सोमवार, 24 अगस्त 2026

Haryana Weather Live: अंबाला से लेकर हिसार तक बदला मौसम का मिजाज, मानसून ट्रफ एक्टिव होने से कई इलाकों में सुबह से बादलों का डेरा

Written by: Dharmendra Acharya

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हरियाणा के 13 जिलों में आज बारिश का येलो अलर्ट। 9 जुलाई तक रुक-रुक कर आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा। हवाओं की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। शनिवार को भी प्रदेश के 9 जिलों में दर्ज की गई वर्षा।


हिसार/चंडीगढ़ (मौसम डेस्क): हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से सुस्त पड़ा मानसून अब एक बार फिर पूरी ताकत के साथ करवट लेने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार 5 जुलाई 2026 की सुबह राज्य के मौसम को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा बुलेटिन जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही अत्यधिक नम हवाओं और पहाड़ी राज्यों में हो रही भारी बर्फबारी व बारिश के कारण उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में एक बहुत ही मजबूत वेदर सिस्टम एक्टिव हो गया है। इस बदलाव के चलते आज तड़के से ही प्रदेश के अधिकांश जिलों में ठंडी हवाएं चल रही हैं और आसमान में काले बादलों का आना-जाना शुरू हो चुका है।

इन 13 जिलों के लोग रहें सावधान, छाए रहेंगे घने काले बादल

विराट भारत के मौसम ब्यूरो प्रमुख धर्मेंद्र आचार्य की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, मौसम विभाग ने आज जिन 13 जिलों के लिए विशेष तौर पर कड़ा येलो अलर्ट जारी किया है, उनमें पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक और पानीपत शामिल हैं।
इन सभी इलाकों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने (Lightning Strike) की भारी आशंका जताई गई है। इसके विपरीत राजस्थान की सीमा से सटे सिरसा, हिसार और फतेहाबाद जैसे जिलों में शनिवार को तेज धूप निकलने के कारण उमस का स्तर 85 प्रतिशत के पार चला गया था जिससे लोग पसीने से तर-बतर थे लेकिन आज दोपहर बाद इन पश्चिमी क्षेत्रों में भी 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने और गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की पूरी संभावना बनी हुई है।

9 जुलाई तक ऐसा ही रहेगा मौसम, तापमान में आएगी रिकॉर्ड गिरावट

चंडीगढ़ मौसम केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों का कहना है कि हरियाणा में प्री-मानसून की विदाई और मुख्य मानसून की यह सक्रियता केवल आज तक ही सीमित नहीं रहने वाली है। आने वाली 6 जुलाई से लेकर 9 जुलाई तक पूरे प्रदेश में मानसूनी हवाओं की रफ्तार और अधिक भीषण होने की संभावना है।
इस दौरान राज्य के लगभग सभी छोटे-बड़े शहरों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं। लगातार होने वाली इस मानसूनी बारिश के कारण प्रदेश का अधिकतम तापमान जो पिछले कुछ दिनों से 39 से 42 डिग्री के आसपास बना हुआ था वह अचानक लुढ़ककर 32 से 34 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ जाएगा। इससे आम जनता को उमस वाली चिपचिपी गर्मी से पूरी तरह से परमानेंट निजात मिल जाएगी।

किसानों के लिए अमृत बनी यह बारिश, धान की रोपाई में आएगी भारी तेज़ी

यह मानसूनी बारिश हरियाणा की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। जून के आखिरी हफ्ते में बारिश न होने और भयंकर धूप के कारण कपास (नरमा) की फसल में कीड़े लगने का खतरा पैदा हो गया था और जिन किसानों के पास खुद के ट्यूबवेल नहीं थे, उनकी धान की बिजाई पूरी तरह से रुकी हुई थी।
लेकिन मौसम विभाग की इस ताज़ा और सटीक भविष्यवाणी के बाद सिरसा, फतेहाबाद, जींद और कैथल के ग्रामीण इलाकों में रौनक लौट आई है। किसानों ने खेतों में यूरिया खाद और रोपाई का काम युद्धस्तर पर तेज कर दिया है।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को विशेष सलाह दी है कि वे खराब मौसम और खेतों में काम करते समय आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों, लोहे के ट्रैक्टरों या बड़े पेड़ों के नीचे जाने से बचें और मौसम साफ होने पर ही कीटनाशकों का छिड़काव करें।

 
Dharmendra Acharya
लेखक के बारे में Dharmendra Acharya

धर्मेंद्र आचार्य 'विराट भारत न्यूज़' में मुख्य कृषि एवं मौसम संपादक हैं। वे आधुनिक कृषि तकनीकों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy), मौसम विज्ञान, फसलों के वैज्ञानिक प्रबंधन और मंडियों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की सटीक रिपोर्टिंग करते हैं। वे भारतीय किसानों और ग्रामीण भारत की आवाज़ को मजबूती से उठाते हैं। View all posts by Dharmendra Acharya →

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