महम (रोहतक): अगर आपका बच्चा भी बड़ा होकर डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपना देख रहा है लेकिन कोचिंग की भारी-भरकम फीस आपके आड़े आ रही है तो यह खबर आपके बड़े काम की है। रोहतक जिले के महम क्षेत्र के प्रतिभावान छात्रों के लिए इंजीनियरिंग (JEE) और मेडिकल (NEET) प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले देश के प्रतिष्ठित संस्थान आकाश बायजूस (Aakash Institute) ने एक बड़ा अवसर पेश किया है। संस्थान ने अपने सबसे लोकप्रिय नेशनल टैलेंट हंट एग्जाम एंथे 2026 (ANTHE – Aakash National Talent Hunt Exam) का आधिकारिक तौर पर ऐलान कर दिया है.
250 करोड़ रुपये का बजट और 100% स्कॉलरशिप का मौका
जम्मू-कश्मीर और हरियाणा ब्रांच के प्रतिनिधि विकास ने रोहतक में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि इस साल एंथे स्कॉलरशिप के लिए कुल 250 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। इसके साथ ही बेहतर रैंक लाने वाले मेधावी छात्रों को 2.5 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार भी दिए जाएंगे। परीक्षा में बैठने वाले कक्षा 5वीं से लेकर 12वीं तक के छात्र अपनी प्रतिभा के दम पर 100 प्रतिशत तक की फीस माफी (स्कॉलरशिप) हासिल कर सकते हैं।
12 हजार से 30 लाख छात्रों तक का सफर
विकास ने बताया कि साल 2010 में जब इस स्कॉलरशिप योजना की शुरुआत हुई थी तब पहले संस्करण में केवल 12,000 छात्र शामिल हुए थे। लेकिन आज अपनी विश्वसनीयता के दम पर एंथे अपने 17वें संस्करण में कदम रख चुका है और देश भर से करीब 30 लाख छात्र इस महा-परीक्षा में हिस्सा ले रहे हैं। पिछले 16 वर्षों में एक करोड़ से भी अधिक छात्र इस परीक्षा के माध्यम से रियायती दरों पर अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके हैं।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में होगी परीक्षा, नेगेटिव मार्किंग नहीं
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस परीक्षा को दो अलग-अलग मोड में आयोजित किया जा रहा है, जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है:
- ऑनलाइन परीक्षा: यह टेस्ट 27 अक्टूबर से लेकर 1 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन मोड में आयोजित किया जाएगा।
- ऑफलाइन परीक्षा: जो छात्र सेंटर पर जाकर पेपर देना चाहते हैं, उनके लिए 11 अक्टूबर, 25 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 की तारीखें तय की गई हैं।
कैसा होगा एग्जाम का पैटर्न?
छात्रों को परीक्षा के दबाव से मुक्त रखने के लिए इस टेस्ट का पैटर्न बेहद सरल रखा गया है। परीक्षा में कुल 45 सवाल पूछे जाएंगे, जिन्हें हल करने के लिए विद्यार्थियों को 60 मिनट (1 घंटे) का समय मिलेगा। चाहे आप घर बैठकर ऑनलाइन एग्जाम दें या सेंटर पर जाकर ऑफलाइन, समय और सवालों की संख्या बराबर रहेगी। सबसे राहत की बात यह है कि इस टेस्ट में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी जिससे बच्चे बिना किसी डर के आत्मविश्वास के साथ अपनी तार्किक क्षमताओं का प्रदर्शन कर सकेंगे।




