शुक्रवार, 31 जुलाई 2026

महेंद्रगढ़ के 39 गांवों की बुझेगी प्यास: सरकार ने दी ₹284 करोड़ की पेयजल परियोजना को मंजूरी

Written by: Vipin Zaildar

Published:

सिरोही बहाली, मुसनोता और आसरावास में बनेंगे नए वाटर वर्क्स, 540 दिनों में पूरा होगा काम


महेंद्रगढ़ के 39 गांवों की बुझेगी प्यास: सरकार ने दी ₹284 करोड़ की पेयजल परियोजना को मंजूरी
महेंद्रगढ़ के 39 गांवों की बुझेगी प्यास: सरकार ने दी ₹284 करोड़ की पेयजल परियोजना को मंजूरी
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विराट भारत न्यूज़ ब्यूरो, नारनौल/चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने दक्षिण हरियाणा के जल-अभावग्रस्त इलाकों को बड़ा तोहफा दिया है। महेंद्रगढ़ जिले के 39 जल-अभावग्रस्त गांवों और नांगल चौधरी शहर समूह में स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने 284.18 करोड़ रुपये की ‘पेयजल संवर्धन योजना’ को तकनीकी स्वीकृति (Technical Sanction) प्रदान कर दी है।

नारनौल में संवाददाताओं व कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकीय तथा लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने इस महात्वाकांक्षी परियोजना का विस्तृत ब्योरा साझा किया।

तीन पैकेज में बंटा काम, धरातल पर काम शुरू

विराट भारत न्यूज़ के गहन विश्लेषण के अनुसार, इस विशाल जल परियोजना को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए तीन अलग-अलग पैकेज में विभाजित किया गया है जिसमे पहला पैकेज ₹53.47 करोड़ का है। इस पैकेज का टेंडर आवंटित कर दिया गया है और धरातल पर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।

इसके अलावा दूसरा पैकेज ₹30.69 करोड़ का है। इसके तहत आसरावास में नए जलघर (Water Works) का निर्माण और कच्चे पानी की राइजिंग मेन लाइन बिछाई जाएगी। इसकी निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में है। तीसरा पैकेज ₹41.12 करोड़ का है और इसके तहत मुसनोता में जलघर तथा नांगल दर्गू व नांगल चौधरी (मोहनपुर) में दूसरे लिफ्टिंग स्टेशन का निर्माण होगा।

तीन नए वाटर वर्क्स और नई पाइपलाइन

मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने बताया कि इस परियोजना के तहत सिरोही बहाली, मुसनोता और आसरावास में तीन नए स्वतंत्र वाटर वर्क्स निर्मित किए जाएंगे। इसके अलावा नांगल दर्गू और नांगल चौधरी के मौजूदा जलघरों तक कच्चा पानी पहुँचाने के लिए नई राइजिंग मेन लाइनें बिछाई जाएंगी।

“प्रदेश सरकार ‘हर घर नल से शुद्ध जल’ पहुँचाने के अपने संकल्प पर पूरी निष्ठा से काम कर रही है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और पूरा काम तय 540 दिनों की सीमा के भीतर पूरा किया जाए।”

— रणबीर सिंह गंगवा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री, हरियाणा

नारनौल शहर को भी मिली ₹34.62 करोड़ की सीवरेज सौगात

पेयजल योजना के अलावा, सरकार ने नारनौल शहर की लंबे समय से चली आ रही सीवरेज समस्या के स्थायी समाधान का भी खाका तैयार कर लिया है। शहर के लिए 34.62 करोड़ रुपये की लागत से नई सीवरेज डिस्पोजल प्रणाली बनाई जाएगी और बची हुई गलियों में नई सीवर लाइनें बिछाई जाएंगी। इस काम को पूरा करने के लिए 365 दिनों की समय-सीमा तय की गई है।

दक्षिण हरियाणा का महेंद्रगढ़ और नांगल चौधरी इलाका दशकों से भूजल स्तर के गिरने और पेयजल किल्लत से जूझता रहा है। 284 करोड़ रुपये की यह पेयजल संवर्धन योजना केवल एक सरकारी घोषणा नहीं बल्कि इस अंचल के दर्जनों गांवों के लिए जीवनरेखा साबित होगी। तय समय (540 दिन) में इस प्रोजेक्ट का पूरा होना धरातल पर सबसे बड़ी परीक्षा होगी।

Vipin Zaildar
लेखक के बारे में Vipin Zaildar

विपिन जैलदार 'विराट भारत न्यूज़' के मुख्य विशेष संवाददाता हैं। वे खोजी पत्रकारिता (Investigative Journalism), अपराध जगत (Crime Reporting), SOG एवं STF की विशेष कार्रवाइयों और हरियाणा व राजस्थान के क्षेत्रीय एवं जमीनी मुद्दों को गहराई से कवर करने में माहिर हैं। वे अपनी निडर और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। View all posts by Vipin Zaildar →