Tomato Top Varieties: टमाटर की ये उन्नत किस्में कराएंगी अंधाधुंध कमाई, जानें मिट्टी और बुवाई का सही तरीका
किसान भाइयों अगर आप अपने खेत में टमाटर की खेती करना चाहते है तो इसके लिए आपको अपने खेत की मिट्टी के हिसाब से बीजों की खरीदारी करनी चाहिए। आइये आज के आर्टिकल में आपको टमाटर की कुछ उन्नत किस्मों के बारे में जानकारी देते है ताकि आप अपने खेत में टमाटर की फसल से अच्छी पैदावार ले सकें।
- टमाटर की उन्नत किस्में कौन कौन सी है
- पुसा रूबी (Pusa Ruby) टमाटर की किस्म
- पुसा सदाबहार (Pusa Sadabahar) टमाटर की किस्म
- टमाटर की अर्का विकास (Arka Vikas / Sel 22) किस्म
- टमाटर की अर्का रक्षक (Arka Rakshak) किस्म
Tomato Top Varieties: किसान भाइयों अपने भारत देश में टमाटर की उन्नत किस्में मुख्य रूप से ICAR-IARI (पुसा, नई दिल्ली) और ICAR-IIHR (बेंगलुरु) द्वारा विकसित की जाती हैं। ये किस्में रोग प्रतिरोधक, गर्मी और नमी में सहनशील और अधिक पैदावार देने वाली होती हैं। जिन किस्मों के बारे में आज हम आपको बताने वाले है इनमे से अधिकांश बलुई दोमट या अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी (pH 6.0-7.5) में बेहतरीन परिणाम देती हैं।
राजस्थान जैसे गर्म-शुष्क क्षेत्र में गर्मी के प्रति सहनशील और ToLCV प्रतिरोधी किस्में विशेष रूप से उपयोगी हैं। आइये किसान भाइयों ऐसी ही कुछ उन्नत किस्मों की आज के आर्टिकल में आपको जानकारी देते है जिनकी बुवाई करके आप अच्छी पैदावार ले सकते है।
पुसा रूबी (Pusa Ruby) टमाटर की किस्म
किसान भाइयो टमाटर की यह किस्म ICAR- नई दिल्ली द्वारा 1960 के दशक में विकसित की गई एक पुरानी लेकिन बहुत लोकप्रिय किस्म है। यह अर्ली मेच्योरिंग किस्म है और इसमें फल मीडियम साइज के लाल रंग के होते हैं जिनमें येलो स्टेम एंड होता है।
इस किस्म में उपज औसतन 30-32.5 टन प्रति हेक्टेयर मिलती है और यह टेबल तथा प्रोसेसिंग दोनों के लिए उपयुक्त मानी जाती है।
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अपने देश के उत्तरी मैदानी क्षेत्र जैसे दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के लिए आदर्श किस्म है, जहां स्प्रिंग-समर और ऑटम-विंटर सीजन में लगाई इसको लगाया जाता है। सामान्य बलुई दोमट मिट्टी में अच्छी होती है और राजस्थान के गर्म क्षेत्रों में भी सफलता पूर्वक इसकी खेती की जाती है।
पुसा सदाबहार (Pusa Sadabahar) टमाटर की किस्म
ICAR-IARI, नई दिल्ली द्वारा 2000 के दशक (लगभग 2004-2012) में जारी की गई यह टमाटर की बेहतरीन किस्म है। यह हाई और लो टेम्परेचर दोनों सहन करती है, पौधा ड्वार्फ होता है और बहुत प्रोलिफिक बेयरर है। टमाटर की ये किस्म गर्मी और ठंड दोनों मौसमों में किसानों को अच्छी उपज देती है।
किसान भाई इसकी खेती पुरे भारत में कर सकते है लेकिन फिर भी राजस्थान, गुजरात और हरियाणा जैसे गर्म क्षेत्रों में इससे काफी अच्छी पैदावार ली जा सकती है।
मिटटी की अगर बात करें तो ये बलुई मिट्टी में काफी अच्छे से पैदा होती है और राजस्थान जैसे इलाकों में काफी अधिक इसकी बुवाई की जाती है।
टमाटर की अर्का विकास (Arka Vikas / Sel 22) किस्म
टमाटर की ये किस्म ICAR-IIHR, बेंगलुरु द्वारा 1970-80 के दशक में विकसित की गई थी और ये सेमी-डिटरमिनेट किस्म है। इस किस्म में लगने वाले फल मीडियम-लार्ज (80-90 ग्राम) होते हैं और ये किस्म नमी वाले क्षेत्रों में और गर्मी वाले क्षेत्रों में काफी सहनशील है।
इस किस्म की बुवाई करने पर किसानों को 35-40 टन प्रति हेक्टेयर तक आसानी से पैदावार मिल जाती है।
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इस किस्म की बुवाई किसान भाई पूरे भारत के मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में खरीफ/रबी दोनों सीजन में कर सकते है। बलुई दोमट मिट्टी में इस किस्म से काफी अच्छी पैदावार ली जा सकती है।
टमाटर की अर्का रक्षक (Arka Rakshak) किस्म
ICAR-IIHR, बेंगलुरु द्वारा 2010-2013 में विकसित की गई टमाटर की ये किस्म ट्रिपल रेसिस्टेंट F1 हाइब्रिड किस्म है और ये किस्म ToLCV, बैक्टीरियल विल्ट और अर्ली ब्लाइट के के लिए बेहतरीन प्रतिरोधक का काम भी करती है।
इस किस्म से मिलने वाले फल स्क्वेयर राउंड के बड़े आकार के और गहरे लाल हैं।
टमाटर की ये किस्म फ्रेश मार्केट और प्रोसेसिंग दोनों के लिए काफी अच्छी मानी जाती है। किसान भाइयो इस किस्म से आपको 75-80 टन प्रति हेक्टेयर पैदावार आसानी से मिल जाती है। पूरे भारत के रोग प्रभावित क्षेत्रों के लिए के लिए ये किस्म सबसे अच्छी मानी जाती है।
टमाटर की अर्का सम्राट (Arka Samrat / IIHR-H-240) किस्म
टमाटर की इस किस्म को किसान भाइयो ICAR-IIHR, बेंगलुरु द्वारा 2015 के आसपास विकसित किया गया था और ये किस्म भी ट्रिपल रेसिस्टेंट F1 हाइब्रिड किस्म है।
इस किस्म की अगर आप बुवाई करते है तो आपको इससे फल 90-110 ग्राम वजनी मिलने वाले है और इसकी खेती करने पर आपको 80-85 टन प्रति हेक्टेयर तक पैदावार आसानी से मिलने वाली है।
टमाटर की ये किस्म मुख्य रूप से कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल जैसे दक्षिणी क्षेत्रों के लिए काफी अच्छी मानी जाती है लेकिन अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी में अन्य जगहों पर भी इससे अच्छी पैदावार ली जा सकती है।
ट्रिपल रोग प्रतिरोध के कारण रोगग्रस्त क्षेत्रों में भी किसान इसकी बुवाई करते है। अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी में इस किस्म से और अधिक पैदावार भी मिल सकती है।
टमाटर की पुसा शक्ति (Pusa Shakti / DT-19) किस्म
किसान भाइयो ICAR-IARI, नई दिल्ली द्वारा 2024 में नोटिफाई की गई ये टमाटर की नई indeterminate किस्म है। ये किस्म गर्मी सहनशील है (मई-अक्टूबर ओपन फील्ड में लगाई जा सकती है) और इसके फल राउंड, गहरे लाल होते है।
टमाटर की ये किस्म TSS 4.8 °Brix और लाइकोपीन 6 mg/100g, लॉन्ग-डिस्टेंस ट्रांसपोर्ट के लिए अच्छी मानी जाती है।
इस किस्म से किसानों को औसतन 350-450 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पैदावार मिल जाती है और ये किस्म जोन-V (छत्तीसगढ़, ओडिशा आदि) के लिए जारी किस गई है लेकिन कुछ गर्म इलाकों में भी किसान भाई इसकी खेती करते है।
टमाटर की ये किस्म भी बलुई दोमट मिट्टी में काफी ाची पैदावार देती है।
किसान भाइयों अगर आप राजस्थान, हरियाणा या फिर यूपी से हो तो आपको पुसा सदाबहार, अर्का विकास, अर्का रक्षक और पुसा शक्ति जैसी किस्मों की बुवाई करनी चाहिए क्योंकि ये इन क्षेत्रों में काफी अच्छी उपज देने में सक्षम है।
इसके अलावा आप जब भी बीज की खरीदारी करें तो हमेशा प्रमाणित बीजों को भी खरीदें। बीजों की खरीदारी से पहले अपने खेत की मिटटी की जाँच जरूर करवानी चाहिए ताकि उसके अनुसार आप बीजों को खरीद सकें।