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हरियाणा के 4 लाख राशन कार्ड धारकों को बड़ी राहत: अब घर पहुंचकर होगी शिकायतों की जांच, मोबाइल ऐप से होगा वेरिफिकेशन

रेवाड़ी (विराट भारत न्यूज़): हरियाणा में परिवार पहचान पत्र (PPP) और केंद्र सरकार के डेटाबेस में आए अंतर (Mismatch) के कारण राशन कार्ड कटने की समस्या से जूझ रहे प्रदेश के करीब 4 लाख परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने राशन कार्ड में दर्ज गलत जानकारियों और कटी हुई सूचियों के समाधान के लिए एक नई और पारदर्शी व्यवस्था लागू कर दी है। अब खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर (Food Supply Inspector) खुद मौके पर जाकर परिवार की वास्तविक स्थिति का सत्यापन करेंगे और मोबाइल ऐप के जरिए त्रुटियों को ठीक करेंगे।

क्यों बंद हुआ था 4 लाख परिवारों का राशन?

नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID) और पीपीपी (PPP) के राज्य समन्वयक डॉ. सतीश खोला के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए तीन प्रमुख डेटाबेस के आधार पर कई पात्र परिवार गलती से अपात्र श्रेणी में आ गए थे:

  1. 6 महीने से राशन न उठाना या दो जगह नाम होना: ऐसे परिवार जिन्होंने पिछले छह महीने से डिपो से राशन नहीं लिया था या दो अलग-अलग जगहों से राशन प्राप्त कर रहे थे।

  2. वाहन पंजीकरण (Vehicle Registration): जिन परिवारों के नाम पर दोपहिया या चार पहिया वाहन दर्ज दिखाए गए।

  3. आयकर दाता डेटा (Income Tax Data): इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) के डेटा मिसमैच के कारण भी कई पात्र परिवारों के राशन कार्ड बंद हो गए थे।

डॉ. सतीश खोला ने स्पष्ट किया कि कई बार गाड़ियों का पुराना रिकॉर्ड अपडेट न होने या तकनीकी गड़बड़ी के कारण सही परिवार भी प्रभावित हो जाते हैं।

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ऐसे ठीक होगी गलती: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों पर लागू की गई इस नई व्यवस्था के तहत राशन कार्ड दोबारा शुरू कराने का तरीका इस प्रकार है:

[शिकायत दर्ज कराएं] ➔ [फूड इंस्पेक्टर का निरीक्षण] ➔ [मोबाइल ऐप से वेरिफिकेशन] ➔ [राशन कार्ड बहाली]
  • स्टेप 1 (शिकायत जमा करें): जिन परिवारों का राशन ऊपर दिए गए कारणों से बंद हुआ है, वे अपने नजदीकी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के लोकल इंस्पेक्टर को अपनी लिखित शिकायत और आवश्यक दस्तावेज दें।

  • स्टेप 2 (मौके पर जांच): शिकायत मिलने के बाद संबंधित फूड सप्लाई इंस्पेक्टर सीधे आवेदक के घर/मौके पर पहुंचकर उनकी वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करेंगे।

  • स्टेप 3 (डिजिटल सत्यापन): इंस्पेक्टरों को एक विशेष मोबाइल ऐप से लैस किया गया है। वे मौके पर ही दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कर रिपोर्ट ऐप पर अपलोड करेंगे।

  • स्टेप 4 (कार्ड चालू): सत्यापन सही पाए जाने पर पात्र परिवारों का राशन कार्ड तुरंत प्रभाव से रिस्टोर (बहाल) कर दिया जाएगा।

“परिवार पहचान पत्र (PPP) में ऑटोमैटिक डेटा कटने से कई गरीब और जरूरतमंद परिवार योजनाओं से वंचित हो रहे थे। अब फूड सप्लाई इंस्पेक्टरों को मोबाइल ऐप के जरिए ऑन-स्पॉट वेरिफिकेशन का अधिकार देना एक जमीनी सुधार है। इससे सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी और पात्र नागरिकों को उनका हक तुरंत मिल सकेगा।”

Priyanshi Rao

प्रियांशी यादव 'विराट भारत न्यूज़' में वरिष्ठ राजनीति एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों की विश्लेषक हैं। वे राष्ट्रीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों, संसदीय कार्यवाहियों और वैश्विक कूटनीति पर पैनी नज़र रखती हैं। उनके विश्लेषणात्मक लेख पाठकों को जटिल राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों की सरल समझ प्रदान करते हैं।

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