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Haryana Weather Alert: तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश के आसार, जानें 26-27 सितंबर का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने हरियाणा में 26 और 27 सितंबर को बारिश, बिजली कड़कने और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया है। एनसीआर सहित हरियाणा के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव से तापमान गिरेगा।
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तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश के आसार, जानें 26-27 सितंबर का पूर्वानुमान

रेवाड़ी, 26 सितंबर। मानसून की विदाई से ठीक पहले हरियाणा के मौसम में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने राज्य में 26 और 27 सितंबर को गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की संभावना है। अचानक आए इस बदलाव से जहां तापमान में गिरावट आएगी वहीं मंडियों में रखी फसलों को लेकर किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) हिसार के मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से यह मानसूनी हलचल दोबारा शुरू हुई है।

किन जिलों में दिखेगा असर

मौसम बुलेटिन के मुताबिक, बारिश और तेज हवाओं का सबसे ज्यादा असर दक्षिण और दक्षिण-पूर्व हरियाणा के जिलों में देखने को मिल सकता है। इनमें रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ (नारनौल), गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात, पलवल और झज्जर शामिल हैं। वहीं उत्तर हरियाणा के अंबाला, कुरुक्षेत्र और पंचकूला में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। पश्चिमी जिलों जैसे हिसार, सिरसाम और भिवानी में आंशिक बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की उम्मीद है।

आम जनजीवन और किसानों पर क्या पड़ेगा प्रभाव

इस बेमौसम बारिश का सबसे सीधा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ेगा। इस समय हरियाणा की मंडियों में बाजरा और अगेती धान की आवक तेजी से हो रही है। यदि तेज हवाओं के साथ बारिश होती है, तो मंडियों में खुले में रखी फसल भीगकर खराब हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखें और मंडियों में तिरपाल आदि का उचित प्रबंध रखें।

दूसरी तरफ, आम लोगों और नौकरीपेशा वर्ग को पिछले कुछ दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है जिससे सुबह-शाम के समय हल्की ठंडक का अहसास शुरू हो जाएगा।

मानसून की विदाई में होगी देरी

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आमतौर पर सितंबर के अंत तक हरियाणा से मानसून पूरी तरह विदा हो जाता है। लेकिन इस नए वेदर सिस्टम के कारण मानसूनी हवाएं अभी कुछ दिन और सक्रिय रहेंगी। 28 सितंबर से मौसम के दोबारा साफ और शुष्क होने की उम्मीद है जिसके बाद ही राज्य से मानसून की आधिकारिक विदाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

तमाम जिला प्रशासनों ने भी स्थानीय निकायों और मंडी समितियों को जलजमाव की स्थिति से निपटने और फसलों के बचाव के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

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