फतेहाबाद (क्राइम डेस्क): हरियाणा के फतेहाबाद जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले चर्चित पूर्व सरपंच राजेंद्र खिलेरी हत्याकांड में स्थानीय पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। थाना सदर फतेहाबाद पुलिस ने अपनी तफ्तीश को तेज करते हुए इस खूनी वारदात में शामिल 3 मुख्य आरोपियों को रणनीतिक घेराबंदी कर धर दबोचा है। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में हुई इन ताबड़तोड़ गिरफ्तारियों के बाद से इलाके के अन्य बदमाशों और साजिशकर्ताओं के बीच भारी खलबली मच गई है।

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खाराखेड़ी गांव के रहने वाले हैं तीनों आरोपी, आज कोर्ट में पुलिस मांगेगी कड़ा रिमांड

विराट भारत की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस की गिरफ्त में आए इन तीनों आरोपियों की पहचान विनोद गोदारा, विक्रम और जिलेसिंह के रूप में की गई है। ये तीनों आरोपी फतेहाबाद के ही अंतर्गत आने वाले गांव खाराखेड़ी के मूल निवासी बताए जा रहे हैं।

पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इन तीनों आरोपियों को आज मंगलवार 7 जुलाई 2026 को माननीय स्थानीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। सरकारी वकील और जांच अधिकारी अदालत से आरोपियों का कम से कम 5 दिनों का कड़ा पुलिस रिमांड मांगेंगे ताकि इनसे गहन पूछताछ कर हत्या के पीछे की मुख्य वजह आपसी रंजिश के कोण और वारदात में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियारों (Weapons) के मुख्य सप्लायर का पता लगाया जा सके।

रंगला पंजाब होटल के पास सरेआम गोलियां बरसाकर उतारा था मौत के घाट

गौरतलब है कि यह पूरी खौफनाक वारदात बीते शनिवार यानी 4 जुलाई को घटित हुई थी, जिसने पूरे फतेहाबाद को हिलाकर रख दिया था। पूर्व सरपंच राजेंद्र खिलेरी जब राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित रंगला पंजाब होटल के समीप मौजूद थे, तभी मोटरसाइकिल और गाड़ियों में सवार होकर आए अज्ञात बेखौफ हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दी थीं।

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इस सरेआम हुई फायरिंग में राजेंद्र खिलेरी को कई गोलियां लगीं और उन्होंने मौके पर ही तड़पकर दम तोड़ दिया था। इस दुस्साहसिक हत्याकांड के तुरंत बाद पूरे जिले में तनाव फैल गया था, जिसके बाद थाना सदर फतेहाबाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या से संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर स्पेशल टीमों का गठन किया था।

अन्य फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर पुलिस की सीक्रेट रेड जारी

फतेहाबाद जिला पुलिस कप्तान और स्थानीय थाना प्रभारी इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग खुद बेहद गंभीरता से कर रहे हैं। सदर थाना पुलिस के मुख्य जांच अधिकारी ने बताया कि विनोद गोदारा और उसके साथियों की गिरफ्तारी इस मामले की सिर्फ पहली कड़ी है।

इस हत्याकांड की साजिश रचने वाले मास्टरमाइंड और मौके पर बैकअप देने वाले कुछ अन्य सह-आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे हैं। सीआईए (CIA) और सदर पुलिस की 4 विशेष टीमें इस समय पंजाब और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में लगातार दबिश दे रही हैं। 

पुलिस का कड़ा दावा है कि तकनीकी सर्विलांस और मोबाइल लोकेशन के आधार पर बहुत जल्द बाकी बचे अपराधियों को भी सलाखों के पीछे धकेल दिया जाएगा।