
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों में हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के जरिए काम कर रहे करीब 1.15 लाख कर्मचारियों को बड़ा आर्थिक फायदा दिया है। सरकार ने इन सभी संविदा कर्मियों के वेतन में 5 फीसदी की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। निगम की ओर से 28 अक्टूबर को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। खास बात यह है कि यह बढ़ी हुई दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी, यानी कर्मियों को पिछले महीनों का एरियर भी मिलेगा। इस फैसले से कर्मचारियों की मासिक सैलरी में लगभग 800 रुपये से लेकर 1,500 रुपये तक की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
निगम प्रबंधन ने इस संबंध में प्रदेश के सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों और राज्य विश्वविद्यालयों को निर्देश भेजकर नई दरों को तुरंत प्रभाव से लागू करने को कहा है।
जिलों और अनुभव के आधार पर तय होगा नया वेतन
संशोधित पे-स्केल को जिलों की कैटेगरी और कर्मचारियों के कार्य अनुभव के आधार पर तीन अलग-अलग लेवल में बांटा गया है:
कैटेगरी-I के जिले: इन जिलों में तैनात कर्मियों को अब उनके पद और अनुभव के अनुसार 21,950 रुपये से लेकर 31,890 रुपये प्रति माह मिलेंगे।
कैटेगरी-II के जिले: यहाँ कार्यरत कर्मचारियों का वेतन 19,380 रुपये से 28,730 रुपये महीने के बीच तय किया गया है।
कैटेगरी-III के जिले: इस श्रेणी में आने वाले जिलों के कर्मियों को 17,910 रुपये से लेकर 27,040 रुपये प्रति माह का भुगतान होगा।
अनुभव का भी मिलेगा सीधा फायदा
नए नियमों के अनुसार, कर्मचारियों के अनुभव को अतिरिक्त लाभ देने के लिए दो मुख्य स्लैब में बांटा गया है:
5 साल तक का अनुभव: ऐसे कर्मचारियों को तय बेस रेट दिया जाएगा।
5 से 10 साल का अनुभव: बेस रेट के ऊपर 10 फीसदी अतिरिक्त वेतन मिलेगा।
10 साल से अधिक का अनुभव: कर्मचारियों को बेस रेट पर सीधा 20 फीसदी अधिक वेतन का भुगतान किया जाएगा।
पक्का करने और जॉब सिक्योरिटी की मांग अब भी जारी
वेतन वृद्धि के इस फैसले के बीच प्रदेश भर में HKRN कर्मियों का नियमितीकरण (पक्का करने) को लेकर आंदोलन भी चर्चा में रहा है। पिछले कुछ महीनों में जॉब सिक्योरिटी की मांग को लेकर करनाल में 600 से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे। वहीं, भिवानी नागरिक अस्पताल सहित कई अन्य जिलों में कर्मचारियों ने लंबित मानदेय और सेवा सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन किया था। वेतन में 5 फीसदी की यह बढ़ोतरी कर्मचारियों को तात्कालिक राहत तो जरूर देगी, लेकिन सेवा सुरक्षा को लेकर उठ रही मांगों पर अब भी सरकार के अगले कदम पर सबकी नजर है।
