Haryana Weather Update: उत्तर से दक्षिण तक बदलेगा मिजाज, आज रात से आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें मानसून पर बड़ा अपडेट

Haryana Weather Update: हरियाणा में आज रात से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू होगा, जो फसलों के लिए संजीवनी साबित होगा।

Haryana Weather Update: हरियाणा के आसमान पर बादलों का डेरा और ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो चुका है जिसने चिलचिलाती गर्मी से बेहाल लोगों को बड़ी राहत दी है। मौसम विभाग ने आज रात से पूरे सूबे में मौसम के मिजाज में बड़े बदलाव का संकेत दिया है जिसके तहत धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश होने के आसार हैं।

उत्तरी हरियाणा के कई हिस्सों में सुबह ही हल्की बूंदाबांदी दर्ज की जा चुकी है जिसके बाद अब पश्चिमी और दक्षिणी जिलों में भी तेज धूल भरी हवाएं चलने लगी हैं। यह मौसमी बदलाव एक नए आंशिक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण हो रहा है जो अगले दो दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों को प्रभावित करेगा।

15 जून को आएगा एक और विक्षोभ, थमने नहीं देगा राहत का सिलसिला

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदनलाल खिचड़ के अनुसार आज रात से शुरू होने वाला बारिश का यह दौर कल और परसों भी जारी रहेगा। इस दौरान तेज रफ्तार हवाओं और आकाशीय बिजली चमकने की भी आशंका बनी हुई है।

मौसम के इस बदले रुख के बीच 14 जून को थोड़ी शांति रहने की उम्मीद है लेकिन यह राहत का आखिरी दिन नहीं होगा। ठीक अगले दिन यानी 15 जून को एक और नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने जा रहा है जिससे तापमान में गिरावट और मौसम में ठंडक का यह सिलसिला आगे भी बरकरार रहेगा।

खेती-किसानी के लिए वरदान बनेगी यह बारिश, धान उत्पादकों को सीधा फायदा

यह मानसूनी दस्तक से पहले की बारिश हरियाणा के किसानों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस समय होने वाली यह बरसात खेतों में नमी के स्तर को बेहतरीन तरीके से बढ़ाएगी जिसका सीधा फायदा खरीफ फसलों को मिलेगा।

विशेष रूप से जो किसान धान की रोपाई की तैयारियों में जुटे हैं उनके लिए यह प्राकृतिक सिंचाई मिट्टी की नमी को संचित करने में बेहद मददगार साबित होगी। इससे आने वाले दिनों में रोपाई के दौरान पानी की खपत और लागत दोनों में कमी आएगी।

जानिए कब आ रहा है प्री-मानसून और असली मानसून

इस समय दक्षिण भारत के कर्नाटक और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुका मानसून अपनी सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है। हरियाणा के संदर्भ में बात करें तो प्रदेश में पारंपरिक रूप से प्री-मानसून की गतिविधियां 20 जून के आसपास दस्तक दे देती हैं।

डॉ. मदनलाल खिचड़ ने स्पष्ट किया है कि हरियाणा में मुख्य मानसून का प्रवेश आमतौर पर जून के अंतिम सप्ताह के आखिरी दिनों या फिर जुलाई के पहले सप्ताह के दौरान होता है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए मानसून की चाल बिल्कुल सही दिशा और रफ्तार में है जिससे इस बार सही समय पर अच्छी बारिश की उम्मीद जताई जा रही है।

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