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हिसार में पेंशन के लिए रिश्वत मांगना पड़ा भारी, डाटा एंट्री ऑपरेटर रंगे हाथ गिरफ्तार

हिसार के ई-दिशा केंद्र में विधुर पेंशन बनवाने के एवज में 2,500 रुपये रिश्वत मांगने वाला डाटा एंट्री ऑपरेटर विजेंद्र कुमार ACB की ट्रैप कार्रवाई में रंगे हाथ पकड़ा गया है। BNS और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज करके पुलिस की जांच जारी है। 
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हिसार में पेंशन के लिए रिश्वत मांगना पड़ा भारी, डाटा एंट्री ऑपरेटर रंगे हाथ गिरफ्तार

Haryana News: हिसार के एडीसी कार्यालय स्थित ई-दिशा केंद्र में तैनात एक डाटा एंट्री ऑपरेटर को मंगलवार को राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी की पहचान विजेंद्र कुमार के तौर पर हुई है जो हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRNL) के माध्यम से ई-दिशा केंद्र में कार्यरत था। मांगी गई रकम बड़ी नहीं थी सिर्फ 2,500 रुपये थे  लेकिन जिस वजह से यह मांगी गई वो कहानी को ज़्यादा तकलीफदेह बनाती है। 

शिकायतकर्ता विनोद कुमार पेशे से प्राइवेट ड्राइवर हैं और न्यू ऋषि नगर के रहने वाले हैं। इस साल 25 जनवरी को उनकी पत्नी कविता का निधन हो गया था। पत्नी की मौत के बाद विनोद ने विधुर पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया और यह सोचकर कि सरकारी सहायता से थोड़ी राहत मिलेगी। लेकिन महीनों बीत गए और फाइल आगे नहीं बढ़ी। 

पेंशन से जुड़े काम के लिए विनोद कई बार ई-दिशा केंद्र में विजेंद्र कुमार के पास गए। हर बार कोई न कोई वजह बताकर टाल दिया गया। 29 सितंबर को जब वे दोबारा पहुंचे तो विजेंद्र ने सीधे पेंशन बनवाने के बदले 2,500 रुपये की मांग रख दी। 

यहीं से कहानी पलटी। विनोद ने रिश्वत मांगने की बातचीत को अपनी रिकॉर्डिंग डिवाइस में दर्ज कर लिया और सीधे ACB से संपर्क किया। 

कैसे बिछा पूरा जाल

शिकायत मिलते ही ACB ने रूटीन प्रक्रिया अपनाई नहीं और जांच पहले, कार्रवाई बाद में करने का फैसला लिया। शिकायत का नियमानुसार सत्यापन करने के बाद टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। यह पूरी कार्रवाई इंस्पेक्टर मुकेश कुमार के नेतृत्व में, राजपत्रित अधिकारी अंजू चौधरी जो राजकीय महाविद्यालय, मंगाली की प्राचार्य हैं की मौजूदगी में की गई। जैसे ही विनोद ने केमिकल-लगे 2,500 रुपये विजेंद्र को सौंपे, ACB टीम ने उसे उसी वक्त पकड़ लिया। 

आरोपी के खिलाफ अभियोग संख्या 39, दिनांक 29 सितंबर 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के अंतर्गत हिसार स्थित राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो थाने में मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल जांच जारी है और आगे किन पहलुओं का खुलासा होता है, यह अधिकारियों की पड़ताल पूरी होने के बाद ही साफ होगा। 

पहले भी आई है ऐसी घटनाएं सामने

यह पहला मामला नहीं जब हरियाणा में डाटा एंट्री ऑपरेटर स्तर पर रिश्वतखोरी सामने आई हो। कुछ हफ्ते पहले रोहतक में भी एक डाटा एंट्री ऑपरेटर को ड्रग लाइसेंस फाइल आगे बढ़ाने के एवज में 12 हजार रुपये लेते ACB ने पकड़ा था। पैटर्न साफ नज़र आता है की फाइल छोटी हो या बड़ी, जिस स्तर पर आम नागरिक सबसे ज़्यादा सरकारी दफ्तरों में चक्कर काटता है, रिश्वत की शिकायतें वहीं सबसे ज़्यादा आती हैं।

आम आदमी के लिए इसका मतलब क्या है

विधुर पेंशन दरअसल हरियाणा सरकार की "विधुर एवं अविवाहित व्यक्ति वित्तीय सहायता योजना" के तहत आती है। इसके लिए आवेदक का हरियाणा का निवासी होना, उम्र 40 साल पार होना और सालाना आय 3 लाख रुपये से कम होना ज़रूरी है। साथ ही Family ID के ज़रिए वेरिफिकेशन होता है। फरवरी 2026 में सरकार ने इस तरह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन में 200 रुपये की बढ़ोतरी की थी जिसके बाद राशि अब 3,200 रुपये प्रतिमाह हो चुकी है। यानी विनोद जैसे लाभार्थी के लिए यह पेंशन कोई छोटी रकम नहीं बल्कि हर महीने की स्थिर आमदनी है, जिसे बिना रिश्वत दिए पाना उनका हक है, एहसान नहीं। शिकायत दर्ज कराने का यह मामला बाकी पीड़ितों को भी यही भरोसा देता है कि सबूत के साथ शिकायत करने पर कार्रवाई होती है। 

अभी क्या साफ नहीं है

विनोद की पेंशन फाइल का क्या हुआ, क्या वह अब भी लंबित है और ACB जांच में विजेंद्र कुमार से और किन शिकायतों का पता चला इन सवालों के जवाब अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आए हैं और जैसे ही इस बारे में और अधिक जानकारी सामने आती है तो विराट भारत की और से उसको प्रकाशित किया जायेगा।