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Haryana Weather: मानसून वापसी से बदला मौसम, यमुनानगर समेत इन जिलों में बारिश का अलर्ट

Haryana Weather Update: हरियाणा से मानसून की विदाई शुरू हो गई है। यमुनानगर समेत कुछ जिलों में हल्की बारिश के आसार हैं जबकि रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ में मौसम शुष्क रहेगा।
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Haryana Weather: मानसून वापसी से बदला मौसम, यमुनानगर समेत इन जिलों में बारिश का अलर्ट

रेवाड़ी, 24 सितंबर। हरियाणा में मानसूनी सीजन अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और कृषि मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों से मानसून की वापसी की परिस्थितियां अनुकूल हो गई हैं। हालांकि पूरी तरह विदा होने से पहले यमुनानगर और आसपास के उत्तरी इलाकों में छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है जबकि दक्षिण हरियाणा के जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा।

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार के मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार राजस्थान के ऊपर बन रहे एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण हवाओं का रुख बदल रहा है। पुरवाई नमी वाली हवाओं की जगह अब शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाएं ले रही हैं। इससे वातावरण में उमस कम होने लगी है जिससे दिन में तेज धूप और रात के समय तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही है।

यमुनानगर समेत उत्तरी बेल्ट में हल्की बारिश के आसार

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून की विदाई रेखा भले ही आगे बढ़ रही हो लेकिन स्थानीय मौसमी बदलाव और तराई क्षेत्रों से सटे होने के कारण यमुनानगर, पंचकूला और अंबाला में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। वहीं मध्य और दक्षिण हरियाणा में फिलहाल किसी बड़ी बारिश की संभावना नहीं है।

रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और नारनौल में मौसम का मिजाज

दक्षिण हरियाणा के रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और नारनौल क्षेत्र में मौसम पूरी तरह साफ बना रहेगा। पिछले 24 घंटों में इस बेल्ट में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। दोपहर के वक्त तेज धूप से थोड़ी गर्मी महसूस हो रही है लेकिन रात होते ही हवा में ठंडक घुलने लगी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह 'गुलाबी ठंड' की शुरुआती आहट है जो अक्टूबर के पहले हफ्ते से और साफ नजर आएगी।

किसानों के लिए अच्छा रहेगा मौसम

मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि मौसम साफ रहने का फायदा उठाएं। बाजरा, मूंग और अगेती धान की पकी फसलों की कटाई और गहाई का काम अब तेज किया जा सकता है। इसके अलावा जिन खेतों में नमी सही स्तर पर है वहां किसान आगामी रबी फसलों जैसे सरसों और चने की बिजाई के लिए खेत तैयार करना शुरू कर सकते हैं। जिन इलाकों में हल्की वर्षा के आसार हैं वहां कटी हुई फसल को ढककर रखने की हिदायत दी गई है। आने वाले तीन से चार दिनों के भीतर दक्षिण हरियाणा और राजस्थान से सटे सीमावर्ती इलाकों से मानसून की औपचारिक विदाई पूरी होने का अनुमान है।
 

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