नई दिल्ली: वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू मैदान पर पांच मैचों की टी20 सीरीज 2-2 की बराबरी पर खत्म करने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के सामने अब बिल्कुल नई चुनौती आ खड़ी हुई है। टीम इंडिया को बिना किसी लंबे ब्रेक के तुरंत न्यूजीलैंड के दौरे पर जाना है, जहां 22 अक्टूबर से टी20 सीरीज का आगाज होने जा रहा है। सबसे बड़ा पेंच यह है कि भारतीय खिलाड़ियों को वहां की तेज और उछाल भरी पिचों के अनुकूल खुद को ढालने के लिए अभ्यास का बिल्कुल भी वक्त नहीं मिल रहा है। इस बेहद व्यस्त कार्यक्रम (Tight Schedule) पर अब टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने खुलकर अपनी बात रखी है।
संजू सैमसन ने ब्रॉडकास्टर से बातचीत करते हुए साफ शब्दों में कहा कि मौजूदा दौर का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर काफी व्यस्त है। टीम 20 अक्टूबर को न्यूजीलैंड पहुंचेगी, 21 अक्टूबर को सिर्फ एक दिन का अभ्यास सत्र (Practice Session) होगा और अगले ही दिन 22 अक्टूबर को सीधे मैदान पर पहला मुकाबला खेलने उतरना होगा।
सैमसन के अनुसार, इतने कम समय में किसी भी बल्लेबाज के लिए वहां के ठंडे मौसम और हवा के रुख को समझना आसान नहीं होता। ऐसे दबाव भरे हालात में तकनीकी अभ्यास से ज्यादा मानसिक मजबूती (Mental Toughness) और पुराना अनुभव (Experience) काम आता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्रीज पर जाकर शुरुआती दो-तीन गेंदों में पिच के मिजाज और उछाल (Bounce) को भांपना ही उनका मुख्य गेमप्लान (Game Plan) रहेगा।
यह दौरा केवल एक द्विपक्षीय सीरीज (Bilateral Series) भर नहीं है, बल्कि भविष्य के टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों की दिशा में भी अहम माना जा रहा है। खुद संजू सैमसन के लिए भी यह दौरा व्यक्तिगत तौर पर काफी महत्वपूर्ण साबित होगा। आंकड़ों पर नजर डालें तो संजू को अब तक न्यूजीलैंड की धरती पर केवल तीन मैच (2 टी20 और 1 वनडे) खेलने का मौका मिला है, जहां उनका बल्ला खामोश रहा था। साल 2020 में खेले गए दो टी20 मुकाबलों में वह सिर्फ 10 रन ही जोड़ पाए थे। ऐसे में इस बार वह अपने पुराने अनुभव की सीख को मैदान पर उतारकर कीवी गेंदबाजों के खिलाफ एक मजबूत और यादगार पारी खेलना चाहेंगे।




