जापान में आयोजित एशिया चैंपियनशिप से लौटे हरियाणा के खिलाड़ियों का सोमवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने स्वागत किया। खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में कुल 32 पदक जीतकर हरियाणा के प्रदर्शन को मजबूत बनाया। इनमें 14 स्वर्ण, 9 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल हैं।

गौरव गौतम ने खिलाड़ियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनकी प्रतियोगिता, प्रदर्शन तथा आगे की तैयारियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली यह सफलता उनकी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का परिणाम है।

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14 स्वर्ण पदकों पर मंत्री ने जताया गर्व

खेल राज्य मंत्री ने कहा कि 14 स्वर्ण पदक इस बात को दर्शाते हैं कि हरियाणा के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में केवल भाग लेने के लिए नहीं, बल्कि बेहतर प्रदर्शन और जीत के लक्ष्य के साथ उतरते हैं।

उन्होंने खिलाड़ियों की सफलता में उनके माता-पिता, प्रशिक्षकों और खेल संस्थानों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। मंत्री ने अभिभावकों और कोचों को भी बधाई दी।

गौरव गौतम ने कहा कि पदक जीतने वाले खिलाड़ियों का सम्मान और प्रोत्साहन केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज का भी दायित्व है।

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प्रशिक्षण और खेल सुविधाओं पर सरकार का जोर

मंत्री के अनुसार हरियाणा सरकार खिलाड़ियों को बेहतर डाइट, प्रशिक्षण, अच्छे कोच और आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। उनका कहना था कि प्रदेश में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत खिलाड़ियों को सही मंच और दिशा देने की है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा से निकले खिलाड़ी एशियाई और विश्व स्तर के साथ-साथ ओलंपिक प्रतियोगिताओं में भी देश के लिए अधिक पदक जीतें, सरकार इसी दिशा में खिलाड़ियों को सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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गांवों की प्रतिभाओं को आगे लाने पर जोर

गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा की खेल संस्कृति में गांवों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ग्रामीण क्षेत्रों से कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं।

उन्होंने कहा कि गांवों और छोटे शहरों में मौजूद प्रतिभाओं को समय पर बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षक उपलब्ध कराए जाएं तो आने वाले वर्षों में प्रदेश से और अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सामने आ सकते हैं।

मंत्री ने खिलाड़ियों से आगामी प्रतियोगिताओं के लिए भी इसी तरह मेहनत जारी रखने और देश के लिए पदक जीतने का आह्वान किया।