्च 2026 तक जरूरी योग्यता पूरी करने वाले और मान्य हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) पास अध्यापक ही इस पदोन्नति के दायरे में आएंगे। इसके बावजूद कई जिलों से शिक्षकों की सर्विस बुक, एनओसी और वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) का मिलान समय पर पूरा नहीं किया जा रहा था। अब विभाग ने सर्विस रूल्स के तहत ही केस स्वीकार करने के आदेश दिए हैं।
अधिकारियों की तय होगी सीधी जवाबदेही
निदेशालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पहले भी कई बार पत्राचार कर रिकॉर्ड मांगा गया था, लेकिन जिला स्तर पर लापरवाही बरती गई।
आधिकारिक निर्देशों के अनुसार, यदि 2025 से पहले किसी शिक्षक का केस मुख्यालय भेजा गया था, तो उसे भी निरस्त माना जाएगा। उसके स्थान पर नई समरी शीट, अपडेटेड ACR और हालिया अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के साथ नया केस भेजना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में अगर कोई पात्र शिक्षक कोर्ट जाता है या विवाद की स्थिति बनती है, तो इसके लिए सीधे तौर पर DEEO जिम्मेदार ठहराए जाएंगे।
दक्षिण हरियाणा के जिलों में शिक्षकों की उम्मीदें बढ़ीं
रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, नारनौल और मेवात कैडर समेत दक्षिण हरियाणा के जिलों में बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक हैं जो पिछले कई सालों से प्रमोशन की पात्रता रखते हैं। स्थानीय स्तर पर कागजात जमा करने के बावजूद फाइलें आगे नहीं बढ़ पा रही थीं। मुख्यालय के इस अल्टीमेटम से उन शिक्षकों में राहत है जो अपनी पदोन्नति सूची का इंतजार कर रहे थे। टीजीटी पदों पर प्रमोशन होने से मिडिल और हाई स्कूलों में विभिन्न विषयों के शिक्षकों की कमी भी दूर होगी।
जल्द शिक्षा विभाग फाइनल स्क्रूटनी शुरू करेगा
30 सितंबर तक सभी जिलों से डाटा मुख्यालय पहुंचते ही शिक्षा विभाग फाइनल स्क्रूटनी शुरू करेगा। इसके बाद विषयवार (जैसे टीजीटी अंग्रेजी, गणित, विज्ञान आदि) चयनित शिक्षकों की अंतिम पदोन्नति सूची और ऑनलाइन काउंसलिंग का शेड्यूल जारी किया जाएगा। विभाग का लक्ष्य नए शैक्षणिक सत्र की जरूरतों को देखते हुए जल्द से जल्द इन शिक्षकों को मिडिल स्कूलों में नई पोस्टिंग देना है।
