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रेवाड़ी से चलने वाली ट्रेनों में बढ़ेंगे कोच: 1 अक्तूबर से मिलेगी राहत, त्यौहार पर यात्रियों को मिलेगी राहत

त्योहारी सीजन में भीड़ को देखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे ने रेवाड़ी से चलने वाली चार ट्रेनों में 1 से 31 अक्तूबर तक अतिरिक्त जनरल कोच जोड़ने का फैसला लिया है, जिससे नियमित और त्योहारी यात्रियों दोनों को राहत मिलेगी। पढ़िए पूरी खबर 
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1 अक्तूबर से मिलेगी राहत, त्यौहार पर यात्रियों को मिलेगी राहत

Rewari News: रेवाड़ी स्टेशन से रोज़ सफर करने वाले हज़ारों यात्रियों के लिए अक्तूबर का महीना कुछ राहत लेकर आया है। दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों से पहले जब जनरल कोच में पैर रखने की जगह तक नहीं मिलती, ठीक उसी वक्त उत्तर पश्चिम रेलवे ने रेवाड़ी से गुज़रने वाली पांच जोड़ी ट्रेनों में अतिरिक्त डिब्बे जोड़ने का फैसला लिया है।

यह कोई अकेला कदम नहीं है। दरअसल, उत्तर पश्चिम रेलवे ने पूरे नेटवर्क में 48 जोड़ी ट्रेनों में कुल 135 कोच अस्थायी रूप से बढ़ाने का निर्णय लिया है, और रेवाड़ी इस बड़ी सूची का एक हिस्सा है। रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के मुताबिक, यह व्यवस्था 1 से 31 अक्तूबर तक लागू रहेगी यानी ठीक उस पूरे महीने, जब त्योहारी सीज़न के चलते ट्रेनों में सबसे ज़्यादा भीड़ उमड़ती है।

रेवाड़ी से किन रूटों पर बढ़ेंगे कोच

रेवाड़ी से जुड़ी जिन ट्रेनों में डिब्बे बढ़ाए जा रहे हैं, उनमें रेवाड़ी-मदार-रेवाड़ी, रेवाड़ी-फुलेरा-रेवाड़ी, रेवाड़ी-हिसार-रेवाड़ी और रेवाड़ी-रींगस-रेवाड़ी रेलसेवाएं शामिल हैं। इन सभी में एक से 31 अक्तूबर तक पांच-पांच अतिरिक्त द्वितीय सामान्य (जनरल) श्रेणी के डिब्बे जोड़े जाएंगे। मतलब सिर्फ इन चार रूटों पर ही 20 नए जनरल कोच यात्रियों को मिलेंगे और यह सुविधा पूरे महीने बनी रहेगी, किसी एक-दो दिन के लिए नहीं।

यह छोटी-सी डिटेल असल में बड़े मतलब की है। जनरल कोच में सफर करने वाले ज़्यादातर वो यात्री होते हैं जिनके पास रिज़र्वेशन नहीं होता या जो आख़िरी वक्त पर टिकट लेते हैं जिनमे मज़दूर, छात्र, छोटे व्यापारी, या घर लौटने की जल्दी में मौजूद कोई भी आम आदमी शामिल रहते है। त्योहारों में यही वर्ग सबसे ज़्यादा जूझता है क्योंकि जनरल डिब्बों की संख्या रिज़र्व्ड कोचों जितनी तेज़ी से नहीं बढ़ती।

नेटवर्क भर में और कहां मिलेगी राहत

अकेले रेवाड़ी ही नहीं, उत्तर पश्चिम रेलवे ने जयपुर-जोधपुर, अजमेर-अमृतसर, जयपुर-उदयपुर सिटी, जोधपुर-इंदौर, जोधपुर-वाराणसी, अजमेर-आगरा फोर्ट और बीकानेर-बांद्रा टर्मिनस समेत कई अन्य रेलसेवाओं में भी कोच बढ़ाने का फैसला किया है। इनमें से कुछ ट्रेनों में स्लीपर, थर्ड एसी जैसी रिज़र्व्ड श्रेणियों के डिब्बे भी शामिल हैं, जबकि रेवाड़ी से जुड़े रूटों पर फिलहाल सिर्फ जनरल श्रेणी पर ज़ोर दिया गया है।

गौर करने वाली बात यह है कि यह उत्तर पश्चिम रेलवे का इस साल का पहला ऐसा कदम नहीं है। रक्षाबंधन के मौके पर रेलवे ने 55 जोड़ी ट्रेनों में 148 डिब्बे बढ़ाए थे, और गर्मियों की छुट्टियों में भी इसी तरह की व्यवस्था की गई थी। यानी यह अब रेलवे की एक तय पैटर्न वाली रणनीति बन चुकी है की हर बड़े त्योहार या छुट्टी के सीज़न से ठीक पहले अस्थायी कोच बढ़ाना ताकि कन्फर्म बर्थ और जनरल सीट दोनों में यात्रियों को थोड़ी सांस मिल सके।

यात्रियों के मन में उठने वाले सवाल

सवाल: क्या इसके लिए अलग से किराया देना होगा?

जवाब: नहीं। बढ़ाए गए डिब्बे मौजूदा श्रेणी के ही हैं, इसलिए सामान्य किराया ही लागू रहेगा।

सवाल: यह सुविधा कब तक मिलेगी?

जवाब: रेवाड़ी से जुड़े चारों रूटों पर यह व्यवस्था सिर्फ 1 से 31 अक्तूबर तक ही रहेगी, इसके बाद कोच पहले की तरह घटा दिए जाएंगे।

सवाल: क्या इससे वेटिंग टिकट वालों को सीधा फायदा मिलेगा?

जवाब: जनरल कोच बढ़ने का सबसे सीधा असर उन्हीं यात्रियों पर पड़ता है जो बिना रिज़र्वेशन सफर करते हैं। भीड़ बंटेगी और चढ़ने-उतरने में थोड़ी आसानी होगी, हालांकि यह गारंटीड सीट नहीं है।

रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह कदम त्योहारी सीज़न में बढ़ने वाले यात्री दबाव को देखते हुए उठाया गया है, ताकि नियमित यात्रियों के साथ-साथ घर लौटने वाले प्रवासी यात्रियों को भी राहत मिल सके।