चंडीगढ़ / गुरुग्राम: अगर आप हरियाणा के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में गाड़ी चलाते हैं, तो यह खबर आपके लिए सबसे जरूरी अपडेट है। आने वाली 1 अक्टूबर से हरियाणा के NCR जिलों में बिना वैध ‘प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र’ (PUC Certificate) के गाड़ियों में पेट्रोल, डीजल या सीएनजी भरवाना नामुमकिन हो जाएगा। राज्य सरकार ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों का पालन करते हुए “नो पीयूसी, नो फ्यूल” (No PUC, No Fuel) नीति को पूरी तरह सख्त और पारदर्शी तरीके से जमीन पर उतारने का फैसला लिया है।
लेकिन इस बार का बदलाव सिर्फ कागजी आदेश या मैनुअल चेकिंग तक सीमित नहीं है। इस पूरी व्यवस्था को इंसानी दखल से मुक्त और पूरी तरह ऑटोमैटिक बनाने के लिए पेट्रोल पंपों पर अत्याधुनिक तकनीक तैनात की जा रही है।
कैमरे से होगी सीधे वाहन डेटाबेस की जांच
अक्सर पेट्रोल पंपों पर कर्मचारियों और वाहन चालकों के बीच प्रदूषण पर्ची दिखाने को लेकर बहस की स्थितियां बनती हैं। इसे खत्म करने के लिए हरियाणा सरकार ने NCR के सभी 2,780 ईंधन स्टेशनों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान (ANPR) कैमरे लगाने की घोषणा की है।
जैसे ही कोई गाड़ी पेट्रोल पंप के परिसर में दाखिल होगी:
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ANPR कैमरे गाड़ी की नंबर प्लेट को तुरंत स्कैन करेंगे।
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यह सिस्टम रियल-टाइम में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के राष्ट्रीय वाहन (VAHAN) डेटाबेस से कनेक्ट होगा।
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महज 2 से 3 सेकंड के भीतर सिस्टम यह जांच लेगा कि उस गाड़ी का PUC वैध है या एक्सपायर हो चुका है।
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यदि वाहन का पीयूसी प्रमाणपत्र समय सीमा पार कर चुका है, तो ऑटोमैटिक मशीन से उस गाड़ी में ईंधन की बिक्री ब्लॉक हो जाएगी।
अगस्त से शुरू होगा इंस्टॉलेशन
वर्तमान में किसी भी पेट्रोल पंप पर यह ANPR सिस्टम सक्रिय नहीं है, लेकिन सरकार ने अगस्त 2026 से ही इसकी चरणबद्ध शुरुआत का रोडमैप तैयार कर लिया है।
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पहला चरण (अगस्त): शुरुआती चरण में फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर जैसे प्रमुख NCR शहरों के लगभग 775 पेट्रोल पंपों पर ये ANPR कैमरे इंस्टॉल किए जाएंगे।
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दूसरा चरण (सितंबर): इसके बाद सितंबर महीने के भीतर NCR के बाकी बचे सभी पेट्रोल पंपों को इस तकनीक से पूरी तरह लैस कर दिया जाएगा ताकि 1 अक्टूबर से नियम पूरी तरह लागू हो सके।
मकसद हवा सुधारना
प्रशासनिक अधिकारियों और परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस कड़े कदम का उद्देश्य आम लोगों को परेशान करना या उन पर भारी-भरकम जुर्माना लगाना नहीं है। बल्कि इसका मूल ध्येय चालकों को समय पर अपने वाहनों का मेंटेनेंस कराने और पीयूसी नवीनीकरण के लिए जागरूक करना है।
गौरतलब है कि मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) के तहत बिना वैध PUC के वाहन चलाने पर ₹10,000 तक का जुर्माना हो सकता है। अब सीधे ईंधन की उपलब्धता को PUC से जोड़ देने से कोई भी नियम से बच नहीं पाएगा। यह नियम निजी कार-बाइक से लेकर सभी प्रकार के वाणिज्यिक (कमर्शियल) वाहनों पर समान रूप से लागू होगा।
दिल्ली के बाद अब हरियाणा, UP और राजस्थान भी तैयार
दिल्ली-एनसीआर में ठंड के मौसम में बढ़ने वाले खतरनाक स्मॉग और प्रदूषण को रोकने के लिए CAQM ने सभी पड़ोसी राज्यों को एकीकृत कदम उठाने के निर्देश दिए थे। दिल्ली में यह व्यवस्था पहले से प्रयोग में है। अब हरियाणा के इस कदम के बाद उत्तर प्रदेश (नोएडा, गाजियाबाद आदि) और राजस्थान (अलवर, भरतपुर) भी अपने NCR क्षेत्रों में इस मॉडल को लागू करने की तैयारी में हैं। क्षेत्रीय सहयोग के इस मॉडल से पूरे दिल्ली-एनसीआर की आबो-हवा में सकारात्मक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।




