हरियाणा ACB की बड़ी कार्रवाई: रिश्वत लेते पकड़े गए शिक्षा विभाग के SDO और जूनियर इंजीनियर
सोनीपत, 23 सितंबर। हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के अभियान के तहत सोनीपत में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। ACB की टीम ने शिक्षा विभाग के इंजीनियरिंग विंग में कार्यरत उप-मण्डल अधिकारी (SDO) और जूनियर इंजीनियर (JEE/JE) को रिश्वत मांगने व लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि विभाग में चल रहे विकास कार्यों के बिलों को पास करने और बकाया राशि के भुगतान के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी। एसीबी की इस अचानक रेड के बाद शिक्षा विभाग के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
बिल पास करने के नाम पर कमीशन का दबाव
प्राप्त जानकारी के मुताबिक पीड़ित शिकायतकर्ता (सरकारी या सूचीबद्ध ठेकेदार) ने शिक्षा विभाग के अंतर्गत सरकारी स्कूलों में निर्माण/मरम्मत कार्य पूरा किया था। कार्य संपन्न होने के बाद जब उसने अपने बकाया बिलों के भुगतान के लिए अधिकारियों से संपर्क किया तो SDO और JEE द्वारा बिल की कुल राशि पर तय प्रतिशत के हिसाब से रिश्वत की मांग की जाने लगी। ठेकेदार द्वारा बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जब बिना कमीशन के बिल क्लीयरेंस से इनकार कर दिया गया तो उसने इसकी शिकायत रोहतक/सोनीपत स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) इकाई से की।
एसीबी का जाल और रंगे हाथों गिरफ्तारी
शिकायत दर्ज होने के बाद ACB की टीम ने मामले का सत्यापन किया और आरोपों को प्राथमिक रूप से सही पाया। इसके बाद एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। योजना के तहत शिकायतकर्ता को केमिकल लगे फिनॉल्पथलीन पाउडर वाले नोट देकर अधिकारियों के पास भेजा गया। जैसे ही अधिकारियों ने रिश्वत की तय रकम स्वीकार की आसपास पहले से तैनात ACB की टीम ने दबिश देकर दोनों को मौके पर ही दबोच लिया। आरोपियों के हाथों की धुलाई करवाने पर केमिकल का रंग गुलाबी आ गया जिससे रिश्वत लेने का प्रत्यक्ष प्रमाण मिल गया।
पहले भी उठते रहे हैं निर्माण विंग पर सवाल
हरियाणा शिक्षा विभाग के इंजीनियरिंग और सिविल विंग में कमीशनखोरी के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। दक्षिण और मध्य हरियाणा (रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, सोनीपत) के विभिन्न क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों की इमारतों, बाउंड्री वॉल और कमरों के निर्माण में ठेकेदारों से बिल पास कराने के नाम पर प्रतिशत फिक्स करने की शिकायतें लगातार मिलती रही हैं। इससे पूर्व भी उतरी हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) और स्थानीय विकास विभागों में JE स्तर के अधिकारियों पर गाज गिर चुकी है।
आम जन-सरकारी व्यवस्था पर इसका क्या असर?
शिक्षा विभाग में इस प्रकार का भ्रष्टाचार सीधे तौर पर स्कूली बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता को प्रभावित करता है। अधिकारियों द्वारा मांगे जाने वाले भारी कट/कमीशन के कारण ठेकेदार निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से समझौता करने पर मजबूर होते हैं। इसका सीधा नुकसान सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और ग्रामीण तबके के बच्चों को झेलना पड़ता है। ACB की इस सख्त कार्रवाई से रिश्वतखोर अधिकारियों में खौफ पैदा होगा और विभागीय कार्यों में पारदर्शिता आने की उम्मीद है।
आगे क्या होगी कार्रवाई?
अरेस्ट किए गए SDO और JEE के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की धारा-7 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। एसीबी की टीम दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस भ्रष्टाचार नेटवर्क में विभाग के अन्य कौन से बड़े अधिकारी या बिचौलिए शामिल हैं। साथ ही इनके परिसंपत्तियों और पुराने स्वीकृत बिलों की फाइलों की भी जांच की जा सकती है।
