शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

Haryana News: हरियाणा सरकार का हड़ताली सफाई कर्मचारियों को आखिरी अल्टीमेटम, 5 सितंबर तक ड्यूटी पर न लौटने पर होगी जेल और विभागीय कार्रवाई

Written by: Vipin Zaildar

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चंडीगढ़: हरियाणा में पिछले कई दिनों से चल रही सफाई कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी या राज्यव्यापी हड़ताल को लेकर राज्य सरकार ने अब बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। सरकार ने सभी…


Haryana News: हरियाणा सरकार का हड़ताली सफाई कर्मचारियों को आखिरी अल्टीमेटम, 5 सितंबर तक ड्यूटी पर न लौटने पर होगी जेल और विभागीय कार्रवाई
Haryana News: हरियाणा सरकार का हड़ताली सफाई कर्मचारियों को आखिरी अल्टीमेटम, 5 सितंबर तक ड्यूटी पर न लौटने पर होगी जेल और विभागीय कार्रवाई
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चंडीगढ़: हरियाणा में पिछले कई दिनों से चल रही सफाई कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी या राज्यव्यापी हड़ताल को लेकर राज्य सरकार ने अब बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। सरकार ने सभी आंदोलनकारी और हड़ताली सफाई कर्मचारियों को एक अंतिम अल्टीमेटम जारी करते हुए निर्देश दिया है कि वे हर हाल में आगामी 5 सितंबर, 2026 तक अपनी-अपनी ड्यूटी पर वापस लौट आएं। सरकार की ओर से साफ शब्दों में चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय-सीमा के भीतर कर्मचारी काम पर नहीं आते हैं, तो उनके खिलाफ गंभीर कानूनी और विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस संबंध में स्थानीय निकाय विभाग द्वारा एक आधिकारिक पत्र जारी कर सभी जिलों को दिशा-निर्देश भेज दिए गए हैं।

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सरकार द्वारा जारी इस कड़े फैसले के पीछे आम जनता के स्वास्थ्य और कानूनी बाध्यताओं का एक बड़ा कारण है। दरअसल, इस समय प्रदेश भर में मौसमी बदलाव के कारण फ्लू, वायरल और डेंगू-मलेरिया जैसे गंभीर बुखार का सीजन चल रहा है। ऐसे संवेदनशील समय में सफाई कर्मचारियों की लगातार जारी हड़ताल के कारण शहरों में जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए हैं जिससे स्वच्छता कार्य पूरी तरह बाधित हो गया है। सरकार का मानना है कि यदि इस गंदगी को तुरंत साफ नहीं किया गया, तो पूरे शहर में महामारी और भयंकर बीमारियां फैलने का खतरा पैदा हो सकता है, जिससे आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ जाएगी।

रियाणा सरकार का हड़ताली सफाई कर्मचारियों को आखिरी अल्टीमेटम
रियाणा सरकार का हड़ताली सफाई कर्मचारियों को आखिरी अल्टीमेटम

इस पूरे मामले में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय (High Court) के कड़े हस्तक्षेप के बाद सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आई है। माननीय उच्च न्यायालय ने 18 अगस्त, 2026 को सिविल रिट संख्या 229/2026 की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को सख्त निर्देश दिए थे कि शहरों में स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कानूनी कदम उठाए जाएं। कोर्ट के इसी आदेश को आधार बनाते हुए सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के सभी नगर निगम आयुक्तों (Municipal Commissioners) और जिला नगर आयुक्तों को विशेष पावर दी है।

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अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी नगर निकायों के हड़ताली कर्मचारियों तक यह संदेश तुरंत पहुंचाएं। 5 सितंबर की समय-सीमा समाप्त होने के बाद जो भी कर्मचारी अनुपस्थित पाया जाएगा, उस पर न केवल नौकरी से निलंबन (Suspension) जैसी विभागीय गाज गिर सकती है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डालने के आरोप में कानूनी मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है। सरकार के इस कदम के बाद अब हड़ताली यूनियनों और प्रशासनिक अमले के बीच खींचतान और तेज होने के आसार हैं।

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Vipin Zaildar
About the Author Vipin Zaildar

विपिन जैलदार 'विराट भारत न्यूज़' के मुख्य विशेष संवाददाता हैं। वे खोजी पत्रकारिता (Investigative Journalism), अपराध जगत (Crime Reporting), SOG एवं STF की विशेष कार्रवाइयों और हरियाणा व राजस्थान के क्षेत्रीय एवं जमीनी मुद्दों को गहराई से कवर करने में माहिर हैं। वे अपनी निडर और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। View all posts by Vipin Zaildar →

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