Haryana News: उचानी में अक्टूबर में 5 दिन की मुफ्त बागवानी ट्रेनिंग, आज ही करें ऑनलाइन आवेदन
Haryana News: करनाल के किसान परिवारों के लिए अक्टूबर का महीना कुछ खास लेकर आया है। हरियाणा सरकार के बागवानी विभाग ने उचानी स्थित उद्यान प्रशिक्षण संस्थान में पांच अलग-अलग पांच-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों का शेड्यूल जारी किया है। राज्य के किसी भी जिले से कोई भी इच्छुक अभ्यर्थी इनमें हिस्सा ले सकता है, बशर्ते आवेदन समय पर हो जाए क्योंकि सीटें सीमित हैं और चयन "पहले आओ, पहले पाओ" के आधार पर होगा।
आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। उद्यान विभाग की वेबसाइट kaushal.hortharyana.gov.in पर जाकर कोई भी 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र का व्यक्ति रजिस्ट्रेशन कर सकता है। जिन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया मुश्किल लगती है, उनके लिए विभाग ने एक वैकल्पिक रास्ता भी खुला रखा है। जिला उद्यान अधिकारी, उद्यान विकास अधिकारी या सीधे उचानी संस्थान में जाकर, कार्य दिवसों पर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे के बीच, मौके पर रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकता है।
पांच प्रशिक्षण, पांच अलग विषय
पहला प्रशिक्षण फल और सब्जियों के प्रसंस्करण, परिरक्षण और मूल्यवर्धन पर केंद्रित है यानी अगर आपके पास ताज़ी उपज है और आप उसे जैम, अचार या सूखे उत्पाद में बदलकर ज़्यादा कीमत पाना चाहते हैं, तो यही कोर्स आपके लिए है। यह 5 से 9 अक्टूबर तक चलेगा, सीटें सिर्फ़ 40 हैं, और रजिस्ट्रेशन 28 सितंबर सुबह 10 बजे से शुरू होकर 4 अक्टूबर शाम 5 बजे बंद हो जाएगा।
दूसरा कोर्स फल उत्पादन तकनीक पर है, 12 से 16 अक्टूबर के बीच, फिर से 40 सीटें, आवेदन की खिड़की 28 सितंबर से 11 अक्टूबर शाम तक खुली रहेगी। ठीक इसी हफ्ते, यानी 12 से 16 अक्टूबर को ही, एक और खास कोर्स भी चलेगा - Nursery Management as per HHN Rules-2026। यह नए हरियाणा हॉर्टिकल्चर नर्सरी नियमों को समझने का मौका है, हालांकि सीटें यहाँ सिर्फ़ 20 हैं, इसलिए मुकाबला थोड़ा कड़ा रह सकता है। इसके आवेदन 5 अक्टूबर से 9 अक्टूबर शाम तक लिए जाएंगे।
पॉली हाउस और संरक्षित खेती में दिलचस्पी रखने वालों के लिए 19 से 23 अक्टूबर का कोर्स है सब्जियों और फूलों की संरक्षित खेती तथा पॉली हाउस के रख-रखाव पर, 40 सीटें, रजिस्ट्रेशन 5 से 18 अक्टूबर शाम तक। और महीने का आख़िरी कार्यक्रम खुंब यानी मशरूम उत्पादन और तुड़ाई के बाद के प्रबंधन पर होगा - 26 से 30 अक्टूबर, 40 सीटें, आवेदन 16 से 23 अक्टूबर शाम तक स्वीकार किए जाएंगे।
रहना-खाना मुफ्त, आने-जाने का किराया भी सरकार देगी
यहाँ एक बात ध्यान देने लायक है की ये प्रशिक्षण सिर्फ़ ज्ञान देने तक सीमित नहीं हैं। विभाग प्रशिक्षार्थियों के ठहरने और खाने की पूरी व्यवस्था मुफ्त करेगा। इतना ही नहीं, आने-जाने का बस किराया भी सीधे बैंक खाते में डीबीटी के ज़रिए भेजा जाएगा। यानी दूर-दराज़ के जिलों से आने वाले किसानों के लिए भी यह आर्थिक रूप से बोझ नहीं बनेगा।
बस एक शर्त साफ़ कर दी गई है की जिन अभ्यर्थियों ने पहले किसी विषय पर प्रशिक्षण ले लिया है, वे दोबारा उसी विषय के लिए आवेदन न करें। लगता है विभाग सीमित सीटों का फ़ायदा ज़्यादा से ज़्यादा नए किसानों तक पहुँचाना चाहता है।
किसानों के लिए इसका मतलब क्या है?
खेती से जुड़े लोगों के लिए यह सिर्फ़ एक सर्टिफिकेट कोर्स नहीं, बल्कि सीधे कमाई से जुड़ा मौका है। जैसे फल-सब्ज़ी प्रसंस्करण का प्रशिक्षण — अगर कोई किसान सीधे मंडी में कच्चा माल बेचने की बजाय उसे प्रोसेस करके बेचना सीख ले, तो मुनाफ़ा कई गुना बढ़ सकता है। इसी तरह पॉली हाउस और नर्सरी प्रबंधन वाले कोर्स उन किसानों के लिए मूल्यवान हैं जो पारंपरिक खेती से हटकर उच्च-मूल्य वाली फसलों की तरफ़ जाना चाहते हैं।
