Haryana Weather: हरियाणा में 28 सितंबर से फिर बदलेगा मौसम, इन जिलों में बारिश
Haryana Weather: हरियाणा में 28 से 30 सितंबर तक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम बदलेगा। रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ समेत कई जिलों में बादल छाने, हल्की बारिश और तापमान में गिरावट का पूर्वानुमान है।
रेवाड़ी, 27 सितंबर। मानसून की औपचारिक विदाई प्रक्रिया के बीच हरियाणा के मौसम में एक बार फिर बड़ा फेरबदल देखने को मिलने वाला है। वातावरण में लगातार बदलती हवाओं के रुख और उत्तर भारत में सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के चलते आगामी 28 से 30 सितंबर के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बूंदाबांदी की संभावना बन रही है। इस मौसमी बदलाव के चलते दिन के साथ-साथ रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाएगी।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसमी हलचल का असर दक्षिण हरियाणा के रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, नारनौल, भिवानी और चरखी दादरी के साथ-साथ उत्तरी और पूर्वी जिलों तथा दिल्ली-एनसीआर से सटे इलाकों में भी देखने को मिलेगा। आसमान में बादलों की आवाजाही बढ़ने से पिछले कुछ दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
क्यों बदल रहा है मौसम का मिजाज
मौसम में आ रहे इस बदलाव के पीछे एक साथ कई वायुमंडलीय प्रणालियों का असर माना जा रहा है। राजस्थान के ऊपर बना प्रति-चक्रवातीय घेरा (एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन) अब कमजोर पड़ चुका है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के असर से पश्चिमी शुष्क हवाओं की जगह दक्षिण-पूर्वी दिशा से नमी वाली हवाएं मैदानी क्षेत्रों में प्रवेश कर रही हैं।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, मानसून की वापसी रेखा फिलहाल चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर और उदयपुर से होकर गुजर रही है। वहीं मध्य क्षोभमंडल स्तर पर एक ट्रफ लाइन सक्रिय है। इस बीच 28 सितंबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों पर प्रभावी होगा, जिसके चलते 28 से 30 सितंबर तक हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज होगी।
तापमान का गणित: दिन में तीखी धूप, रात में ठंडक
प्रदेश में पिछले दिनों पश्चिमी शुष्क हवाओं के सीधे प्रभाव के चलते दिन का अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया था। दक्षिण हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जिससे दोपहर के समय तेज धूप और गर्मी का असर बना हुआ था।
वहीं रात के समय आसमान साफ रहने की वजह से रेडिएटिव कूलिंग (जमीन से गर्मी का तेजी से अंतरिक्ष में लौटना) की प्रक्रिया हो रही है। इसी कारण रात का तापमान गिरकर 21 से 22 डिग्री सेल्सियस तक आ रहा है, जिससे सुबह-शाम गुलाबी ठंडक का अहसास होने लगा है। अब 28 सितंबर से बादलों और हल्की बारिश के आने से दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है।
किसानों के लिए अलर्ट: सिंचाई और छिड़काव रोकें
यह मौसम बदलाव खरीफ फसलों की कटाई और पकने की प्रक्रिया के बीच आ रहा है, जिसे लेकर कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सतर्क रहने को कहा है। कृषि मौसम विज्ञान विभाग की ओर से सलाह दी गई है कि आगामी दो से तीन दिनों तक खेतों में अनावश्यक सिंचाई और कीटनाशकों का छिड़काव रोक दिया जाए।
हवा में नमी का स्तर बढ़ने से कपास की फसल में सफेद मक्खी और गुलाबी सुंडी (Pink Bollworm) तथा धान में तना छेदक व लीफ रोलर कीटों का खतरा बढ़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक मौसम पूरी तरह साफ न हो जाए, तब तक रासायनिक दवाओं के छिड़काव से बचना चाहिए, ताकि बारिश से दवा धुलने का नुकसान न हो।
आगे क्या रहेगा मौसम का रुख
मौसम विभाग और विशेषज्ञों का अनुमान है कि 30 सितंबर तक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बनी रहेगी। इसके बाद अक्टूबर के पहले हफ्ते से हवाओं की दिशा पूरी तरह उत्तर-पश्चिमी हो जाएगी। नमी घटने के साथ ही प्रदेश में हवा साफ होगी और रात के तापमान में लगातार गिरावट का सिलसिला शुरू होगा, जिससे राज्य में सर्दी की औपचारिक दस्तक की शुरुआत मानी जाएगी।
