Haryana News: हरियाणा में अब भारी-भरकम बिजली बिल दबाकर बैठने वाले बकायेदारों की खैर नहीं है। प्रदेश में बिजली निगम ने डिफाल्टरों के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल और हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज की ओर से मिले कड़े दिशा-निर्देशों के बाद बिजली महकमा पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि जिन भी उपभोक्ताओं पर एक लाख रुपये या उससे अधिक का बिजली बिल बकाया है, उनसे अब साधारण तरीके से नहीं बल्कि 'भूमि राजस्व अधिनियम' (लैंड रेवेन्यू एक्ट) के तहत कड़ाई से वसूली की जाएगी।
इस कड़े कानून का सीधा मतलब यह है कि अगर किसी ने तय समय में अपना बकाया बिल नहीं भरा, तो जरूरत पड़ने पर बिजली निगम उसकी चल-अचल संपत्ति को कुर्क (जब्त) भी कर सकता है। सरकार के इस सख्त कदम से उन लोगों में हड़कंप मच गया है जो लंबे समय से बिल जमा करने में आनाकानी कर रहे थे।
नया कनेक्शन तभी, जब पुराना बिल होगा चुकता
बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता (Superintending Engineer) ने इस पूरी कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि सभी बड़े डिफॉल्टरों को कानूनी नोटिस भेजे जा चुके हैं। विभाग के सामने कई ऐसे पेचीदा मामले भी आ रहे हैं जहां उपभोक्ताओं के कनेक्शन बहुत पहले ही काटे जा चुके हैं या कई लोग अपनी संपत्तियां बेचकर कहीं और जा चुके हैं।
ऐसे मामलों के लिए भी विभाग ने एक बेहद व्यावहारिक और सख्त नियम लागू कर दिया है। अब अगर किसी ऐसी संपत्ति पर कोई नया खरीदार या उपभोक्ता नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए आवेदन करेगा, तो उसे नया कनेक्शन तभी जारी किया जाएगा जब उस परिसर का पुराना सारा बकाया पूरी तरह चुकता कर दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि नोटिसों का असर भी जमीन पर दिखने लगा है और कार्रवाई के डर से कई बड़े बकायेदारों ने खुद ही दफ्तर पहुंचकर अपनी बकाया राशि जमा करानी शुरू कर दी है।
आंधी-तूफान के सीजन में मिस्ड कॉल से दर्ज होगी शिकायत
बिजली विभाग ने इस कड़ाई के साथ-साथ आम और ईमानदार उपभोक्ताओं की सहूलियत का भी पूरा ध्यान रखा है। गर्मी के इस मौसम में अक्सर आंधी-तूफान आने से बिजली की लाइनें टूट जाती हैं या फॉल्ट हो जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसे संकट के समय अक्सर विभाग का पारंपरिक हेल्पलाइन नंबर '1912' लगातार व्यस्त (बिजी) आता है, क्योंकि एक साथ हजारों लोग कॉल कर रहे होते हैं।
इस समस्या का तोड़ निकालते हुए बिजली निगम ने एक विशेष और बेहद आसान सुविधा शुरू की है:
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विशेष नंबर की शुरुआत: उपभोक्ता अब अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 9990231912 पर सिर्फ एक मिस्ड कॉल देकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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पूरी मान्यता: मिस्ड कॉल के जरिए दर्ज होने वाली यह शिकायत भी विभाग के सिस्टम में बिल्कुल सामान्य शिकायत की तरह ही दर्ज की जाएगी और तकनीकी टीम तुरंत उस पर काम शुरू करेगी।
प्रशासन की इस दोहरी नीति से एक तरफ जहां बिजली चोरी और बिल न भरने वाले बड़े डिफाल्टरों पर नकेल कसी जा रही है, वहीं दूसरी तरफ आम जनता को भीषण गर्मी में निर्बाध बिजली और त्वरित सेवाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होने की उम्मीद है।
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