Dubai Royal Family: दुबई के शासक के छोटे भाई शेख अहमद बिन राशिद अल मकतूम का निधन, 10 दिन के राजकीय शोक की घोषणा
दुबई: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के प्रमुख शहर दुबई से एक बेहद दुखद और बड़ी खबर सामने आई है। दुबई के शासक, यूएई के उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के सबसे छोटे भाई शेख अहमद बिन राशिद अल मकतूम का सोमवार को निधन हो गया है। वे 76 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। दुबई के शाही शासक परिवार (Al Maktoum Family) में हुए इस बड़े नुकसान से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।
शाही परिवार के इस दुखद घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही दुबई मीडिया ऑफिस और शासक न्यायालय (Ruler's Court) ने आधिकारिक बयान जारी कर दिवंगत आत्मा के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
दुबई में 10 दिन के राजकीय शोक की घोषणा, आधे झुके रहेंगे झंडे
शेख अहमद बिन राशिद अल मकतूम के सम्मान और उनके निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए दुबई सरकार ने पूरे अमीरात में 10 दिनों के आधिकारिक राजकीय शोक (Official Mourning Period) की घोषणा की है। यह शोक अवधि सोमवार से शुरू होकर आगामी दिनों तक प्रभावी रहेगी।
प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, इस 10 दिवसीय शोक के दौरान पूरे दुबई में सभी सरकारी मंत्रालयों, विभागों, अर्ध-सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक भवनों पर संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रीय ध्वज (Flags) आधे झुके (Half-Mast) रहेंगे। इसके साथ ही, स्थानीय रेडियो स्टेशनों और सरकारी टीवी चैनलों पर सामान्य कार्यक्रमों के स्थान पर पवित्र कुरान की आयतों और प्रार्थनाओं का प्रसारण शुरू कर दिया गया है।
शासक शेख मोहम्मद ने सोशल मीडिया पर व्यक्त किया अपना दर्द
अपने छोटे भाई के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक बेहद भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने अपने भाई की आत्मा की शांति और उन्हें जन्नत में आला मुकाम मिलने की प्रार्थना की।
शेख मोहम्मद ने अपने संदेश में लिखा, "तुम हमारी आंखों से भले ही ओझल हो गए हो, लेकिन तुम हमेशा हमारी दुआओं और हमारे दिलों में जिंदा रहोगे"। इसके अलावा, यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान और अन्य वरिष्ठ अमीराती नेताओं ने भी इस दुख की घड़ी में मकतूम परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं और एकजुटता प्रकट की है।
सुरक्षा, खेल और रियल एस्टेट क्षेत्र में रहा बड़ा योगदान
साल 1950 में जन्मे शेख अहमद, दुबई के पूर्व शासक और आधुनिक दुबई के निर्माता स्वर्गीय शेख राशिद बिन सईद अल मकतूम के चौथे और सबसे छोटे बेटे थे। उन्होंने ब्रिटेन की विख्यात 'रॉयल मिलिट्री एकेडमी सैंडहर्स्ट' से साल 1975 में सैन्य स्नातक की उपाधि प्राप्त की थी। इसके बाद वे दुबई के केंद्रीय सैन्य बल में शामिल हुए और बाद में इसके कमांडर-इन-चीफ भी बने।
शेख अहमद ने दुबई की सुरक्षा, खेल और व्यावसायिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने में कई दशकों तक अद्वितीय भूमिका निभाई। वे दुबई पुलिस और सार्वजनिक सुरक्षा के उपाध्यक्ष (Deputy Chairman of Dubai Police) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। इसके अलावा, वे एक प्रसिद्ध रियल एस्टेट और निवेश फर्म 'A.R.M. Holding' के ग्रुप चेयरमैन भी थे।
हॉर्स रेसिंग और फुटबॉल जगत में वैश्विक पहचान बनाई
खेलों के प्रति शेख अहमद का लगाव जगजाहिर था। वे दुबई के प्रसिद्ध 'अल वास्ल स्पोर्ट्स क्लब' (Al Wasl Sports Club) के लंबे समय तक अध्यक्ष रहे। साल 1960 में ज़ाबील के एक छोटे से घर से शुरू हुए इस क्लब को उन्होंने अपनी देखरेख में देश का सबसे सफल फुटबॉल और स्पोर्ट्स क्लब बनाया, जिसने आठ यूएई प्रो लीग खिताब अपने नाम किए।
इसके अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय हॉर्स रेसिंग (घुड़सवारी) के क्षेत्र में वे एक विश्वविख्यात ओनर और ब्रीडर थे। उन्होंने दुबई में 'जेबेल अली रेसकोर्स' (Jebel Ali Racecourse) के विकास में अहम भूमिका निभाई और उनके प्रतिष्ठित पीले और काले रंग की सिल्क जर्सी वाले घोड़ों (जैसे एम्टोटो और एडियब) ने दुनिया के कई ऐतिहासिक डर्बी और कप मुकाबले जीते।
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जताया गहरा दुख
दुबई के शाही परिवार के साथ भारत के प्रगाढ़ संबंधों को दर्शाते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शेख अहमद बिन राशिद अल मकतूम के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर अपने शोक संदेश में लिखा, "महामहिम शेख अहमद बिन राशिद अल मकतूम के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। समाज की सेवा के लिए उनके द्वारा किए गए ऐतिहासिक प्रयासों को आने वाली पीढ़ियां हमेशा याद रखेंगी"।
प्रधानमंत्री ने भारत सरकार और भारतीय जनता की ओर से दुबई के शाही परिवार और वहां के नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शाश्वत शांति के लिए प्रार्थना की है।
