हरियाणा में स्मार्ट एग्री-बिजनेस क्रांति: झज्जर को ₹21.77 करोड़ के दो अत्याधुनिक रिसर्च सेंटर्स की सौगात
CM Nayab Singh Saini Jhajjar horticulture projects: हरियाणा पारंपरिक खाद्यान्न खेती के दायरे से बाहर निकलकर अब वैश्विक स्तर की ‘स्मार्ट एग्री-बिजनेस’ अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने झज्जर जिले के रईया और मुनीमपुर बादली में कृषि क्षेत्र की तस्वीर बदलने वाली दो बेहद महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की शुरुआत की है। रईया में ₹13.27 करोड़ की लागत से स्थापित अत्याधुनिक बागवानी अनुसंधान केंद्र और मुनीमपुर बादली में ₹8.50 करोड़ की लागत से बने बीज उत्पादन प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र (Seed Technology Centre) का उद्घाटन कर मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि प्रदेश का अगला आर्थिक विकास खेतों में आधुनिक नवाचारों के दम पर होगा।
ये दोनों परियोजनाएं अंतरराष्ट्रीय सहयोग, विशेषकर इजरायल की विश्व प्रसिद्ध कृषि प्रौद्योगिकियों पर आधारित हैं। इस ऐतिहासिक मौके पर इजरायल के राजदूत रूवेन अजार और उनकी धर्मपत्नी रेचल अजार की विशेष उपस्थिति ने इस साझेदारी को और मजबूत किया। रईया में लगभग 100 एकड़ भूमि पर फैला यह नया अनुसंधान केंद्र महज एक सरकारी इमारत नहीं, बल्कि किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और आधुनिक तकनीकों के बीच एक जीवंत पुल का काम करेगा, जहां फल, सब्जी और फूलों की ऐसी किस्में तैयार होंगी जो कम पानी में और बदलते मौसम के थपेड़ों को सहकर भी बंपर पैदावार दे सकें।
बादली विधानसभा क्षेत्र के लिए बजट और घोषणाओं का पूरा लेखा-जोखा
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर पूर्व कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ द्वारा सौंपे गए मांग पत्र पर त्वरित मुहर लगाते हुए बादली विधानसभा के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और सड़क तंत्र को अपग्रेड करने के लिए खजाना खोल दिया। विभिन्न विकास योजनाओं के लिए आवंटित बजट और स्वीकृतियां नीचे दी गई हैं:
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स्वास्थ्य एवं खेल अवसंरचना: बादली गांव में 50 बेड का आधुनिक अस्पताल बनाया जाएगा, जबकि गांव बुपनिया में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के लिए ₹1 करोड़ जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, गांव भिंडावास में एक आदर्श खेल स्टेडियम का निर्माण होगा।
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सड़क तंत्र का सुदृढ़ीकरण: लोक निर्माण विभाग (PWD) की 70 किलोमीटर सड़कों के कायाकल्प पर ₹52 करोड़ और विपणन बोर्ड की 25 सड़कों के नवीनीकरण पर ₹15 करोड़ खर्च होंगे। बादली गांव के उत्तरी बाईपास को फोर लेन बनाने के लिए ₹30 करोड़ की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है।
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सिंचाई और जल निकासी: बाढ़ नियंत्रण और ड्रेन को पक्का करने के लिए ₹3.35 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इसके साथ ही महाग्राम योजना के तहत सीवरेज और पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कुल ₹63 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
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फसल खरीद एवं ग्रामीण विकास: बादली और पाटौदा में नए फसल खरीद केंद्र स्थापित करने के लिए ₹3 करोड़ और अन्य ग्रामीण विकास कार्यों के लिए अलग से ₹5 करोड़ दिए जाएंगे।
परंपरागत खेती से एग्री-बिजनेस की ओर बढ़ रहा है हरियाणा
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की बागवानी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ और ‘भावांतर भरपाई योजना’ जैसी दूरदर्शी नीतियों के कारण हरियाणा आज बागवानी में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार है। भावांतर भरपाई योजना के तहत अब तक 39 हजार 557 किसानों को ₹196 करोड़ की सीधी वित्तीय मदद दी जा चुकी है। इसके अलावा, सब्जी और संरक्षित खेती (Protected Farming) अपनाने वाले किसानों को सरकार 50 से 85 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी दे रही है। प्रदेश में इजरायल के सहयोग से संचालित 14 उत्कृष्टता केंद्र पहले ही काम कर रहे हैं, जो किसानों को पारंपरिक फसलों से हटाकर अधिक मुनाफे वाली बागवानी की ओर मोड़ रहे हैं।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों को छोड़कर देसी गाय आधारित प्राकृतिक खेती (Natural Farming) अपनाने की अपील की ताकि मानव स्वास्थ्य की रक्षा हो सके। वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़ ने चीन के ‘पेरी अर्बन कल्चर’ का उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली जैसे बड़े महानगर के नजदीक होने के कारण बादली और झज्जर के किसानों के पास फल-सब्जियों की सीधी सप्लाई कर अपनी आय कई गुना बढ़ाने का सबसे सुनहरा मौका है।
इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने भरोसा दिलाया कि सीमित संसाधनों में दुनिया को बेहतरीन तकनीक देने वाला इजरायल, हरियाणा के किसानों तक जल संरक्षण और उत्पादकता बढ़ाने वाली एरोपोनिक्स व हाइड्रोपोनिक्स जैसी स्मार्ट तकनीकें पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।