Viratbharat_Logo

हरियाणा के पंचकूला में दिखेगा हाईटेक 3D रावण, रिमोट से घूमेंगे 10 सिर और तलवार

पंचकूला में इस बार 95 फीट ऊंचा 3D रावण बनेगा। इसके दसों सिर घूमते दिखेंगे और 70 फीट की ऊंचाई पर हवा में राम-रावण युद्ध होगा। जानिए इस हाईटेक आयोजन की पूरी डिटेल।
 | 
हरियाणा के पंचकूला में दिखेगा हाईटेक 3D रावण, रिमोट से घूमेंगे 10 सिर और तलवार

पंचकूला, 26 सितंबर। हरियाणा के पंचकूला में इस बार विजयादशमी का पर्व एक अनोखे और हाईटेक अंदाज में मनाया जाएगा। शहर में 95 फीट ऊंचा विशेष 3D (थ्री-डी) रावण का पुतला तैयार किया जा रहा है। इस पुतले की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसके दसों सिर घूमते हुए नजर आएंगे और हाथों में पकड़ी तलवार भी हवा में लहराती दिखाई देगी।

इस बार आयोजन का बजट करीब 25 लाख रुपये रखा गया है। आयोजकों का दावा है कि ऐसा 3D मैकेनिज्म ट्राइसिटी और आसपास के क्षेत्र में पहली बार श्रद्धालुओं और दर्शकों को देखने को मिलेगा।

70 फीट की ऊंचाई पर होगा राम-रावण महायुद्ध

इस बार दशहरे के मंचन में आधुनिक तकनीक और क्रेन मैकेनिज्म का इस्तेमाल किया जा रहा है। मैदान में जमीन से करीब 70 फीट की ऊंचाई पर भगवान श्रीराम और लंकापति रावण के बीच हवाई युद्ध का दृश्य फिल्माया जाएगा। इसके लिए क्रेन और हाइड्रोलिक लिफ्ट की मदद से पात्रों को हवा में संतुलित कर युद्ध का सजीव चित्रण करने की योजना बनाई गई है।

3D मैकेनिज्म और घूमते सिर की तकनीक

पुतले को बनाने वाले कारीगरों के मुताबिक, रावण के 10 सिरों में मोटर आधारित रोटेशनल गियर लगाए गए हैं। रिमोट कंट्रोल और इलेक्ट्रॉनिक स्विच सिस्टम से इन सिरों को 360 डिग्री और 180 डिग्री के कोण पर घुमाया जाएगा। इसके साथ ही पुतले के हाथों में लगी 3D तलवार भी घूमती हुई दिखाई देगी। इस पूरे दृश्य को और जीवंत बनाने के लिए स्पेशल लाइट और साउंड इफ़ेक्ट का भी बैकग्राउंड में प्रयोग होगा।

ट्राइसिटी और हरियाणा के दर्शकों में भारी उत्साह

पंचकूला के साथ-साथ चंडीगढ़, मोहाली और आसपास के जिलों (अंबाला, कुरुक्षेत्र) से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। बच्चों और युवाओं के लिए 3D पुतला और हवा में होने वाला राम-रावण युद्ध मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा। स्थानीय पुलिस और प्रशासन की तरफ से ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था को लेकर तैयारियां की जा रही हैं।

प्रदूषणमुक्त पटाखे और सुरक्षा इंतजाम

पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस बार भी आतिशबाजी में मुख्य रूप से ग्रीन क्रैकर्स और कम धुएं वाले केमिकल युक्त पटाखों का इस्तेमाल किया जाएगा। पुतले के दहन के वक्त सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है ताकि भारी भीड़ के बीच अग्निशमन वाहन और एम्बुलेंस की आवाजाही में कोई बाधा न आए। दशहरा कमेटी के पदाधिकारियों के अनुसार अगले 3 से 4 दिनों में पुतले का ढांचा पूरी तरह असेंबल कर लिया जाएगा, जिसके बाद फाइनल रिहर्सल की जाएगी।

Around the web