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नूंह पुलिस का एक्शन: सस्ती फॉर्च्यूनर का लालच देकर लूटने वाला 8 साल बाद अरेस्ट

नूंह पुलिस ने 7 लाख में सस्ती फॉर्च्यूनर कार का झांसा देकर ₹4.30 लाख लूटने वाले 8 साल से फरार आरोपी सेकुल को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा।
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नूंह पुलिस का एक्शन: सस्ती फॉर्च्यूनर का लालच देकर लूटने वाला 8 साल बाद अरेस्ट

नूंह, 25 सितंबर। सस्ती फॉर्च्यूनर कार बेचने का लालच देकर लाखों रुपये की लूट करने वाले 8 साल से फरार उद्घोषित अपराधी (PO) को नूंह पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी राजस्थान के डीग जिले का रहने वाला है जिसने वर्ष 2018 में कर्नाटक के एक व्यापारी को जाल में फंसाकर वारदात को अंजाम दिया था।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार आरोपी की पहचान सेकुल निवासी गांव भीलमका (थाना व जिला डीग, राजस्थान) के रूप में हुई है। आरोपी लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था और कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित किया हुआ था। पुलिस ने आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ की और निशानदेही के बाद अदालत में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया गया है।

7 लाख में फॉर्च्यूनर का लालच, दिल्ली बुलाकर सोहना के पास लूटा

पूरा मामला 5 जनवरी 2018 का है। कर्नाटक निवासी मोहम्मद असरफ ने थाना रोजकामेव में शिकायत दर्ज कराई थी। असरफ के मुताबिक उसके पास एक फोन आया था जिसमें सिर्फ 7 लाख रुपये में फॉर्च्यूनर गाड़ी देने का सौदा तय हुआ।

सस्ती गाड़ी के झांसे में आकर पीड़ित अपने एक साथी के साथ डील पक्की करने दिल्ली पहुंचा। वहां आरोपियों ने दोनों को अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठा लिया और फिरोजपुर झिरका चलने की बात कही। लेकिन रास्ते में सोहना क्षेत्र के पास आरोपियों ने गाड़ी रोकी और पहले से घात लगाए बैठे अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर पीड़ित से 4 लाख 30 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए।

साइबर सेल ने मोबाइल से खोला था राज

वारदात के बाद पुलिस और साइबर सेल ने इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो और मोबाइल नंबरों की पड़ताल की। जांच में मुस्तकीम, शमशेर उर्फ दलशेर, राशिद, तैय्यब, मकसूद और सेकुल के नाम सामने आए थे। पुलिस ने मुस्तकीम और शमशेर को पहले ही दबोच लिया था।

पुलिस पड़ताल में सामने आया कि लूटा गया मोबाइल फोन बाद में कई हाथों से गुजरा। गहन जांच में खुलासा हुआ कि यह फोन आरोपी सेकुल ने ही आगे बेचा था और बाद में वापस लिया था। इसके बाद से ही सेकुल लगातार अपने ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बच रहा था।

मेवात-अलवर बॉर्डर पर सक्रिय हैं ऐसे गिरोह

हरियाणा-राजस्थान सीमा (नूंह, मेवात, डीग और अलवर) से जुड़े इलाकों में सोशल मीडिया और फोन कॉल के जरिए सस्ती गाड़ियां, सस्ता सोना या ऑनलाइन नीलामी के नाम पर दूसरे राज्यों के लोगों को बुलाकर लूटने का पुराना संगठित नेटवर्क काम करता रहा है।

अक्सर बाहरी राज्यों के लोग सस्ते सौदे के चक्कर में नकदी लेकर यहां पहुंचते हैं और बदमाशों का शिकार बन जाते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर बाजार भाव से बेहद सस्ते सामान या लग्जरी गाड़ियों के झांसे में न आएं और न ही सुनसान इलाकों में नकद लेनदेन करने जाएं।

पुलिस ने आरोपी सेकुल से पूछताछ कर घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए हैं। 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जाने के बाद अब पुलिस इस मामले में शामिल अन्य फरार साथियों की धरपकड़ के लिए राजस्थान और मेवात क्षेत्र में दबिश दे रही है।

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