खेत-खलिहान से दिल्ली तक हलचल: राजस्थान और तेलंगाना के किसानों के लिए ₹605 करोड़ की बड़ी सौगात, जानें आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असर
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजस्थान और तेलंगाना के लिए 605.71 करोड़ रुपये का बड़ा फंड मंजूर किया। इस फैसले से दोनों राज्यों के लाखों किसानों को सीधा फायदा होगा और कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ताकत मिलेगी।
नई दिल्ली (विशेष रिपोर्ट): देश के अन्नदाताओं की जेब मजबूत करने और गांवों की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने के इरादे से केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को राजस्थान और तेलंगाना के लिए 605.71 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को हरी झंडी दे दी।
यह फंड प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) और कृषोन्नति योजना (KY) के तहत जारी किया जा रहा है। इसका मकसद केवल आंकड़े बढ़ाना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर किसान की लागत कम करना, पैदावार बढ़ाना और हर खेत तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना है।
राजस्थान और तेलंगाना को कितना मिला फंड?
डिजिटल मोड में हुई इस अहम बैठक में शिवराज सिंह चौहान के साथ राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और तेलंगाना के कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव भी जुड़े।
दोनों राज्यों के काम और खर्च की समीक्षा के बाद कुल बजट को इस तरह विभाजित किया गया:
| राज्य | PM-RKVY फंड | कृषोन्नति योजना | कुल आवंटित राशि |
| राजस्थान | ₹216.12 करोड़ | ₹124.47 करोड़ | ₹340.59 करोड़ |
| तेलंगाना | ₹157.66 करोड़ | ₹107.46 करोड़ | ₹265.12 करोड़ |
खबर की गहराई:
राजस्थान ने इससे पहले जारी 216.13 करोड़ रुपये में से 76.06% (₹164.39 करोड़) फंड का बेहतरीन उपयोग किया, जिसकी बदौलत राज्य को यह नई किस्त तुरंत जारी की गई। वहीं तेलंगाना ने भी 60.93% (₹96.05 करोड़) बजट का सही इस्तेमाल दर्ज कराया है।
KCC और क्रेडिट सुविधा पर शिवराज का विशेष जोर
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि योजनाओं का असली फायदा तभी है जब किसान को समय पर लोन मिले।
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राजस्थान के लिए निर्देश: शिवराज सिंह चौहान ने राजस्थान के अधिकारियों से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की स्थिति की समीक्षा करने को कहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी किसान को संस्थागत लोन पाने में लालफीताशाही का सामना न करना पड़े।
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तेलंगाना के मॉडल की तारीफ: तेलंगाना सरकार द्वारा खाद वितरण और ‘फार्मर आईडी’ (Farmer ID) के लिए विकसित किए गए नए पारदर्शी मॉडल की केंद्रीय मंत्री ने जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यह तकनीक देश के अन्य हिस्सों के लिए भी मिसाल बन सकती है।
कहाँ रुकी रफ्तार? तिलहन और दलहन पर सख्त हिदायत
जहाँ एक तरफ तेलंगाना के टेक-मॉडल की तारीफ हुई, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री ने तिलहन और दलहन मिशन (Oilseeds and Pulses Missions) के तहत सुस्त पड़ी योजनाओं पर चिंता जताई।
शिवराज सिंह चौहान ने तेलंगाना के कृषि विभाग को कड़े निर्देश दिए कि इन मिशनों की रोजाना समीक्षा हो ताकि देश को दालों और एडिबल ऑयल में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य प्रभावित न हो।
किसानों के जीवन पर क्या होगा सीधा असर?
केंद्र सरकार के इस फैसले का सीधा असर खेत-खलिहानों में दिखाई देगा:
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आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग यूनिट और स्थानीय मंडियों के सुधार में तेजी आएगी।
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बीज और खाद में मदद: कृषोन्नति योजना के जरिए किसानों को उन्नत किस्म के बीज और सस्ती इनपुट सामग्री मिल सकेगी।
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तकनीक से जुड़ाव: डिजिटल फार्मर आईडी और KCC के जरिए डायरेक्ट कैश और क्रेडिट का लाभ बिना किसी बिचौलिये के सीधे बैंक खाते तक पहुंचेगा।
केंद्रीय मंत्री का संदेश:
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा एक ही लक्ष्य है—खेती की लागत घटाना, उत्पादकता बढ़ाना और किसान के चेहरे पर मुस्कान लाना।”
