शाहाबाद में हड़कंप! रात 4 बजे घरों से उठाए गए किसान नेता, चढूनी बोले: दोपहर बाद तय होगी अगली रणनीति
कुरुक्षेत्र: हरियाणा के शाहाबाद में धान खरीद को लेकर मंगलवार को जो हंगामा शुरू हुआ था, वह बुधवार सुबह तक थमने का नाम नहीं ले रहा। नेशनल हाईवे पर हुए बवाल और लाठीचार्ज के बाद किसान रातभर बराड़ा रोड पर हाईवे के किनारे डटे रहे और पुलिस ने अंधेरे का फायदा उठाकर तड़के ही कार्रवाई शुरू कर दी।
रात करीब 4 बजे पुलिस टीमें भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) के जिला अध्यक्ष संजू नंबरदार और प्रदेश सचिव संजीव आलमपुर के घर पहुंचीं और दोनों को हिरासत में ले लिया। दिलचस्प बात यह है कि यही दोनों नेता मंगलवार से लगातार प्रदेशभर के किसानों से शाहाबाद पहुंचने की अपील कर रहे थे यानी आंदोलन को बड़ा रूप देने की कोशिश के बीच ही पुलिस ने इन्हें रास्ते से हटा दिया। इससे पहले मंगलवार के बवाल के दौरान ही भाकियू चढूनी के प्रवक्ता राकेश बैंस और जसवीर सिंह मामूमाजरा को भी हिरासत में लिया जा चुका था और देर रात तक उन्हें छोड़ा नहीं गया।
चढूनी खुद रातभर धरने पर डटे
इस पूरे आंदोलन की कमान संभाले भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी मंगलवार रात से ही धरना स्थल पर मौजूद हैं। उन्होंने सिख संगठनों और किसान यूनियनों से खुलकर आगे आने और आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। चढूनी का कहना है कि धरना बुधवार दोपहर तक जारी रहेगा और उसके बाद प्रदेशभर से पहुंचने वाले किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय होगी यानी असली फैसला अभी बाकी है।
इलाका बना छावनी, दोबारा टकराव की आशंका
बुधवार को बड़ी संख्या में किसानों के जुटने की आशंका के चलते शाहाबाद और आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। रातभर धरना स्थल की घेराबंदी रही और खुफिया विभाग की टीमें दूसरे किसान संगठनों के नेताओं की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। नेशनल हाईवे और जोड़ने वाली सड़कों पर अतिरिक्त बैरिकेडिंग कर सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। कुल मिलाकर धान खरीद की मांग अब सिर्फ स्थानीय विवाद नहीं रह गई बल्कि प्रशासन और किसान संगठनों के बीच सीधी टक्कर की शक्ल लेती दिख रही है।
