मंगलवार, 11 अगस्त 2026

हरियाणा में जर्जर स्कूल भवनों पर अब जिला स्तर पर ही होगा फैसला, मुख्यालय की मंजूरी का झंझट खत्म

Written by: Saloni Yadav

Published:

चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के स्कूलों में जर्जर और असुरक्षित हो चुकी…


हरियाणा में जर्जर स्कूल भवनों पर अब जिला स्तर पर ही होगा फैसला, मुख्यालय की मंजूरी का झंझट खत्म
हरियाणा में जर्जर स्कूल भवनों पर अब जिला स्तर पर ही होगा फैसला, मुख्यालय की मंजूरी का झंझट खत्म
Google News Google पर हमें चुनें

चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के स्कूलों में जर्जर और असुरक्षित हो चुकी इमारतों को लेकर अब जिला स्तर पर ही अंतिम फैसला हो सकेगा। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद शिक्षा विभाग ने इस संबंध में संशोधित आदेश जारी कर दिए हैं।

विज्ञापन

मुख्यालय के चक्कर काटने से मिलेगी मुक्ति

पुराने नियमों के तहत किसी भी स्कूल के जर्जर कमरे या भवन को गिराने और नए निर्माण की फाइलें महीनों तक चंडीगढ़ मुख्यालय में लटकी रहती थीं। इस लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण हादसों का खतरा बना रहता था।

अब नई व्यवस्था लागू होने से मुख्यालय से बार-बार मंजूरी लेने की बाध्यता को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। इससे मामलों का निपटारा तेजी से होगा और नए भवनों के निर्माण का रास्ता साफ होगा।

अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में बनी जिला समिति

हर जिले में अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) की अध्यक्षता में एक विशेष जिला स्तरीय समिति गठित की गई है। इस समिति में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ तकनीकी विशेषज्ञ और इंजीनियर भी शामिल हैं।

यह समिति मौके पर जाकर निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर भवनों को कंडम घोषित करने, मलबे की नीलामी कराने और नए कमरों के निर्माण की सिफारिश पर तुरंत फैसला ले सकेगी।

प्रशासनिक संदेश में कहा गया है की विद्यार्थियों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है। जिला स्तर पर फैसले होने से मानसून के समय जोखिम कम होगा और नए क्लासरूम का निर्माण बिना किसी देरी के शुरू हो सकेगा।

Saloni Yadav
लेखक के बारे में Saloni Yadav

सलोनी यादव 'विराट भारत न्यूज़' में वरिष्ठ शिक्षा एवं जनहित मामलों की संपादक हैं। वे शिक्षा विभाग, प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, SSC, REET, CET), केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और आम नागरिकों के दैनिक काम की खबरों का सटीक विश्लेषण करती हैं। उनका उद्देश्य छात्रों और आम जनता तक सही समय पर प्रामाणिक जानकारी पहुँचाना है। View all posts by Saloni Yadav →

Join Us