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1.5 टन AC के लिए कितना सोलर सिस्टम चाहिए? लागत कितनी आयेगी और कम बिजली खपत वाला AC कौन सा लगवाना चाहिए?

घर में 1.5 टन AC चलाना है तो सोलर सिस्टम कितने का लगवाएं? किन बातों का ध्यान रखें, कौन सा AC कम बिजली खाता है और पूरे साल बचत कैसे करें? आइये इन सब बातों को डिटेल में जानते है - 
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1.5 टन AC के लिए कितना सोलर सिस्टम चाहिए?

Solar For AC: गावं देहात की अगर बात करें तो लोगों के घरों में आमतौर पर 2 किलोवाट का बिजली कनेशन होता है और उसका बिल 2 हजार से 3 हजार हर 2 महीने में आ ही जाता है। AC लगवाएंगे तो आपका बिल और अधिक बढ़ेगा लेकिन सोलर लगवाकर आप इस बिल को ख़त्म कर सकते है और AC समेत पुरे घर की बिजली फ्री कर सकते हो। 

अगर आपको घर में एक 1.5 टन का AC चलाना है और बिजली बिल से छुटकारा पाना चाहते हैं तो सोलर सिस्टम अच्छा विकल्प है। लेकिन कितने का सिस्टम लगवाना चाहिए, किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है और कौन सा AC कम बिजली खाता है ये सब जानना जरूरी है।

1.5 टन AC कितनी बिजली खाता है

सामान्य 1.5 टन AC औसतन 1.2 से 1.8 यूनिट प्रति घंटा बिजली लेता है। इनवर्टर मॉडल में यह कम हो जाता है।

5 स्टार इनवर्टर AC औसतन 0.8 से 1.2 यूनिट प्रति घंटा खर्च करता है। रोज 8 घंटे चलाने पर महीने में 200 से 280 यूनिट के आसपास खपत हो सकती है। नॉन-इनवर्टर या कम स्टार वाले AC में यह 300-400 यूनिट तक पहुंच जाता है।

कितने का सोलर सिस्टम लगेगा

केवल दिन में AC चलाना है तो 2 से 3 किलोवाट का ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम काफी रहता है। यह रोज 8-12 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है, जो एक 5 स्टार 1.5 टन AC के लिए पर्याप्त है।

रात में भी AC चलाना है या बैकअप चाहिए तो 4 से 5 किलोवाट सिस्टम और 5-7 किलोवाट बैटरी लगानी पड़ती है। घर के बाकी लोड (लाइट, पंखा, फ्रिज) भी जोड़ें तो 3-5 किलोवाट का सिस्टम बेहतर रहता है।

450-550 वाट वाले पैनल के हिसाब से 3 किलोवाट सिस्टम में 6-8 पैनल लगते हैं। छत पर लगभग 200-300 वर्ग फुट खाली जगह चाहिए।

सोलर सिस्टम लगवाते समय ध्यान रखने वाली बातें

पहले छत की दिशा और छाया चेक करें। दक्षिण दिशा वाली खुली छत सबसे अच्छी होती है।

पैनल की क्वालिटी देखें। मोनोक्रिस्टलाइन या टॉपकॉन पैनल ज्यादा कुशल होते हैं। इंवर्टर हाइब्रिड या अच्छे ब्रांड का लें ताकि AC का स्टार्टअप लोड संभाल सके।

PM सूर्य घर योजना में सब्सिडी मिलती है। 3 किलोवाट तक के सिस्टम पर अच्छी सब्सिडी है। केवल MNRE अप्रूव्ड इंस्टॉलर से काम करवाएं।

नेट मीटरिंग जरूर लगवाएं। दिन में अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर रात में इस्तेमाल कर सकते हैं। बैटरी वाले सिस्टम महंगे पड़ते हैं, इसलिए ज्यादातर लोग ऑन-ग्रिड चुनते हैं।

पैनल साफ रखते रहें। धूल से उत्पादन 20-25 प्रतिशत तक कम हो सकता है। नियमित मेंटेनेंस का करार कर लें।

कौन सा AC कम बिजली खाता है

5 स्टार इनवर्टर AC सबसे कम बिजली खर्च करता है। ISEER रेटिंग जितनी ऊंची हो, उतनी बचत।

2026 में Panasonic, Carrier, Blue Star, LG और Daikin जैसे ब्रांड्स के मॉडल ISEER 5.2 से 5.8 तक के उपलब्ध हैं। ये नॉन-इनवर्टर से 30-40 प्रतिशत कम बिजली लेते हैं।

AC को 24-26 डिग्री पर चलाएं। हर एक डिग्री कम करने पर 6-8 प्रतिशत ज्यादा बिजली खर्च होती है। पंखे के साथ इस्तेमाल करें तो और बचत होती है। फिल्टर साफ रखें और कमरे में गर्मी आने वाले गैप बंद करें।

अनुमानित लागत और बचत

2-3 किलोवाट ऑन-ग्रिड सिस्टम की लागत सब्सिडी के बाद 70 हजार से 1.5 लाख रुपये के आसपास पड़ सकती है। 5 किलोवाट का सिस्टम 1.8 से 2.5 लाख तक जा सकता है।

गर्मियों में AC का बिल 2-4 हजार रुपये तक कम हो सकता है। पेबैक पीरियड आमतौर पर 3-5 साल का होता है। उसके बाद बिजली लगभग मुफ्त चलती है।

सोलर लगवाने से पहले अपने इलाके की धूप, बिजली टैरिफ और छत का सर्वे जरूर करवा लें। सही साइज और अच्छे ब्रांड का सिस्टम चुनें तो लंबे समय तक फायदा रहेगा।

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