Viratbharat_Logo

रामदेवरा में गोडावण के लिए 9.25 करोड़ की रिवाइल्डिंग एवियरी तैयार, खुले आवास में छोड़ने से पहले मिलेगा अनुकूलन का मौका

रामदेवरा में गोडावण री-वाइल्डिंग एवियरी का उद्घाटन हुआ। गोडावण को प्राकृतिक आवास में पुनर्स्थापित करने से पहले अनुकूलन का मौका मिलेगा। राज्य सरकार ने 9.25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
 | 
रामदेवरा में गोडावण के लिए 9.25 करोड़ की रिवाइल्डिंग एवियरी तैयार, खुले आवास में छोड़ने से पहले मिलेगा अनुकूलन का मौका

जयपुर। राजस्थान में राज्य पक्षी गोडावण के संरक्षण की दिशा में एक नई पहल के तहत रामदेवरा में नवनिर्मित गोडावण री-वाइल्डिंग एवियरी (पुनर्स्थापन पक्षी गृह) का उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि गोडावण के लिए प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप इस संरचना के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने 9.25 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इसका उद्देश्य कैप्टिव-ब्रेड गोडावण को खुले प्राकृतिक आवास में पुनर्स्थापित करने से पहले प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुकूल होने का अवसर देना है।

मुख्यमंत्री शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रामदेवरा में आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गोडावण राजस्थान की प्राकृतिक धरोहर और जैव विविधता का महत्वपूर्ण प्रतीक है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से इसके संरक्षण में प्रगति हुई है।

प्राकृतिक परिस्थितियों में ढलने के लिए तैयार की गई एवियरी

रामदेवरा में विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों की सलाह से तैयार की गई रिवाइल्डिंग एवियरी में कैप्टिव-ब्रेड गोडावण को पर्याप्त उड़ान क्षेत्र उपलब्ध कराया गया है। इसके जरिए पक्षियों को प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप ढलने और स्वाभाविक व्यवहार विकसित करने का अवसर मिलेगा।

सरकार के अनुसार, केंद्र सरकार, राजस्थान सरकार और भारतीय वन्यजीव संस्थान के संयुक्त प्रयासों से जैसलमेर के सम और रामदेवरा स्थित प्रजनन केंद्रों में वर्तमान में 97 गोडावण मौजूद हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोडावण का संरक्षण केवल एक पक्षी प्रजाति को बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे थार के पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा से जुड़ा है। उन्होंने प्रदेशवासियों से गोडावण को मरुधरा के खुले आसमान में सुरक्षित और स्वच्छंद उड़ान भरते देखने के प्रयासों में सहयोग करने का आह्वान किया।

थार के पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ा संरक्षण

केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि गोडावण का थार क्षेत्र से भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव है। उनके अनुसार, पिछले एक दशक में गोडावण संरक्षण के क्षेत्र में हुई प्रगति अब वैश्विक स्तर पर उदाहरण बन रही है।

यादव ने गोडावण को थार पारिस्थितिकी तंत्र की अम्ब्रेला स्पीशीज बताते हुए कहा कि इसके संरक्षण से घासभूमियों की सुरक्षा, भूमि क्षरण को रोकने और मध्य एशियाई फ्लाईवे में प्रवासी पक्षियों के महत्वपूर्ण पड़ावों के संरक्षण में भी मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि संरक्षण गतिविधियों से स्थानीय समुदायों को इको-टूरिज्म के जरिए आर्थिक लाभ मिल सकता है।

जैव विविधता संरक्षण के अन्य प्रयासों का भी जिक्र

मुख्यमंत्री ने राज्य में जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अन्य कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान के तहत प्रदेश में 29 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं।

वन एवं वन्यजीव संरक्षण में सहयोग के लिए 38,622 वन मित्रों का पंजीयन किया गया है। वहीं, अजमेर के सौंखनिया क्षेत्र में खरमोर पक्षी के संरक्षण के लिए बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी के साथ एमओयू किए जाने की जानकारी भी दी गई। उदयपुर शहर को रामसर वेटलैंड सिटी घोषित किए जाने का भी उल्लेख किया गया।

कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ जोधपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा और वन विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।