राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर पलवल DC डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर का बड़ा आह्वान: "रक्तदान ही बचाएगा अनमोल जीवन"
पलवल (हरियाणा): जब किसी सड़क दुर्घटना, थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चे या प्रसूति के दौरान अस्पताल के बेड पर पड़ी जिंदगी और मौत के बीच झूलती सांसों के लिए खून की जरूरत पड़ती है, तब कोई दवा या आधुनिक मशीन काम नहीं आती। वहां सिर्फ एक चीज जीवन बचाती है - इंसान का इंसान को दिया गया रक्त। इसी मानवीय संवेदनशीलता को रेखांकित करते हुए राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के मौके पर पलवल जिला प्रशासन ने एक बड़ा संदेश दिया है।
हरियाणा सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत पलवल के उपायुक्त एवं जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने जिलेवासियों से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की।
डा. छिल्लर ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "रक्त का कोई भी कृत्रिम विकल्प अब तक विज्ञान नहीं बना पाया है। जरूरत के समय केवल स्वैच्छिक रक्तदाता ही मरीजों के लिए असली जीवनरक्षक साबित होते हैं। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को न केवल नया जीवन दे सकता है, बल्कि उसके पूरे परिवार के चेहरे पर मुस्कान वापस ला सकता है।"
रेडक्रॉस सोसाइटी और स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों को इस मुहिम की धुरी बनाना है। उपायुक्त ने कहा कि रक्तदान केवल एक औपचारिक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह दूसरों के प्रति हमारी संवेदनशीलता और परोपकार का सबसे व्यावहारिक उदाहरण है।
अस्पतालों में सड़क हादसों के गंभीर मामलों, बड़ी सर्जरीज, कैंसर व थैलेसीमिया जैसी बीमारियों में नियमित रक्त की सप्लाई बनाए रखना एक चुनौती होती है। ऐसे में यदि स्वस्थ नागरिक हर तीन-चार महीने में रक्तदान करने की आदत डालें, तो ब्लड बैंकों में कभी खून की कमी नहीं होगी।
यदि आप 18 से 65 वर्ष के स्वस्थ व्यक्ति हैं और आपका वजन 45 किलोग्राम से अधिक है, तो आपका एक बार किया गया रक्तदान तीन अलग-अलग जिंदगियों को बचा सकता है (क्योंकि एक यूनिट ब्लड से रेड सेल्स, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा को अलग-अलग इस्तेमाल किया जाता है)। पलवल जिला प्रशासन ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) और विभिन्न नागरिक अस्पतालों व कॉलेजों में विशेष रक्तदान कैंप आयोजित किए हैं, जहां कोई भी नागरिक जाकर सुरक्षित माहौल में रक्तदान कर सकता है।
'सेवा संकल्प अभियान' के तहत पलवल जिले में आने वाले दिनों में शैक्षणिक संस्थानों, एनजीओ और औद्योगिक इकाइयों के सहयोग से लगातार रक्तदान व स्वास्थ्य जांच शिविरों का विस्तार किया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य जिला स्तर पर एक सक्रिय रक्तदाताओं की डायरेक्टरी तैयार करना है, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में दुर्लभ ब्लड ग्रुप्स के लिए भटकना न पड़े।
