
चंडीगढ़: हरियाणा में महिला सशक्तिकरण और गरीब परिवारों के आर्थिक उत्थान की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शिता की मिसाल पेश करते हुए प्रदेश के लाखों लाभार्थियों को बड़ी सौगात दी है। सरकार ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली का उपयोग करते हुए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के कुल 35.06 लाख पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे 1129.05 करोड़ रुपये की विशाल धनराशि हस्तांतरित की है।
इस राज्य स्तरीय मेगा ट्रांसफर कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी और बहुचर्चित ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ की 11वीं किस्त भी डिजिटल बटन दबाकर जारी की। इस कदम से राज्य की गरीब और जरूरतमंद महिलाओं में खुशी की लहर दौड़ गई है।
10 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में पहुंची सहायता राशि
इस विशेष कार्यक्रम के दौरान ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ के अंतर्गत प्रदेश की करीब 10 लाख 10 हजार पंजीकृत और पात्र महिलाओं के बैंक खातों में कुल 212 करोड़ 16 लाख रुपये की राशि एक क्लिक के माध्यम से भेजी गई। मुख्यमंत्री सैनी ने इस मौके पर कहा कि इस डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था ने व्यवस्था में मौजूद बिचौलियों और भ्रष्टाचार की भूमिका को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है।
अब गरीब माताओं और बहनों को अपने हक के पैसों के लिए किसी भी सरकारी दफ्तर या दलाल के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उनका पैसा बिना किसी कटौती के सीधे उनके बचत खातों में पहुंच रहा है। सरकार का मुख्य विजन राज्य की महिलाओं को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाना है ताकि वे समाज और परिवार में सम्मानजनक जीवन जी सकें।
अब तक बांटे जा चुके हैं ₹2254 करोड़ से अधिक: मुख्यमंत्री
चंडीगढ़ में आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने योजना के अब तक के सफर और आंकड़ों को भी विस्तार से साझा किया। उन्होंने बताया कि ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 11 किस्तों के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को 2,254 करोड़ 47 लाख रुपये की भारी-भरकम वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘अंत्योदय’ के सिद्धांत पर काम कर रही है, जिसका अर्थ समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का उदय और विकास सुनिश्चित करना है। यह योजना महिलाओं को छोटी-मोटी जरूरतों, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी खर्चों के लिए किसी अन्य पर निर्भर रहने से मुक्ति दिला रही है।
पात्रता मानदंड और सरकार द्वारा किए गए नए बदलाव
इस योजना की शुरुआत हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी के ‘संकल्प पत्र’ में किए गए वादे के मुताबिक की गई थी। योजना के मूल नियमों के अनुसार, इसके तहत लाभार्थियों को प्रति माह 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। योजना का लाभ लेने के लिए महिला की आयु 23 वर्ष से 60 वर्ष के बीच होनी अनिवार्य है। इसके साथ ही शुरुआती चरण में उन परिवारों को प्राथमिकता दी गई थी जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 1 लाख रुपये या उससे कम थी।
हाल ही में राज्य सरकार ने इस योजना के दायरे को और अधिक व्यापक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण संशोधन भी किए हैं। अब इस योजना का विस्तार उन परिवारों तक भी किया गया है जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक है, बशर्ते उनके बच्चे सरकारी स्कूलों में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन (कक्षा 10वीं या 12वीं में 80% से अधिक अंक) कर रहे हों या महिला ने अपने बच्चों को कुपोषण से मुक्त कराने में सफलता हासिल की हो। इसके अलावा, हरियाणा में 15 वर्षों से रह रही विवाहित और अविवाहित दोनों ही श्रेणियों की महिलाएं इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं।
विपक्ष के आरोपों पर सीएम का पलटवार: नहीं बंद होगी कोई अन्य पेंशन
योजना को लेकर राज्य में चल रही राजनीतिक बयानबाजी और विपक्ष की आलोचनाओं पर भी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस कार्यक्रम के दौरान खुलकर अपनी बात रखी। विपक्षी दलों द्वारा योजना में लगाई गई शर्तों को लेकर उठाए जा रहे सवालों और फैलाई जा रही अफवाहों पर विराम लगाते हुए मुख्यमंत्री ने महिलाओं को आश्वस्त किया।
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि विपक्ष द्वारा सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से यह भ्रामक प्रचार किया जा रहा है कि लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं की अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन (जैसे वृद्धावस्था या विधवा पेंशन) बंद कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इन दावों में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है। जो भी महिला इस योजना के तहत लाभ पा रही है, उसे सरकार की अन्य चालू योजनाओं और पेंशनों का लाभ पहले की तरह ही निर्बाध रूप से मिलता रहेगा।
कैसे चेक करें अपना बैंक खाता और पेमेंट स्टेटस?
हरियाणा सरकार ने लाभार्थियों की सुविधा के लिए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और बेहद सरल रखा है। यदि आप भी इस योजना के लाभार्थी हैं और अपनी 11वीं किस्त का स्टेटस चेक करना चाहते हैं, तो इन आसान तरीकों को अपना सकते हैं:
- आधिकारिक वेब पोर्टल: लाभार्थी महिला सरकार के अधिकृत पोर्टल पर जाकर अपने आधार कार्ड नंबर या परिवार पहचान पत्र (PPP) दर्ज करके अपने आवेदन और भुगतान की स्थिति (Payment Status) की सजीव जांच कर सकती हैं।
- रजिस्टर्ड मोबाइल एसएमएस: राशि बैंक खाते में क्रेडिट होते ही सरकार और संबंधित बैंक द्वारा लाभार्थी के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक पुष्टिकरण एसएमएस (SMS) भेजा जाता है, जिससे घर बैठे राशि आने की जानकारी मिल जाती है।
- पासबुक या मिनी स्टेटमेंट: महिलाएं अपने नजदीकी बैंक की शाखा, एटीएम (ATM) या गांव में स्थित ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) पर जाकर अपनी बैंक पासबुक को अपडेट करवा सकती हैं या मिनी स्टेटमेंट निकालकर शेष राशि की पुष्टि कर सकती हैं।
डिजिटल गवर्नेंस से आया प्रशासनिक सुधार
इस बड़े वित्तीय ट्रांजैक्शन से यह साफ हो गया है कि हरियाणा सरकार ने तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से प्रशासनिक व्यवस्था को बेहद चुस्त और पारदर्शी बना दिया है। डीबीटी (Direct Benefit Transfer) प्रणाली न केवल सरकारी खजाने से निकलने वाले पैसे की शत-प्रतिशत डिलीवरी सुनिश्चित करती है, बल्कि यह समय की भी भारी बचत करती है। हरियाणा सरकार का यह कदम राज्य की आधी आबादी को सीधे तौर पर मुख्यधारा से जोड़ने और आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है।
