चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने राज्य की न्यायिक व प्रशासनिक अभियोजन प्रणाली (Prosecution System) को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से सोमवार देर रात एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। गृह विभाग (Home Department) द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार राज्य में बड़े पैमाने पर तैनात डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी (DDA) और असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी (ADA) के कार्यक्षेत्रों में व्यापक बदलाव किए गए हैं।
राज्यपाल की अंतिम संस्तुति के उपरांत जारी की गई इस स्थानांतरण सूची में 28 डीडीए सहित कुल 70 राजपत्रित कानूनी अधिकारियों को स्थानांतरित कर उनकी नई तैनाती सुनिश्चित की गई है।
औद्योगिक और प्रशासनिक गढ़ों में नए विधिक चेहरों की तैनाती
सचिवालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस फेरबदल का मुख्य केंद्र बिंदु राज्य के वे प्रमुख जिले और जोन हैं जहां कानूनी और प्रशासनिक मामले सबसे अधिक लंबित हैं। सरकार ने पंचकूला, गुरुग्राम, रोहतक, करनाल, भिवानी, हिसार, फरीदाबाद, अंबाला, कैथल, पानीपत, सिरसा, जींद, झज्जर, यमुनानगर, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, नूंह और रेवाड़ी जैसे कुल 18 से अधिक संवेदनशील और महत्वपूर्ण जिलों के कानूनी अमले में फेरबदल किया है।
महत्वपूर्ण डीडीए अधिकारियों के तबादलों का विश्लेषण
गृह विभाग की मुख्य सूची के अनुसार कई वरिष्ठ विधिक सलाहकारों और सरकारी वकीलों के विभागों को बदला गया है:
- प्रदीप (सोनीपत): इन्हें पानीपत कार्यालय से स्थानांतरित कर जिला अटॉर्नी, रोहतक के पद पर तैनात किया गया है।
- जगबीर सिंह (भिवानी): नूंह (मेवात) से बदलकर इन्हें जिला अटॉर्नी कार्यालय, गुरुग्राम की कमान सौंपी गई है।
- रमेश कुमार (फतेहाबाद) व सुरेंद्र सिंह (हिसार): इन दोनों अधिकारियों को भिवानी जिला अटॉर्नी कार्यालय में महत्वपूर्ण विधिक जिम्मेदारी दी गई है।
- संजय सुहाग: झज्जर कार्यालय से स्थानांतरित कर इन्हें नूंह (मेवात) का डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी नियुक्त किया गया है।
- सोनू चौधरी: हरियाणा रोडवेज के बेड़े से निकालकर इन्हें आईजीपी (IGP) रोहतक रेंज के कार्यालय में नई विधिक कमान सौंपी गई है।
चंडीगढ़ सचिवालय और मुख्यालयों में भी नए रणनीतिकार नियुक्त
इस व्यापक फेरबदल की आंच राजधानी चंडीगढ़ और पंचकूला स्थित राज्य स्तरीय प्रशासनिक मुख्यालयों तक पहुंची है। वरिष्ठ अधिकारी कानू शर्मा (पंचकूला) को वित्तीय आयुक्त (राजस्व न्यायालय), चंडीगढ़ के कार्यालय में अत्यंत महत्वपूर्ण विधिक पद पर भेजा गया है। वहीं नवनीत को पंचकूला स्थित अभियोजन निदेशक (सामान्य) यानी डायरेक्टर ऑफ प्रॉसिक्यूशन (General) कार्यालय में नई नियुक्ति दी गई है।
इसके अलावा मीनाक्षी भारद्वाज और नीरज कुमार को संयुक्त रूप से राज्य के सबसे बड़े कॉरपोरेट और क्राइम हब गुरुग्राम में नई न्यायिक जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं सुशील कुमार को करनाल, अखिल चौहान को अंबाला, सुधीर सिंदर और गुजेंद्र सिंह को कुरुक्षेत्र, मंगलेश शर्मा को फतेहाबाद तथा सुरेंद्र कुमार, शिव नंदन बाली और समिष्ठा को औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के विभिन्न प्रशासनिक विंगों में कानूनी सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया है।




प्रशासनिक जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ाने का प्रयास
विधिक विश्लेषकों का मानना है कि इस स्तर पर किए गए फेरबदल का मुख्य उद्देश्य गृह विभाग के अंतर्गत आने वाले विभिन्न पुलिस आईजी कार्यालयों, विजिलेंस, आबकारी एवं कराधान विभागों और संभागीय आयुक्तों के दफ्तरों में चल रहे मुकदमों की पैरवी को तेज करना है। आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी अधिकारी बिना किसी ट्रांजिट लीव के अविलंब नई जगहों पर अपना कार्यभार संभालेंगे।