Haryana News: अदालती अखाड़े से हरी झंडी मिलने के बाद देश की धाकड़ महिला पहलवान विनेश फोगाट ने अब कुश्ती के मैट पर भी अपना जलवा दिखाना शुरू कर दिया है। एशियन गेम्स (Asian Games) के चयन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति मिलते ही विनेश ने विरोधियों को चित करना शुरू कर दिया है।
उन्होंने अपनी शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए ट्रायल्स में लगातार दूसरा राउंड का मुकाबला भी अपने नाम कर लिया है। विनेश की इस बैक-टू-बैक जीत ने यह साबित कर दिया है कि तमाम मानसिक तनाव और विवादों के बीच भी उनका पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ अपने खेल पर केंद्रित है।
मैट से आ रही खबरें विनेश के फैंस को जोश से भर देने वाली हैं। कुश्ती के जानकार मान रहे हैं कि विनेश इस समय पूरी तरह से पुराने रंग में लौट चुकी हैं और उनकी नजरें सीधे आगामी एशियन गेम्स के टिकट पर टिकी हैं।
ज्योति सिहाग के बाद निशु को चटाई धूल
विनेश फोगाट ने ट्रायल्स के अपने पहले मुकाबले में जबरदस्त शुरुआत की थी। उन्होंने 53 किलोग्राम भार वर्ग (Weight Category) में अपनी ही राज्य हरियाणा की मजबूत पहलवान ज्योति सिहाग को एकतरफा अंदाज में 7-1 के बड़े अंतर से मात दी थी। इस जीत के साथ उन्होंने अपने इरादे जाहिर कर दिए थे।
इसके ठीक बाद, दूसरे राउंड के मुकाबले में विनेश का सामना पहलवान निशु से हुआ। यह मुकाबला पहले मैच की तरह एकतरफा नहीं था, बल्कि इसमें दोनों पहलवानों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली।
निशु ने विनेश को कड़ी चुनौती दी और एक-एक पॉइंट के लिए मैट पर कड़ा संघर्ष हुआ। लेकिन अपने अनुभव और बेहतरीन दांव-पेंच के दम पर विनेश ने आखिरी क्षणों में बाजी पलट दी।
रेफरी ने अंततः विनेश फोगाट को 7-6 से इस बेहद करीबी और रोमांचक मुकाबले का विजेता घोषित किया।
सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई थी WFI की अर्जी
विनेश फोगाट का इस ट्रायल मैट पर उतरना भी किसी फिल्मी ड्रामे से कम नहीं रहा है। कुश्ती संघ के साथ जारी विवादों के बीच, बीते दिन देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट ने विनेश को इस ट्रायल में शामिल होने की अंतिम अनुमति दी थी।
दरअसल, 28 मई को रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) ने विनेश फोगाट का यह ट्रायल रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और एक याचिका दायर की थी।
कुश्ती संघ की इस कोशिश को बड़ा झटका देते हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की खंडपीठ (बेंच) ने डब्ल्यूएफआई की अर्जी को पूरी तरह से ठुकरा दिया था।
सर्वोच्च अदालत ने विनेश के हक में फैसला सुनाते हुए उनके खेलने का रास्ता साफ किया था।
अदालत के इसी फैसले का नतीजा है कि आज विनेश फोगाट पूरी निडरता के साथ मैट पर अपना दम दिखा रही हैं और उनकी यह लगातार दो जीत उनके आलोचकों को खेल के जरिए दिया गया सबसे करारा जवाब माना जा रहा है।
