चंडीगढ़/रोहतक (समाचार डेस्क): हरियाणा के राजनीतिक और सामाजिक गलियारे से इस समय की एक बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी आवास पर राज्य के निहंग सिंहों के एक विशेष प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात की है। इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें सिखों की धार्मिक परंपराओं और समाज से जुड़े कई गंभीर विषयों पर सीधे मुख्यमंत्री के साथ चर्चा की गई है।
‘संत कबीर कुटीर’ में सजी विशेष बैठक
विराट भारत के मुख्य राज्य संवाददाता विपिन जैलदार की रिपोर्ट के अनुसार, यह हाई-प्रोफाइल मुलाकात चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री के आधिकारिक निवास स्थान, जिसका नाम ‘संत कबीर कुटीर’ है, में आयोजित की गई। निहंग सिंहों का प्रतिनिधिमंडल जब मुख्यमंत्री आवास पहुँचा, तो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खुद गर्मजोशी के साथ सभी संतों और अगुआओं का स्वागत किया। बैठक के दौरान का माहौल बेहद सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक रहा, जहाँ दोनों पक्षों ने खुलकर अपनी बातें सामने रखीं।
धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर हुआ मंथन
इस मुलाकात का मुख्य एजेंडा समाज में आपसी भाईचारे को मजबूत करना और सिखों की ऐतिहासिक परंपराओं से जुड़े स्थानीय मुद्दों को सरकार के समक्ष उठाना था। सूत्रों के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के सामने धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन, गुरुद्वारों के विकास और सामाजिक उत्थान से जुड़ी कुछ प्रमुख मांगें और सुझाव रखे। मुख्यमंत्री ने बेहद गंभीरता के साथ इन सभी मुद्दों को सुना और प्रशासनिक अधिकारियों को इन पर सकारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने दिया हर संभव मदद का भरोसा
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने समाज की भलाई और मानवता की रक्षा के लिए निहंग सिंहों के ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार हर वर्ग और धार्मिक समुदाय के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। सीएम ने कहा कि सिखों की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए सरकार हमेशा तत्पर रहेगी और उनकी जायज मांगों पर जल्द से जल्द सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी।