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हरियाणा वोटर लिस्ट में बड़ा फेरबदल! 33 लाख नाम होंगे डिलीट; जानें कहीं आपका नाम तो नहीं छूटा?

चंडीगढ़ (न्यूज़ डेस्क) विराट भारत: हरियाणा में आगामी चुनावों से पहले चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को पूरी तरह से पारदर्शी और साफ़-सुथरा बनाने के लिए अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन क्लीन-अप पूरा कर लिया है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के पहले चरण के जो आंकड़े सामने आए हैं वे न सिर्फ चौंकाने वाले हैं बल्कि राज्य की लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव लाने वाले हैं।

राज्यभर में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने चिलचिलाती धूप और विपरीत परिस्थितियों के बीच घर-घर जाकर सत्यापन अभियान चलाया। आयोग के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक राज्य के कुल मतदाताओं में से करीब 83.61 प्रतिशत यानी लगभग 1.72 करोड़ मतदाताओं ने अपने गणना प्रपत्र (Enumeration Forms) बीएलओ को सौंप दिए हैं। लेकिन इस पूरी कवायद का सबसे अहम पहलू उन नामों का सामने आना है जो सालों से सिर्फ कागज़ों में सिमटे हुए थे।

33 लाख से ज़्यादा ‘फर्जी’ और ‘अमान्य’ वोटों पर गिरेगी गाज

डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन के दौरान चुनाव आयोग की टीमों ने जब पड़ताल की तो 33 लाख से अधिक ऐसे मामले पकड़े गए जो मतदाता सूची की शुद्धता पर सवाल खड़े कर रहे थे:

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  • लापता/स्थानांतरित वोटर: करीब 24.13 लाख मतदाता ऐसे पाए गए, जो अपने पंजीकृत पते पर मौजूद ही नहीं थे। इनमें से अधिकांश लोग पलायन कर चुके हैं या उनका पता बदल चुका है। नियमों के तहत अब इनके नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाएंगे।

  • मृत मतदाताओं की संख्या: जांच में 7.66 लाख मतदाता ऐसे मिले, जिनकी मृत्यु हो चुकी है लेकिन उनका नाम अब भी मतदाता सूची में दर्ज था।

  • डुप्लीकेट एंट्री: तकनीक और ज़मीनी जांच के ज़रिए 2.04 लाख ऐसे डबल वोटर पकड़े गए जिनके नाम एक से ज़्यादा बूथों या क्षेत्रों की वोटर लिस्ट में शामिल थे।

चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस महा-अभियान का मकसद केवल नए युवाओं के नाम जोड़ना नहीं था बल्कि फर्जी, मृत और डुप्लीकेट प्रविष्टियों को छांटकर एक ऐसा डाटाबेस तैयार करना है जिस पर हर नागरिक और राजनीतिक दल भरोसा कर सके।

क्या आपका नाम छूट गया है? 

जिन नागरिकों का फॉर्म जमा नहीं हो सका है या जिनका नाम किसी वजह से छूट गया है उन्हें घबराने या परेशान होने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है। आयोग ने आम जनता को राहत देते हुए 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक दावे और आपत्तियां (Claims and Objections) दर्ज कराने का विशेष विंडो खोला है।

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इस एक महीने की अवधि के दौरान कोई भी पात्र नागरिक आवश्यक पहचान दस्तावेजों के साथ:

  1. नया नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है।

  2. मतदाता सूची में गलत पते या नाम में संशोधन करवा सकता है।

  3. किसी अमान्य या फर्जी नाम को हटवाने के लिए आपत्ति दर्ज करा सकता है।

Vipin Zaildar

विपिन जैलदार 'विराट भारत न्यूज़' के मुख्य विशेष संवाददाता हैं। वे खोजी पत्रकारिता (Investigative Journalism), अपराध जगत (Crime Reporting), SOG एवं STF की विशेष कार्रवाइयों और हरियाणा व राजस्थान के क्षेत्रीय एवं जमीनी मुद्दों को गहराई से कवर करने में माहिर हैं। वे अपनी निडर और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

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