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Haryana News: हरियाणा में बिजली विभाग के JE को काम में कोताही पड़ी भारी, कैबिनेट मंत्री ने बैठक में ही ठोंका सस्पेंशन

हरियाणा के सहकारिता मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने चरखी दादरी में जन परिवाद समिति की बैठक के दौरान बिजली आपूर्ति में लापरवाही बरतने पर विभाग के एक जेई (JE) को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए हैं। बैठक में 8 अन्य शिकायतों का भी निवारण किया गया। पढ़िए पूरी खबर - 
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Haryana News: हरियाणा में बिजली विभाग के JE को काम में कोताही पड़ी भारी, कैबिनेट मंत्री ने बैठक में ही ठोंका सस्पेंशन

चरखी दादरी/चंडीगढ़: हरियाणा में सरकारी काम में लापरवाही और ढुलमुल रवैया अपनाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। ताजा मामला चरखी दादरी जिले से सामने आया है जहां जनता की समस्याओं को ठंडे बस्ते में डालना बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (JE) को बेहद भारी पड़ गया। जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति (Grievances Committee) की मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे सूबे के सहकारिता मंत्री श्री अरविंद कुमार शर्मा ने लापरवाही के दोषी जेई को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

घसोला फीडर की बिजली किल्लत से भड़के जनप्रतिनिधि

बैठक के दौरान क्षेत्र के पार्षदों कुलदीप और दीपक नागवान ने बिजली आपूर्ति की गंभीर समस्या का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने शिकायत की कि घसोला फीडर से चलने वाले क्षेत्र के लोग लंबे समय से अघोषित बिजली कटौती और सुस्त मरम्मत कार्य के कारण भारी किल्लत झेल रहे हैं, लेकिन बार-बार गुहार लगाने के बावजूद स्थानीय अधिकारी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

जब मंत्री ने इस बाबत विभाग के आला अधिकारियों से जवाब तलब किया, तो उन्होंने बताया कि काम में लापरवाही बरतने के कारण संबंधित जेई को पहले ही चार्जशीट (Charge-sheet) किया जा चुका है। इस पर कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा बिफर पड़े। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, "जब विभाग ने खुद यह मान लिया है कि जेई चार्जशीटेड है, तो यह पूरी तरह साफ हो जाता है कि उसके काम में गंभीर कोताही रही है।" उन्होंने मंच से ही आदेश दिया कि ऐसे गैर-जिम्मेदार कर्मचारी को तुरंत निलंबित किया जाए और जब तक उसकी कार्यप्रणाली में पूरी तरह सुधार न हो, तब तक उसे बहाल न किया जाए।

राजस्व विभाग को भी निर्देश, मौके पर निपटीं 8 शिकायतें

समीक्षा बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री के सामने कुल 10 शिकायतें रखी गईं जिनमें 5 मामले पहले से लंबित थे और 5 बिल्कुल नए आए थे। प्रशासनिक तत्परता दिखाते हुए मंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश देकर 8 शिकायतों का स्थाई समाधान करवा दिया।

इसके साथ ही, जिला राजस्व अधिकारी (DRO) कार्यालय से जुड़ी शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जमीन या राजस्व से जुड़ी किसी भी जांच प्रक्रिया में हर हाल में मूल शिकायतकर्ता को शारीरिक रूप से शामिल किया जाए, ताकि जांच पारदर्शी बनी रहे और किसी के साथ अन्याय न हो। उन्होंने चेताया कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध निवारण न करने वाले किसी भी विभाग के अफसर को बख्शा नहीं जाएगा।
 

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