Nashik Krishi Kumbh 2026: नासिक में खेती का महाकुंभ शुरू, महिला किसानों ने किया उद्घाटन

- नासिक में खेती का महाकुंभ शुरू
- महिला किसानों ने किया उद्घाटन
- सबसे ज्यादा भीड़ AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) गैलरी में
Nashik Krishi Kumbh 2026: बली मंदिर चौक स्थित यूथ फेस्टिवल मैदान में जब तालियों की गड़गड़ाहट गूंजी तो वह किसी राजनेता के स्वागत में नहीं बल्कि उन हाथों के सम्मान में थी जो मिट्टी से सोना उगाते हैं।
आपकी जानकारी के लिए बताते चलें की नासिक में गुरुवार से शुरू हुए पांच दिवसीय कृषि कुंभ ने परंपरा और आधुनिकता की एक ऐसी तस्वीर पेश की है जिसने पहले ही दिन हजारों लोगों को अपनी ओर खींच लिया।
महिला शक्ति का दिखा दम
आमतौर पर बड़े आयोजनों में फीता काटने के लिए मंत्रियों की कतार लगी होती है लेकिन नासिक जिला प्रशासन ने इस बार एक नई मिसाल पेश की। जिले की सात सफल महिला किसानों जिनमे मेघा बोरसे, विमल आचारी, सुनीता खेमनार, श्रद्धा कासुर्डे, संगीता सांगले, पूनम डोखले और लक्ष्मी मोरे शामिल है ने जब रिबन काटा तो पूरा मैदान गौरव से भर गया। जिलाधिकारी आयुष प्रसाद और सह्याद्री फार्म के विलास शिंदे की मौजूदगी में हुआ यह उद्घाटन बदलाव की एक बड़ी आहट है।
खेतों में दिमाग लगाएगा AI
प्रदर्शनी में सबसे ज्यादा भीड़ AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) गैलरी में देखी जा रही है। यहां 30 से ज्यादा स्टॉल्स पर यह दिखाया जा रहा है कि कैसे एक छोटा सा सेंसर या मोबाइल ऐप आपकी फसल की बीमारी को सेकंडों में पहचान सकता है।
किसानों के लिए यह किसी जादू से कम नहीं है कि अब उन्हें कीटनाशकों का अंधाधुंध छिड़काव नहीं करना पड़ेगा बल्कि ड्रोन तकनीक यह बता देगी कि दवा की जरूरत कहां है और कहां नहीं।
तकनीक के साथ स्वाद और मनोरंजन
सिर्फ खेती ही नहीं बल्कि नासिक का असली स्वाद भी इस कुंभ का हिस्सा है। अगर आप यहां जा रहे हैं तो नासिक की मशहूर मिसल, मांडे और थालीपीठ का लुत्फ उठाना न भूलें। 60 से अधिक फूड प्रोसेसिंग स्टॉल्स पर जिले के पारंपरिक व्यंजनों की महक फैली हुई है।
शाम के वक्त माहौल को खुशनुमा बनाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी तैयारी है।
- 14 मार्च: ‘महाराष्ट्राची हास्य जत्रा’ के कलाकार आपको हंसाकर लोटपोट करेंगे।
- 15 मार्च: ‘फोकलोक’ कार्यक्रम में महाराष्ट्र की लोक संस्कृति के रंग बिखरेंगे।
जुगाड़ भी और समाधान भी
इस मेले की एक और दिलचस्प कड़ी है ‘जुगाड़ से तकनीक’ प्रतियोगिता। स्थानीय किसानों ने अपने छोटे-छोटे आविष्कारों से ऐसी मशीनें बनाई हैं जो लाखों की मशीनों को टक्कर दे रही हैं।
साथ ही प्रतिदिन 25 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित कर उनके मनोबल को बढ़ाया जा रहा है। चाहे वह मछली पालन का बायोफ्लॉक मॉडल हो या अंगूरों के लिए ग्रेप कवर तकनीक यह आयोजन नासिक को देश का एग्रो-हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
विभागीय आयुक्त डॉ. प्रवीण गेडाम ने साफ किया कि यह आयोजन सिर्फ देखने के लिए नहीं, बल्कि किसानों की आय दोगुनी करने के प्रैक्टिकल समाधान ढूंढने का जरिया है। अगर आप भी खेती में कुछ नया करना चाहते हैं तो 16 मार्च तक यह मौका आपके पास है।

