विराट भारत (viratbharat.com) पूरी तरह से स्वतंत्र, निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता के वैश्विक सिद्धांतों पर काम करता है। Google News, Google Discover और अंतरराष्ट्रीय डिजिटल मीडिया मानकों के अनुसार, हम अपने पाठकों के प्रति पूरी तरह से जवाबदेह और पारदर्शी रहने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह नीति दस्तावेज़ यह स्पष्ट करता है कि हमारी वेबसाइट पर खबरों का चयन, उनका सत्यापन (Verification) और अनजाने में हुई गलतियों को सुधारने की हमारी प्रक्रिया क्या है।

1. संपादकीय नीति (Editorial Policy)

विराट भारत के न्यूज़ रूम का पहला और अंतिम नियम है—"तथ्य सर्वोपरि हैं।" हमारी सीनियर एडिटर प्रियांशी राव की देखरेख में पूरा संपादकीय मंडल काम करता है।
  • तटस्थता: हमारी खबरें किसी भी राजनीतिक दल, कॉर्पोरेट घराने, धार्मिक संगठन या जातिगत विचारधारा से प्रभावित नहीं होती हैं। हम मुद्दों के दोनों पक्षों को समान महत्व देते हैं।
  • भाषा की मर्यादा: हम अपने लेखों में किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक, भड़काऊ, अमर्यादित या असंसदीय भाषा का उपयोग नहीं करते हैं। हमारी भाषा पूरी तरह से सरल, शुद्ध और आम बोलचाल की हिंदी होती है।
  • स्रोतों का सत्यापन: हमारे ग्राउंड रिपोर्टर (जैसे विपिन जैलदार) और राइटर्स किसी भी खबर को लिखते समय कम से कम दो स्वतंत्र और विश्वसनीय स्रोतों (जैसे सरकारी प्रेस नोट, आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल या चश्मदीद गवाह) से उसकी पुष्टि करते हैं।

2. तथ्य-जांच नीति (Fact-Checking Policy)

आज के दौर में सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों (Fake News) और डीपफेक का चलन बहुत बढ़ गया है। इससे बचने के लिए हमारी टीम के सदस्य सलोनी यादव विशेष रूप से फैक्ट-चेक की जिम्मेदारी संभालते हैं:
  • यदि इंटरनेट पर कोई दावा या वीडियो वायरल हो रहा है और वह समाज को प्रभावित कर सकता है, तो हमारी टीम रिवर्स इमेज सर्च, सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच और संबंधित अधिकारियों से सीधे फोन पर बात करके उसकी सच्चाई का पता लगाती है।
  • जब तक किसी वायरल दावे का शत-प्रतिशत सच सामने नहीं आता, तब तक विराट भारत उसे मुख्य समाचार के रूप में पब्लिश नहीं करता।

3. सुधार और त्रुटि निवारण नीति (Correction Policy)

विराट भारत में हम यह स्वीकार करते हैं कि पत्रकार भी मनुष्य हैं और अत्यधिक व्यस्तता या लाइव ब्रेकिंग न्यूज़ के दबाव में कभी-कभी अनजाने में मानवीय भूल या तथ्यात्मक त्रुटि (Typo/Fact Error) हो सकती है। हमारी नीति स्पष्ट है: हम अपनी गलती को छुपाने के बजाय उसे तुरंत और गर्व के साथ सुधारते हैं।
सुधार की प्रक्रिया (Our Correction Process):
  1. तुरंत सुधार: जैसे ही हमारी टीम को स्वयं या किसी पाठक के माध्यम से किसी प्रकाशित खबर में किसी तथ्य, नाम, तारीख या आंकड़े की गलती का पता चलता है, एडिटर प्रियांशी राव के निर्देश पर उस आर्टिकल को तुरंत (अधिकतम 1 घंटे के भीतर) एडिट किया जाता है।
  2. संशोधन नोट (Correction Note): सुधारे गए आर्टिकल के सबसे नीचे या सबसे ऊपर एक स्पष्ट नोट डाला जाता है। जैसे: "संशोधन नोट: इस लेख में पहले हरियाणा के इस जिले का नाम गलत टाइप हो गया था, जिसे अब सही कर दिया गया है। हम त्रुटि के लिए खेद व्यक्त करते हैं।"
  3. गंभीर सुधार: यदि किसी गलती के कारण खबर का पूरा अर्थ ही बदल गया हो, तो हम उस पुराने यूआरएल पर संशोधित खबर के साथ-साथ अपने मुख्य सोशल मीडिया हैंडल्स पर भी स्पष्टीकरण जारी करते हैं।

4. पाठकों के लिए शिकायत दर्ज करने का माध्यम

यदि आपको विराट भारत की किसी भी श्रेणी (हरियाणा, राजस्थान, राजनीति, कृषि आदि) की किसी खबर में कोई तथ्य गलत लगता है, या आपके पास उस खबर का सही प्रमाण मौजूद है, तो आप सीधे हमारे शिकायत कक्ष में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
  • ईमेल करें: editor@viratbharat.com
  • विषय (Subject) में लिखें: Correction Request - [खबर का शीर्षक / यूआरएल]
  • आवश्यकता: कृपया ईमेल में अपना नाम और उस सही तथ्य का प्रमाण (यदि कोई सरकारी दस्तावेज या लिंक हो) अवश्य संलग्न करें। हमारी सीनियर एडिटर स्वयं 24 घंटे के भीतर आपकी शिकायत की समीक्षा करेंगी।