रेवाड़ी (विशेष रिपोर्ट): प्रदेश की तथाकथित ‘हाईटेक’ जिला जेल की चारदीवारी के भीतर सुरक्षा दावों की धज्जियां उड़ गईं। मामला केवल बैरक का दरवाजा पहले खोलने जैसी मामूली सी दिखने वाली जिद का था जिसने मिनटों में हिंसक रूप ले लिया। जेल के ब्लॉक नंबर 2 और 3 का गेट जैसे ही खुला, बंदियों के दो कुख्यात गुट आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते लात-घूंसे और थप्पड़ चलने लगे, जिसमें लगभग एक दर्जन हवालाती घायल हुए हैं।
इस पूरे बवाल का मुख्य केंद्र बिंदु रहा माजरा गांव का विवादित सरपंच रविंद्र उर्फ हाथी और दूसरी तरफ रोशन का गुट। दोपहर करीब 3 बजे जब रूटीन गिनती (रोल कॉल) के लिए बैरक खोले गए तभी दोनों पक्षों में गाली-गलौज शुरू हुई और बात खूनी झड़प तक पहुंच गई।
जेल गार्ड्स को करना पड़ा हल्का बल प्रयोग
घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्थिति पर काबू पाने के लिए जेल सुरक्षाकर्मियों को बल प्रयोग करना पड़ा।
-
घायलों का मेडिकल जांच: प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल रोशन, वेदप्रकाश और इन्द्र को पुलिस एस्कॉर्ट के साथ तुरंत नागरिक अस्पताल भेजा गया।
-
चोटों का ब्योरा: पुलिस को सौंपी गई मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, हवालाती इन्द्र के शरीर पर 4, रोशन पर 3 और वेदप्रकाश पर 2 जगह गंभीर चोटों के निशान मिले हैं।
जेल के उप-सहायक अधीक्षक परमिंद्र भारद्वाज की लिखित शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सरपंच रविंद्र हाथी, सचिन, दीपक, तरुण, साहिल समेत9 नामजद और कई अन्य बंदियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
जेल के अंदर क्यों भड़की आग?
यह सिर्फ एक जेल की झड़प नहीं है बल्कि इसके तार बाहर चल रही पुरानी गैंगवार और निजी रंजिश से जुड़े हैं।
-
पुरानी दुश्मनी का साया: माजरा के सरपंच रविंद्र हाथी का नाम इस साल की शुरुआत में भालखी के सरपंच प्रतिनिधि सुरेंद्र उर्फ धौलिया पर हुए कातिलाना हमले में आया था।
-
26 जनवरी का चर्चित हमला: गणतंत्र दिवस के दिन माजरा फ्लाईओवर के पास धौलिया पर ताबड़तोड़ हमला हुआ था जिसमें उसकी एक टांग कट गई थी। इस मामले में पुलिस ने रविंद्र हाथी समेत 13 से अधिक आरोपियों को जेल भेजा था।
-
वर्चस्व की लड़ाई: बाहर की यही रंजिश और जेल के अंदर ‘कौन पहले निकलेगा’ का दबदबा दिखाने की होड़ ने बैरक नंबर 2 और 3 को अखाड़ा बना दिया।
जांच अधिकारी उपनिरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि घायलों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और जेल परिसर का मौका-मुआयना कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।




